फिल्म जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली अभिनेत्री अंजलि आनंद के लिए बॉलीवुड का सफर कभी भी आसान नहीं रहा है। उन्होंने फिल्ममेकर करण जौहर की चर्चित मूवी ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ से बड़े पर्दे पर अपनी धमाकेदार शुरुआत की थी, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने से पहले उन्हें बेहद कड़े संघर्षों का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक खास बातचीत के दौरान उन्होंने अपने जीवन के उन कठिन पलों पर खुलकर बात की जब वह अभिनय की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कहकर देश छोड़कर जाने का मन बना चुकी थीं। उनके इस खुलासे ने उनके प्रशंसकों को चौंका दिया है।
फराह खान के व्लॉग में बयां किया संघर्ष
प्रसिद्ध फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान के व्लॉग में बातचीत करते हुए अंजलि आनंद ने अपने करियर के सबसे बुरे दौर को याद किया। जब फराह खान ने उनसे रणवीर सिंह और आलिया भट्ट जैसे बड़े सितारों से सजी इस फिल्म में काम मिलने के बारे में पूछा, तो अंजलि की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि किस तरह कास्टिंग डायरेक्टर अक्सर कलाकारों के शरीर के वजन को लेकर अजीब शर्तें रखते हैं, जिससे तंग आकर उन्होंने एक्टिंग का सपना तक त्यागने का फैसला कर लिया था। साल 2020 का वह दौर उनके लिए मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद कष्टदायक था।
कोरोना काल और खत्म होती जमापूंजी
अपने मुश्किल दिनों को याद करते हुए अंजलि ने साझा किया कि साल 2020 उनकी जिंदगी का सबसे काला अध्याय साबित हुआ था। उस वक्त दुनिया भर में महामारी और लॉकडाउन का साया था, जिसके चलते मनोरंजन उद्योग का कामकाज ठप पड़ चुका था। उन्हें किसी भी प्रोजेक्ट के लिए काम नहीं मिल रहा था और उनकी सारी बचत महज छह महीनों के भीतर ही पूरी तरह समाप्त हो गई थी। हालात इतने बदतर हो चुके थे कि उन्हें लगा कि अब भारत में उनका कोई भविष्य नहीं बचा है और उन्हें विदेश चले जाना चाहिए।
शानू शर्मा के एक मैसेज से पलटी किस्मत
जब अंजलि ने अभिनय की दुनिया से मुंह मोड़ने का मन बना लिया था, ठीक उसी वक्त उनकी जिंदगी में एक अप्रत्याशित मोड़ आया। उन्होंने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ गोवा की यात्रा पर थीं, तभी उनके फोन पर कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा का एक मैसेज आया जिसने सब कुछ बदलकर रख दिया। दिलचस्प बात यह है कि वही शानू शर्मा पहले उनसे लगातार अपना वजन घटाने की बात कहा करती थीं। गोवा की उस ट्रिप के दौरान मिले उस एक संदेश ने अभिनेत्री के करियर को पुनर्जीवित कर दिया और उन्हें करण जौहर के ऑफिस से बुलावा आ गया।
मां के ताने और ऑडिशन का दिलचस्प वाकया
जब अंजलि को करण जौहर से मिलने का आमंत्रण मिला, तो उनकी अपनी मां को भी इस बात पर भरोसा नहीं हुआ। उनकी मां ने तंज कसते हुए कहा था कि भला कोई इतने बड़े फिल्ममेकर से मिलने के लिए उन्हें क्यों बुलाएगा। इसके बावजूद जब अंजलि ऑडिशन के लिए पहुंचीं, तो करण जौहर उनकी तस्वीरें और अभिनय कौशल देखकर बेहद प्रभावित हुए। उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत फिल्म के लिए चुन लिया गया, जिससे उनके संघर्ष भरे दिनों का आखिरकार एक सुखद अंत हुआ।
दिनेश आनंद की बेटी होने के बावजूद संघर्ष
यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि अंजलि आनंद जाने-माने अभिनेता दिनेश आनंद की बेटी हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें इंडस्ट्री में भाई-भतीजावाद या किसी प्रकार की आसानी का लाभ नहीं मिला। उन्हें अपनी मेहनत के दम पर हर एक कदम बढ़ाना पड़ा। साल 2021 में रिलीज हुई अक्षय कुमार की फिल्म ‘बेल बॉटम’ में भी उन्होंने अभिनय किया था, हालांकि उस भूमिका के लिए उन्हें क्रेडिट तक नहीं दिया गया था। उन्होंने एक इंटरव्यू में मजाकिया अंदाज में बताया था कि उस मूवी में उनका किरदार सिर्फ इतना था कि एक आतंकवादी उनके ऊपर गिरता है और पकड़ा जाता है।
टीवी से लेकर बड़े पर्दे तक का सफर
बड़े पर्दे पर साल 2023 में आई फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ से उन्हें असली पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने लोकप्रिय कॉमेडी फ्रेंचाइजी ‘धमाल 4’ में भी काम किया, हालांकि उन्होंने हंसते हुए बताया कि उनकी मां ने इस फिल्म को सिर्फ एक बार देखने लायक ही बताया था। फिल्मों से पहले अंजलि टेलीविजन का एक बेहद लोकप्रिय चेहरा रह चुकी हैं। उन्होंने साल 2017 में ‘ढाई किलो प्रेम’ और ‘अनटैग’ जैसे धारावाहिकों में काम किया और 2018 में ‘कुल्फी कुमार बाजेवाला’ में मुख्य भूमिका निभाई। इसके अलावा वह ‘खतरों के खिलाड़ी 13’ और ‘झलक दिखला जा 11’ जैसे बड़े रियलिटी शो का भी हिस्सा रह चुकी हैं।



















