राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के लाइव कॉन्सर्ट को लेकर इंटरनेट पर जोरदार चर्चा शुरू हो गई है। इस विशाल संगीत कार्यक्रम के दौरान मंच पर दिलजीत की कही बातें और दर्शकों के बीच घटी घटनाएं लगातार ध्यान खींच रही हैं। इस पूरे कार्यक्रम से जुड़े तीन अलग-अलग दृश्य सामने आए हैं, जो आयोजन स्थल की अव्यवस्था, सुरक्षा में चूक और दूसरी तरफ संगीत के प्रति दर्शकों के बेपनाह उत्साह की बिल्कुल अलग कहानियां बयां कर रहे हैं।
शो शुरू होने के बाद भी बंद रहे एंट्री गेट, भड़के दर्शक
कार्यक्रम स्थल से सामने आए एक दृश्य में दर्शकों की भारी परेशानी साफ देखी जा सकती है। आयोजन स्थल के मुख्य प्रवेश द्वार बंद होने के चलते बड़ी संख्या में प्रशंसक बाहर ही फंसे रह गए। इस दौरान एक युवती की नाराजगी विशेष रूप से चर्चा का विषय बनी हुई है, जो गेट न खोले जाने पर अपना कड़ा ऐतराज जता रही थी। मंच पर प्रस्तुति शुरू हो चुकी थी और अंदर से संगीत की आवाजें गूंज रही थीं, लेकिन टिकट धारक दर्शकों को भीतर जाने की अनुमति नहीं मिल पा रही थी।
बाहर खड़े लोगों का कहना था कि जब मुख्य कार्यक्रम शुरू हो चुका है, तो दर्शकों को भीतर जाने से क्यों रोका जा रहा है। इतने बड़े पैमाने पर आयोजित किए गए कार्यक्रम में भीड़ के सुचारू आवागमन और प्रवेश प्रबंधन की कमियों को लेकर दर्शक तीखे सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि महंगे टिकट खरीदने और समय पर पहुंचने के बावजूद उन्हें अपने पसंदीदा कलाकार की शुरुआत देखने से वंचित रहना पड़ा।
दर्शकों के बीच अचानक चले लात-घूंसे, सुरक्षाकर्मी रहे बेबस
आयोजन स्थल से सामने आए एक अन्य दृश्य ने सभी को हैरान कर दिया है, जिसमें दर्शकों के बीच अचानक हिंसक टकराव होता दिख रहा है। किसी बात को लेकर शुरू हुआ विवाद पल भर में इतना बढ़ गया कि लोग एक-दूसरे पर लात और घूंसे बरसाने लगे। संगीत का आनंद लेने पहुंचे युवाओं के बीच हुई इस हाथापाई ने पूरे कार्यक्रम के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
हैरानी की बात यह रही कि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी भी उग्र होती भीड़ और आपस में भिड़ रहे लोगों को रोकने में पूरी तरह लाचार नजर आए। इस तरह के सार्वजनिक और महंगे आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खुल गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जहां हजारों की संख्या में दर्शक मौजूद हों, वहां सुरक्षा व्यवस्था इतनी लचर कैसे हो सकती है कि मामूली विवाद इतनी बड़ी मारपीट में बदल जाए। हालांकि, इस आपसी झगड़े की मुख्य वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
हजारों प्रशंसकों ने एक सुर में गाया 'सांसों की माला'
अव्यवस्था और हंगामे के इन दृश्यों के बिल्कुल उलट, कॉन्सर्ट के अंदर से एक बेहद भावुक और संगीतमय दृश्य भी सामने आया है। इस दौरान पूरा हॉल और मैदान सुरों से सराबोर दिखाई दिया, जब दिलजीत दोसांझ के साथ हजारों दर्शक मशहूर गीत ‘सांसों की माला में सिमरूं मैं पी का नाम’ एक सुर में गाते नजर आए।
इस पल में पूरा माहौल सकारात्मक ऊर्जा और संगीत के जादू से भर गया था। दर्शक न केवल तालियां बजा रहे थे, बल्कि अपने हाथ उठाकर पूरी शिद्दत से गीत के हर बोल को दोहरा रहे थे। कई प्रशंसक इस यादगार लम्हे को अपने मोबाइल फोन के कैमरों में कैद करते दिखे। संगीत प्रेमियों का मानना है कि दिलजीत के कार्यक्रमों की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वहां विभिन्न मिजाज के गीतों के जरिए दर्शकों को एक अनोखा अनुभव मिलता है।
एक ही आयोजन से जुड़ी अव्यवस्था और उत्साह की दोहरी तस्वीर
दिल्ली में आयोजित इस बड़े कॉन्सर्ट ने एक साथ दो अलग-अलग हकीकतें पेश की हैं। एक तरफ जहां प्रबंधन की खामियों, गेट बंद रहने की परेशानी और अचानक भड़की हिंसा ने दर्शकों के अनुभव को खराब किया, वहीं दूसरी तरफ मंच से बिखरते सुरों ने हजारों संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध भी किया। बड़े आयोजनों में भीड़ नियंत्रण, समय पर प्रवेश और पुख्ता सुरक्षा प्रबंध कितने जरूरी हैं, यह घटनाक्रम इसी बात को रेखांकित करता है।



















