सिनेमा जगत में कई ऐसी कहानियां मौजूद हैं जिन्हें शुरुआती दौर में दर्शकों का अपेक्षित प्यार नहीं मिल पाता है और वे बॉक्स ऑफिस पर असफल हो जाती हैं। हालांकि, वक्त गुजरने के साथ ऐसी कई पुरानी फिल्में अचानक दर्शकों के बीच अपनी खास जगह बना लेती हैं। कुछ ऐसा ही करिश्मा इन दिनों एक पुरानी मूवी के साथ देखने को मिल रहा है जो रिलीज के समय सिनेमाघरों में फ्लॉप साबित हुई थी, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आते ही दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रही है।
डिजिटल दुनिया में इन दिनों जिस मूवी की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है, उसका नाम आवारापन है। साल 2007 में बड़े पर्दे पर आई इस फिल्म का निर्देशन मोहित सूरी ने किया था। यह मूवी विशेष फिल्म्स के बैनर तले बनाई गई थी और सिनेमाघरों में रिलीज होने पर टिकट खिड़की पर अपनी लागत वसूलने में पूरी तरह नाकाम रही थी। उस वक्त बॉक्स ऑफिस पर इसे असफलता का सामना करना पड़ा था, लेकिन गुजरते वक्त के साथ इस प्रोजेक्ट ने दर्शकों के दिलों में एक खास और मजबूत जगह बना ली है।
कहानी और किरदारों का ताना-बाना
इस फिल्म की मुख्य भूमिका में इमरान हाशमी नजर आए थे जिन्होंने शिवम पंडित नाम के एक गैंगस्टर का किरदार पर्दे पर उतारा था। उनके साथ इस कहानी में श्रिया सरन और मृणालिनी शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं। इसके अलावा जाने-माने अभिनेता आशुतोष राणा ने फिल्म में एक क्रूर गैंगस्टर मलिक का किरदार निभाया था जिसने अपने अभिनय से कहानी में अलग ही जान डाल दी थी।
इस पूरी कहानी का केंद्र बिंदु शिवम पंडित है जो अपनी प्रेमिका की आकस्मिक मौत के बाद गहरे मानसिक आघात से गुजर रहा है। वह अपने अतीत के उस दर्द से उबर नहीं पाता है और अपने बॉस भरत मलिक के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करता रहता है। कहानी तब एक दिलचस्प मोड़ लेती है जब बॉस उसे अपनी पाकिस्तानी प्रेमिका रीमा पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपता है। जब शिवम को यह सच्चाई मालूम होती है कि रीमा मानव तस्करी का शिकार बन चुकी है और वहां से भागना चाहती है, तो वह अपने ही बॉस के आदेश के खिलाफ जाकर उसे बचाने का बड़ा फैसला करता है। इसके बाद फिल्म में जबरदस्त एक्शन और रोमांचक मोड़ देखने को मिलते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं।
ओटीटी पर ट्रेंडिंग और बॉक्स ऑफिस के पुराने आंकड़े
सिनेमाघरों में फ्लॉप होने का ठप्पा झेल चुकी यह मूवी अब ओटीटी पर दर्शकों की पहली पसंद बन चुकी है। इन दिनों यह फिल्म अमेज़न प्राइम वीडियो की टॉप 10 सूची में छठवें पायदान पर मजबूती से ट्रेंड कर रही है। अगर इसके तकनीकी पहलुओं की बात करें तो मोहित सूरी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को आईएमडीबी पर 10 में से 7.2 की रेटिंग हासिल है जो इसकी कहानी और दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता को बयां करती है।
लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई आवारापन उस दौर में अपनी कुल लागत भी सिनेमाघरों से नहीं निकाल पाई थी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर महज 7.76 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन दर्ज किया था, जबकि इसका कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन केवल 12.18 करोड़ रुपये पर आकर सिमट गया था। इसी वजह से बॉक्स ऑफिस के इतिहास में इसे आधिकारिक तौर पर एक फ्लॉप फिल्म माना गया था।
संगीत का जादू और सीक्वल की सफलता
भले ही यह फिल्म बड़े पर्दे पर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में असफल रही हो, लेकिन इसका संगीत अपने दौर में चार्टबस्टर साबित हुआ था। प्रीतम, राजू सिंह और मुस्तफा जाहिद के संगीत निर्देशन में तैयार किए गए गाने जैसे तो फिर आओ, तेरा मेरा रिश्ता, माहिया और मौला मौला आज भी 19 साल बीत जाने के बाद युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बने हुए हैं। यही एक बड़ी वजह है कि आज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शक इसे एक मास्टरपीस मानकर बार-बार देखना पसंद कर रहे हैं।
इस बीच यह भी उल्लेखनीय है कि हाल ही में इस फ्रेंचाइजी का अगला भाग आवारापन 2 रिलीज किया गया है जिसने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। इस नए भाग में एक बार फिर से इमरान हाशमी ने शिवम पंडित के अपने उसी आइकॉनिक किरदार को दोहराया है। उनके साथ इस फिल्म में दिशा पाटनी, शबाना आजमी और सुविंदर विक्की जैसे मंझे हुए कलाकार अहम भूमिकाओं में दिखाई देते हैं। यह प्रोजेक्ट अभिनेता के करियर की अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली सोलो लीड फिल्म बन चुका है।



















