बॉलीवुड में जब भी सुंदरता और फिटनेस की बात आती है, तो अक्सर पतली कमर और दुबली-पतली काया को ही मुख्य पैमाना मान लिया जाता रहा है। आज के दौर में दिशा पाटनी, मलाइका अरोड़ा, कैटरीना कैफ और शिल्पा शेट्टी जैसी तमाम अभिनेत्रियां जिम में पसीना बहाकर अपने एब्स और टोंड फिजीक से यह साबित करती हैं कि मस्कुलर और ताकतवर होना ही असली फिटनेस है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा समय भी था जब हिंदी सिनेमा में सिर्फ नाजुक नैन-नक्श और गोरी त्वचा वाली अभिनेत्रियों का ही बोलबाला था। उस दौर में एक सांवली और एथलेटिक अभिनेत्री ने कदम रखा और पूरी इंडस्ट्री की परिभाषा ही बदलकर रख दी। जब महिलाओं के गठीले शरीर को मर्दाना कहकर उनका मजाक उड़ाया जाता था, तब उसी अभिनेत्री ने बॉलीवुड में फिटनेस की नई नींव रखी थी।
बिपाशा बसु ने बदला था खूबसूरती का पैमाना
यह और कोई नहीं बल्कि अपनी अदाओं और फिटनेस से लाखों दिलों पर राज करने वाली बंगाली सुंदरी बिपाशा बसु हैं। उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी फिटनेस यात्रा, बॉडी शेमिंग के अनुभवों और ग्लैमर इंडस्ट्री में बढ़ती उम्र के दबाव पर खुलकर अपने विचार रखे हैं। बिपाशा ने याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने साल 2000 के दशक की शुरुआत में अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी, तब हिंदी सिनेमा में सांवले रंग, लंबे कद और मस्कुलर बॉडी वाली अभिनेत्रियों की कोई डिमांड नहीं थी। उस समय सिर्फ फेयर और डेलिकेट लुक वाली अभिनेत्रियों को ही हीरोइन के रूप में स्वीकार किया जाता था, जिसके कारण उनका लुक भीड़ से बिल्कुल अलग और हटकर था।
सेल्फ लव और अंदरूनी सेहत का पाठ
राज फिल्म से अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री ने बताया कि उस दौर में ज्यादा मसल टोन वाली महिलाओं को पर्दे पर स्वीकार करना आसान नहीं था। उनका मानना है कि उन्होंने ही हिंदी सिनेमा में इस ट्रेंड की शुरुआत की और लोगों को खुद से प्यार करने यानी सेल्फ लव का पाठ पढ़ाया। उन्हें यह गहराई से अहसास हुआ कि फिटनेस सिर्फ बाहरी रूप से अच्छा दिखने का जरिया नहीं है, बल्कि यह शरीर की अंदरूनी सेहत के लिए भी बेहद जरूरी है। उनके द्वारा शुरू किए गए इस फिटनेस ट्रेंड से प्रेरित होकर बाद में कई महिलाओं ने एक्सरसाइज करना और अपनी सेहत का ख्याल रखना शुरू किया। हालांकि, उन्होंने यह चिंता भी जताई कि आज के समय में लोग केवल शारीरिक सुंदरता के लिए वर्कआउट कर रहे हैं या फिर वाकई सेहत के प्रति जागरूक हैं, यह एक संशय का विषय है।
उम्र बढ़ने के दबाव पर बेबाक राय
ग्लैमर की दुनिया में उम्र के बढ़ने को अक्सर एक बड़े अभिशाप या पाप की तरह देखा जाता है, लेकिन बिपाशा इस सोच से बिल्कुल इत्तेफाक नहीं रखती हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी उम्र के इस पड़ाव पर खुद को अपनी 20 साल की उम्र की तुलना में कहीं अधिक पसंद करती हैं। बाकी लोग क्या सोचते हैं या क्या कर रहे हैं, यह उनका निजी फैसला हो सकता है, लेकिन वे कभी भी अपनी उम्र से कम दिखने के किसी भी दबाव में नहीं आएंगी। उन्हें अपनी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया से बेहद खुशी है और अपनी इस यात्रा पर गर्व महसूस होता है।
मृणाल ठाकुर के पुराने वायरल वीडियो का विवाद
बिपाशा बसु की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ समय पहले अभिनेत्री मृणाल ठाकुर का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। यह वीडियो मृणाल के लोकप्रिय टीवी शो कुमकुम भाग्य के दिनों का था, जिसमें वे अपने सह-कलाकार अर्जीत तनेजा के साथ पार्टनर की पसंद को लेकर बातचीत कर रही थीं। उस बातचीत के दौरान मृणाल ने बिपाशा की बॉडी का जिक्र करते हुए एक टिप्पणी की थी जिसमें उन्होंने मसल्स वाली और मर्दाना दिखने जैसी बातों का इस्तेमाल किया था और कहा था कि जाओ बिपाशा से शादी कर लीजिये। इस वीडियो क्लिप के सोशल मीडिया पर आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और मृणाल ठाकुर को भारी बॉडी शेमिंग ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था।
सार्वजनिक माफी और पुरानी नादानी का अहसास
बढ़ते विवाद और आलोचनाओं को देखते हुए मृणाल ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक नोट जारी किया और अपने उस पुराने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब उन्होंने वह बयान दिया था तब उनकी उम्र मात्र 19 साल की थी और उन्हें अपने शब्दों के वजन और उनके बुरे असर का बिल्कुल अंदाजा नहीं था। अभिनेत्री ने यह स्वीकार किया कि कई बार मजाक में कही गई बातें भी सामने वाले व्यक्ति को गहरा आहत कर सकती हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका मकसद किसी भी तरह से किसी की बॉडी शेमिंग करना नहीं था और वह पुराना वाकया केवल एक बचकानी बातचीत का हिस्सा था। आज वह परिपक्व हो चुकी हैं और समझती हैं कि उन्हें अपने शब्दों का चयन हमेशा बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।



















