पलामू के खेतों में स्ट्रॉबेरी की नई बहार, कम बारिश वाले इलाके में किसान कमा सकते हैं तगड़ा मुनाफाघरेलू पौधों के लिए प्याज के छिलकों से बनाएं लिक्विड खाद और मल्चिंग, जानिए आसान विधिबोस्टन में जुटेगा स्टार्टअप जगत, फाउंडर समिट 2026 की तारीखों और टिकट दरों की घोषणाअनंत चतुर्दशी की पूजा में 14 गांठों के धागे का महत्व और उपवास की जरूरी सावधानियांडॉक्टर हू की मशहूर कहानी द शैतान पिट अब बड़े पर्दे पर, अनसीन फुटेज के साथ रिलीज होगी एक्सटेंडेड फिल्मएशियाई खेलों में भारतीय दल का जलवा, पदकों की संख्या 17 तक पहुंचीकनाडा की जनसंख्या में 0.5 प्रतिशत की बढ़त, मंदी की आशंका घटी लेकिन वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल जारीहर प्राइवेट हेल रिव्यू (2026): निकोलस वाइंडिंग रेफन का खूबसूरत मगर उबाऊ सिनेमाई भटकावअमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों से डॉलर में उछाल, यूरो और प्रमुख मुद्राओं पर बढ़ा दबावकद को लंबा और फिगर को संतुलित दिखाने के लिए अपनी शारीरिक बनावट के अनुसार ऐसे चुनें सही कुर्ती
बचपन में टीवी देखने पर पड़ोसियों ने भगाया था, भारती सिंह ने सुनाई अपने पुराने दिनों की दास्तानमनोरंजन
24 सित॰ 2026, 10:59 pm (5 मिनट पहले)· 0

बचपन में टीवी देखने पर पड़ोसियों ने भगाया था, भारती सिंह ने सुनाई अपने पुराने दिनों की दास्तान

भारती सिंह ने अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि बचपन में उनके पास टीवी नहीं था और पड़ोसियों के घर जाने पर उन्हें डांटकर निकाल दिया जाता था.

मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह ने मनोरंजन जगत में अपनी खास पहचान बनाने से पहले जीवन में कड़े इम्तिहान देखे हैं. आज भले ही वह छोटे पर्दे का एक बेहद लोकप्रिय चेहरा बन चुकी हैं, लेकिन उनका शुरुआती सफर आसान नहीं रहा. हाल ही में अपने गेम शो के एक नए एपिसोड के दौरान उन्होंने 90 के दशक से जुड़ी अपनी एक पुरानी और दिलचस्प याद साझा की. उन्होंने बताया कि बचपन के दिनों में जब उनके अपने घर में टेलीविजन सेट नहीं था, तब टीवी देखने की चाहत में उन्हें किस तरह की परिस्थितियों से गुजरना पड़ता था.

पड़ोसियों के घर टीवी देखने पर झेलनी पड़ती थी बेरुखी

भारती सिंह ने 'द इंडियन गेम शो विद भारती एंड हर्ष' में पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि उस दौर में मोहल्ले के बहुत कम घरों में टेलीविजन हुआ करता था. ऐसे में पड़ोस के घर जाकर कार्यक्रम देखना आम बात थी, लेकिन वहां का अनुभव हमेशा सुखद नहीं रहता था. जब भी वह टीवी देखने की उम्मीद लेकर पड़ोसी के दरवाजे पहुंचती थीं, तो अक्सर उन्हें वहां से लौटा दिया जाता था. लोग स्क्रीन के आगे पर्दा गिरा देते थे ताकि कोई बाहर से न देख सके. इसके साथ ही उन्हें यह कहकर भगा दिया जाता था कि घर जाओ, क्या तुम्हें पढ़ाई नहीं करनी है.

ये भी पढ़ें

पुराने तानों को बनाया आगे बढ़ने की ताकत

भारती ने इस कड़वे अनुभव को बेहद हल्के-फुल्के और मजाकिया लहजे में याद किया. उन्होंने कहा कि वह उन पड़ोसियों का शुक्रिया अदा करना चाहती हैं जिन्होंने उन्हें अपने घर से बाहर निकाला था. भारती के मुताबिक, उस दौर की बेरुखी और तानों ने ही उनके भीतर कुछ बड़ा करने की जिद पैदा की. उसी अपमान की वजह से उन्होंने दिन-रात मेहनत करने की ठानी, जिसका नतीजा यह निकला कि आज वह खुद टीवी की दुनिया पर राज कर रही हैं. मंच पर मौजूद दर्शक और मेहमान उनकी इस बात को सुनकर मुस्कुराए बिना नहीं रह सके.

शो का प्रारूप और दर्शकों का मनोरंजन

भारती सिंह अक्सर अपने संघर्ष भरे दिनों की बातें खुलकर करती हैं, जिससे कई लोगों को जीवन में आगे बढ़ने का हौसला मिलता है. जिस मंच पर उन्होंने यह किस्सा सुनाया, वह 'द इंडियन गेम शो विद भारती एंड हर्ष' एक मनोरंजक गेम शो है. इस शो में कई जाने-माने सितारे हिस्सा लेते हैं और अलग-अलग तरह की दिलचस्प चुनौतियों का सामना करते हैं. इसमें शारीरिक फुर्ती, हास्य और हुनर पर आधारित विभिन्न खेल आयोजित किए जाते हैं. मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार दिए जाते हैं, जबकि खेल में पीछे रह जाने वाले कंटेस्टेंट्स को मजाकिया सजाएं भुगतनी पड़ती हैं.

सवाल-जवाब

भारती सिंह ने बचपन से जुड़ा कौन सा किस्सा साझा किया?
भारती ने बताया कि बचपन में उनके घर टीवी नहीं था, और जब वह पड़ोसियों के यहां देखने जाती थीं, तो वे पर्दा गिराकर उन्हें डांटकर भगा देते थे.
भारती सिंह ने किस शो में अपने पुराने दिनों को याद किया?
उन्होंने 'द इंडियन गेम शो विद भारती एंड हर्ष' के एक एपिसोड में 90 के दशक की इन यादों को ताजा किया.
भारती सिंह ने अपने पड़ोसियों का धन्यवाद क्यों किया?
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि पड़ोसियों के घर से निकाले जाने की वजह से ही उन्होंने इतनी मेहनत की और आज खुद टीवी पर नजर आ रही हैं.
'द इंडियन गेम शो विद भारती एंड हर्ष' किस तरह का कार्यक्रम है?
यह एक मनोरंजक गेम शो है जिसमें सेलिब्रिटीज शारीरिक, हास्य और हुनर पर आधारित मजेदार खेलों और चुनौतियों में मुकाबला करते हैं.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp