उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर एक विवाद सामने आया है। अखिलेश यादव (@yadavakhilesh) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि जिले में जन्माष्टमी के मौके पर कुछ वर्चस्ववादी तत्वों ने आयोजन में बाधा डालकर पूजा-अर्चना को रुकवा दिया।
पूरा मामला क्या है
सुल्तानपुर में इन दिनों जन्माष्टमी को लेकर पूरे जिले में उत्साह का माहौल है। जिले के आधा दर्जन से ज्यादा ग्रामीण इलाकों के बाजारों में पंडाल सजाए जा रहे थे और कई थाना क्षेत्रों में भी झांकियां लगाकर त्योहार मनाया जा रहा था। इसी उत्सवी माहौल के बीच अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभुत्ववादी लोगों ने पूजा-अर्चना में जानबूझकर अड़चनें डालीं, जिसकी वजह से आयोजन बाधित हुआ। उन्होंने इसे किसी एक समुदाय की आस्था पर सीधा हमला बताया और कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं।
अखिलेश यादव ने क्या कहा
अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा कि यह सिर्फ आस्था पर प्रहार नहीं, बल्कि पाप और अपराध भी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा
यह सिर्फ किसी समुदाय की आस्था पर प्रहार ही नहीं, पाप भी है और अपराध भी।
इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। अपनी पोस्ट के साथ उन्होंने एक लिंक भी साझा किया, जिसमें कथित तौर पर घटना से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी दी गई बताई जा रही है।
जिले में जन्माष्टमी का माहौल
गौरतलब है कि सुल्तानपुर में जन्माष्टमी की तैयारियां कई दिन पहले से चल रही थीं। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं ने मिलकर भव्य झांकियां सजाईं, वहीं बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। ऐसे उत्सवी और श्रद्धा भरे माहौल के बीच पूजा में बाधा डालने के आरोप ने स्थानीय स्तर पर माहौल गरमा दिया है और यह मुद्दा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।
जनता की प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक तबके ने उनकी मांग का समर्थन करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की जरूरत बताई, तो वहीं दूसरे तबके ने उन पर त्योहार के मौके पर जातीय और सांप्रदायिक बहस को हवा देने और इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया। कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या यह मुद्दा उतना बड़ा है जितना बताया जा रहा है, जबकि कई लोगों ने प्रशासन से जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग दोहराई।


























