नई दिल्ली में आयोजित होने वाले दिलजीत दोसांझ के आगामी कॉन्सर्ट को लेकर फैंस के लिए राहत भरी अपडेट सामने आई है। राजधानी में 30 अक्टूबर को होने वाले इस बहुप्रतीक्षित शो को आखिरकार अधिकारियों की ओर से मंजूरी मिल गई है। इससे पहले सुरक्षा संबंधी चिंताओं और कुछ धमकी भरे संदेशों के कारण इस कार्यक्रम की अनुमति पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि, आयोजकों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठकों के बाद पुलिस प्रशासन ने अपना रुख बदलते हुए इस शो को हरी झंडी दे दी है।
मजाकिया अंदाज में सामने आया सिंगर का रिएक्शन
कार्यक्रम के लिए क्लीयरेंस मिलने के तुरंत बाद, दिलजीत दोसांझ ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक मनोरंजक वीडियो रील साझा की। अपने चिरपरिचित मजाकिया और व्यंग्यात्मक अंदाज में उन्होंने कहा कि आज का दिन बेहद खूबसूरत है और चारों तरफ सकारात्मक ऊर्जा महसूस हो रही है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि यदि उनके शो को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही तमाम बहसें, रील्स और ट्वीट्स अब समाप्त हो चुके हों, तो सभी लोग 30 अक्टूबर को कॉन्सर्ट में मुलाकात करें। इसके साथ ही उन्होंने लोगों को यह सलाह भी दी कि किसी भी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी और सटीक जानकारी अवश्य पढ़ लेनी चाहिए।
दिलजीत दोसांझ का इंस्टाग्राम पोस्ट
त्योहारों के सीजन और धमकियों के चलते रुकी थी इजाजत
इससे पहले गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस का तर्क था कि त्योहारी सीजन के दौरान भारी भीड़ के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लेना आवश्यक था। इसके अतिरिक्त, 15 अक्टूबर को दिल्ली के कई प्रमुख विद्यालयों को प्राप्त हुए फर्जी बम धमकी वाले ईमेल्स में भी इस 30 अक्टूबर के शो से दूर रहने की चेतावनी दी गई थी। इन ईमेल्स में कुछ आपत्तिजनक नारे भी दर्ज किए गए थे। हालांकि, अब तमाम पहलुओं और सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा के बाद पुलिस ने आखिरकार कॉन्सर्ट के आयोजन की अनुमति प्रदान कर दी है।
राजनीतिक गलियारों में भी गरमाया था मामला
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी जोरों पर रही। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने यह गंभीर आरोप लगाया कि सरकार पंजाबी कलाकारों के साथ पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है, क्योंकि दिलजीत दोसांझ ने पूर्व में किसानों के आंदोलन का मुखर समर्थन किया था। दूसरी ओर, इवेंट ऑर्गनाइजर बुकमायशो लाइव ने एक आधिकारिक बयान जारी कर यह स्पष्ट किया कि कॉन्सर्ट कभी भी रद्द नहीं किया गया था, बल्कि प्रशासनिक अनुमति को केवल कुछ समय के लिए स्थगित किया गया था।

















