असम में जारी भीषण बाढ़ संकट के बीच स्टैंडअप कॉमेडियन और कंटेंट क्रिएटर समय रैना राहत कार्यों की सहायता के लिए आगे आए हैं। उन्होंने राज्य में प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से असम मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 लाख रुपये की राशि दान की है। उत्तर-पूर्वी राज्य में आई इस मानवीय विभीषिका के समय में किए गए इस आर्थिक सहयोग के बाद सोशल मीडिया पर समय रैना के कदम की व्यापक सराहना हो रही है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जताया आभार
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बैंक ट्रांसफर की एक तस्वीर साझा करते हुए इस योगदान की जानकारी दी। उन्होंने मुश्किल घड़ी में राज्य के राहत अभियानों के लिए दिए गए इस सहयोग पर समय रैना का धन्यवाद व्यक्त किया। समय रैना के अलावा मनोरंजन जगत की अन्य हस्तियां भी बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटी हुई हैं। इनमें अभिनेत्री भूमि पेडनेकर और अभिनेता रणदीप हुड्डा का नाम शामिल है, जो प्रभावित इलाकों में जमीनी स्तर पर राहत सामग्री वितरित करने और लोगों की सहायता करने का काम कर रहे हैं।
'इंडियाज गॉट लेटेंट' विवाद और दर्ज FIR की पृष्ठभूमि
यह आर्थिक योगदान इसलिए भी अधिक ध्यान खींच रहा है क्योंकि कुछ समय पहले समय रैना और असम प्रशासन के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। समय रैना के लोकप्रिय यूट्यूब शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' पर अनुचित सामग्री परोसने और अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप लगे थे। उस दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शो की भाषा और विषय-वस्तु की सख्त आलोचना की थी। इसके बाद गुवाहाटी पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए समय रैना, डिजिटल क्रिएटर रणवीर इलाहाबादिया और कई अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी।
प्रशंसकों ने की केस रद्द करने की अपील
जैसे ही मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक अकाउंट से समय रैना का आभार व्यक्त करते हुए पोस्ट किया, इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। समय रैना के प्रशंसकों और कई अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने उसी पोस्ट के नीचे टिप्पणी करना शुरू कर दिया। उपयोगकर्ताओं का कहना है कि संकट की इस घड़ी में कॉमेडियन ने आगे बढ़कर बड़ी आर्थिक मदद की है, जिसे देखते हुए प्रशासन को उनके खिलाफ दर्ज पुरानी FIR वापस ले लेनी चाहिए। कई समर्थकों ने लिखा कि मुश्किल समय में राज्य के नागरिकों के साथ खड़े होने वाले व्यक्ति के प्रति सहानुभूति दिखाई जानी चाहिए।
राज्य में बाढ़ से बिगड़े हालात और नुकसान का आंकड़ा
असम में बाढ़ का कहर लगातार जारी है और परिस्थितियां अत्यंत गंभीर बनी हुई हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 13 से अधिक जिलों में 1.55 लाख से ज्यादा लोग इस प्राकृतिक आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। राज्य में इस बाढ़ के चलते अब तक 98 लोगों की जान जा चुकी है। भौगोलिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट जिले सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं, जहां सड़कें, कृषि भूमि और मकान पानी में डूब चुके हैं। ऐसे कठिन समय में हस्तियों द्वारा की जा रही मदद बाढ़ पीड़ितों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है।



















