झारखंड के पलामू जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और सामान्य विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के लिए अब शांत और हाइटेक वातावरण की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा। जिला प्रशासन पूरे जिले में अध्ययन की मजबूत संस्कृति तैयार करने के उद्देश्य से तीन अनुमंडलीय क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से लैस पब्लिक लाइब्रेरी का निर्माण करवा रहा है। तत्कालीन उपायुक्त शशि रंजन के निर्देशों के तहत आगे बढ़ाई गई इस पूरी परियोजना पर लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। इन अध्ययन केंद्रों को इस तरीके से तैयार किया गया है कि प्रत्येक केंद्र पर एक साथ 300 से 400 छात्र बिना किसी बाधा के बैठकर अपनी पढ़ाई और विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर सकें।
चैनपुर केंद्र का काम अंतिम चरण में, नगर निगम संभालेगा जिम्मेदारी
इस परियोजना के तहत स्वीकृत तीन मुख्य केंद्रों में चैनपुर प्रखंड में तैयार की जा रही लाइब्रेरी का भौतिक निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। भवन के संचालन और नियमित रख-रखाव को सुव्यवस्थित रखने के लिए इसे नगर निगम को सौंप दिया गया है। फिलहाल इस केंद्र को आम विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए खोलने से जुड़ी जरूरी प्रशासनिक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। जिला प्रशासन की योजना इसे बेहद जल्द छात्रों को समर्पित करने की है। इसके साथ ही छतरपुर और हुसैनाबाद अनुमंडल में भी आधुनिक पुस्तकालयों का निर्माण कार्य लगातार चल रहा है। इन दोनों केंद्रों के तैयार होते ही पलामू के दूरदराज के क्षेत्रों के युवाओं को भी अपने गृह क्षेत्र में ही उच्चस्तरीय अध्ययन केंद्र मिल सकेगा।
रीडिंग क्यूबिकल्स, सोलर सिस्टम और डिजिटल लैब की सुविधा
इन नवनिर्मित केंद्रों को केवल पारम्परिक किताबों की अलमारियों तक सीमित रखने के बजाय डिजिटल दौर की सभी जरूरतों को ध्यान में रखकर ढाला गया है। छात्रों के ध्यान को भटके बिना गंभीर अध्ययन की सुविधा देने के लिए अलग से रीडिंग क्यूबिकल्स तैयार किए गए हैं। इसके अलावा अध्ययन केंद्र में डिजिटल स्क्रीन, कंप्यूटर एक्सेस, डिजिटल लैब और ऑनलाइन शिक्षण सामग्री से जुड़ने के आधुनिक संसाधन भी जोड़े जा रहे हैं। बिजली कटौती की समस्या से निपटने और निरंतर अध्ययन जारी रखने के लिए परिसर में सोलर सिस्टम स्थापित किया गया है। साथ ही बेहतर वेंटिलेशन और आरामदायक बैठने के फर्नीचर की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई करने वाले युवाओं को निरंतर सहूलियत मिलती रहे।
छात्रों की मांग पर मंगाई जाएंगी नई किताबें
उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन ने स्पष्ट किया कि इन पुस्तकालयों में अध्ययन सामग्री का चयन विद्यार्थियों की सीधी मांग और जरूरत के आधार पर किया जाएगा। यदि किसी अभ्यर्थी को किसी खास प्रतियोगी परीक्षा अथवा विशिष्ट शैक्षणिक विषय से जुड़ी पुस्तक की आवश्यकता होगी, तो प्रशासन उसे मंगाने का प्रबंध करेगा। इस संग्रह को समय के साथ आधुनिक पाठ्यक्रमों के अनुसार लगातार अपडेट किया जाता रहेगा। इसके संचालन, सदस्यता शुल्क, खुलने और बंद होने के समय और अनुशासन से जुड़े नियमों को स्पष्ट करने के लिए एक विस्तृत नियमावली तैयार की जा रही है, जिससे केंद्र का उपयोग व्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित हो सके।
कोचिंग और शैक्षणिक मार्गदर्शन की भी रहेगी व्यवस्था
प्रशिक्षु आईएएस ने अध्ययन केंद्रों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पलामू में छात्रों के लिए उपयुक्त अध्ययन स्थल और शैक्षणिक मार्गदर्शन की बड़ी आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने इन तीन अनुमंडलों में पुस्तकालयों की शुरुआत की है। यहां केवल बैठने की जगह और पुस्तकें ही नहीं दी जाएंगी, बल्कि छात्रों को कोचिंग और जरूरी शैक्षणिक परामर्श उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इस पूरी व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ उन प्रतिभाशाली युवाओं को मिलेगा, जो आर्थिक या अन्य कारणों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों में जाने में असमर्थ रहते हैं।




















