असम के डिब्रूगढ़ स्थित बोगीबील में प्रस्तावित नदी लाइटहाउस की स्थापना को गति देने के लिए एक अहम संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस विस्तृत तकनीकी मुआयने में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, दीपगृह और दीपपोत महानिदेशालय के प्रतिनिधि और ईपीसी निर्माण एजेंसी के विशेषज्ञ शामिल हुए। निरीक्षण दल ने परियोजना के लिए चुनी गई भूमि की उपयुक्तता जांची और निर्माण कार्य शुरू करने से जुड़े विभिन्न इंजीनियरिंग और जमीनी पहलुओं पर आपसी तालमेल बैठाया।
राष्ट्रीय जलमार्ग-2 पर सुरक्षा तंत्र को मजबूती
इस पूरी पहल का प्राथमिक लक्ष्य ब्रह्मपुत्र नदी पर नौवहन के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना है। राष्ट्रीय जलमार्ग-2 के तौर पर चिन्हित इस जलमार्ग पर मालवाहक जहाजों, नौकाओं और यात्री जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मजबूत नेविगेशन तंत्र बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने परियोजना की योजना, डिजाइन और जमीनी विकास से जुड़ी बारीकियों का गहन विश्लेषण किया ताकि निर्माण के दौरान किसी भी तकनीकी अड़चन से बचा जा सके।
देश के अंतर्देशीय जलमार्गों के इतिहास में यह पहला अवसर है जब नदियों के किनारे आधुनिक लाइटहाउस खड़े किए जा रहे हैं। इसी साल मार्च के महीने में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ब्रह्मपुत्र के दोनों तटों पर कुल चार नदी लाइटहाउस बनाने की आधारशिला रखी थी। इन लाइटहाउसों के तैयार होने के बाद असम में जल परिवहन नेटवर्क कहीं अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।
तकनीकी क्षमता और चयनित स्थल
ब्रह्मपुत्र नदी पर बनने वाले प्रत्येक लाइटहाउस की कुल ऊंचाई 20 मीटर निर्धारित की गई है। पर्यावरण के अनुकूल दृष्टिकोण अपनाते हुए इन्हें पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा। तकनीकी रूप से इन केंद्रों की भौगोलिक सीमा 14 समुद्री मील होगी, जबकि इनकी प्रकाश किरणें 8 से 10 समुद्री मील की दूरी तक स्पष्ट दिखाई देंगी।
बोगीबील के अलावा तीन अन्य प्रमुख स्थानों को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है। नदी के दक्षिणी तट पर कामरूप मेट्रो जिले का पांडु और नगांव जिले का सिलघाट शामिल हैं। वहीं ब्रह्मपुत्र के उत्तरी तट पर बिश्वनाथ जिले के बिश्वनाथ घाट को इस ऐतिहासिक परियोजना के लिए चुना गया है।
पर्यटन और मनोरंजन के प्रमुख केंद्र
नदी के किनारे बनने वाले ये लाइटहाउस केवल जहाजों के मार्गदर्शन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हें प्रमुख पर्यटन आकर्षणों के रूप में विकसित किया जा रहा है। हर लाइटहाउस स्थल पर एक आधुनिक संग्रहालय, ओपन एयर एम्फीथिएटर, कैफेटेरिया और बच्चों के लिए खेल क्षेत्र तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वहां स्थानीय हस्तशिल्प की दुकानों के साथ-साथ सुव्यवस्थित सार्वजनिक पार्क और हरियाली वाले खुले स्थान भी बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को नया संबल मिलेगा।



















