सिनेमा जगत के इतिहास में कई ऐसी फिल्में और उनके गीत दर्ज हैं, जो समय की सीमाओं से परे जाकर दशकों बाद भी दर्शकों के दिलों में जिंदा रहते हैं। ऐसा ही एक बेहद लोकप्रिय और रोमांटिक गीत छह दशक पहले पर्दे पर आया था, जो आज भी संगीतप्रेमियों की जुबान पर रहता है। इस गाने की खासियत यह है कि यह आज भी लोगों के बीच अपने पार्टनर को मनाने का एक अचूक जरिया माना जाता है।
फिल्म और गानों की जबरदस्त सफलता
वर्ष 1965 में रिलीज हुई फिल्म 'हिमालय की गोदी में' बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी हिट साबित हुई थी। इस फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में जाने-माने अभिनेता मनोज कुमार और अभिनेत्री माला सिन्हा नजर आए थे। पर्दे पर दोनों की जोड़ी और उनकी शानदार केमिस्ट्री को दर्शकों ने बेहद सराहा था। हालांकि फिल्म की कहानी और अभिनय अपनी जगह खास थे, लेकिन इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी यूएसपी इसके गाने बने, जिन्होंने उस दौर में तहलका मचा दिया था।
चांद सी महबूबा गाने का जादू
इस फिल्म का एक विशेष गाना 'चांद सी महबूबा हो मेरी' उस दौर में लोगों के बीच दीवानगी की हद तक लोकप्रिय हुआ था। इस गीत की लोकप्रियता का आलम यह है कि आज भी लोग अपनी नाराज जीवनसंगिनी या पत्नियों को मनाने के लिए इसी गाने का सहारा लेते हैं। इस सदाबहार रचना को महान पार्श्व गायक मुकेश ने अपनी जादुई आवाज से सजाया था, जिससे यह हमेशा के लिए अमर हो गया।
दिग्गज कलाकारों का बेहतरीन योगदान
इस यादगार गीत को परवान चढ़ाने में उस दौर के दिग्गज संगीतकारों और गीतकारों का अहम योगदान रहा है। गाने के दिल को छू लेने वाले बोल प्रसिद्ध गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे, जो सीधे सुनने वालों के दिल में उतर जाते हैं। वहीं, इस धुन को संगीतबद्ध संगीतकार जोड़ी कल्याणजी आनंदजी ने किया था, जिनका संगीत आज भी कानों में मिश्री घोल देता है। इन सभी कलाकारों के मिले-जुले प्रयासों ने इस गाने को भारतीय सिनेमा का एक अनमोल रत्न बना दिया है।



















