फिल्म जगत में कहानियों और शीर्षकों को लेकर विवाद खड़ा होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन कभी-कभी विरोध इतना तीखा हो जाता है कि निर्माताओं को अपनी पूरी योजना बदलनी पड़ती है। निर्देशक नीरज पांडे और जाने-माने अभिनेता मनोज बाजपेयी की हालिया परियोजना के साथ भी ठीक ऐसा ही हुआ। इस साल की शुरुआत में जब उनकी आगामी फिल्म के पहले शीर्षक की घोषणा की गई थी, तब इंटरनेट से लेकर जमीनी स्तर तक तीखा विरोध देखने को मिला था। उस समय फिल्म का नाम 'घूसखोर पंडत' रखा गया था, जिसके सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं और बात कानूनी अड़चनों तक जा पहुंची। अब भारी विवाद और कानूनी कार्यवाहियों के बाद इस फिल्म का नाम बदलकर 'गजब रात' कर दिया गया है और यह ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर दर्शकों के लिए उपलब्ध हो चुकी है। इस पूरे घटनाक्रम और विवाद पर अब अभिनेता मनोज बाजपेयी ने खुलकर अपनी बात रखी है।
शीर्षक के चयन और विवाद पर अभिनेता का पक्ष
मनोज बाजपेयी ने परियोजना के नामकरण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को साझा करते हुए स्पष्ट किया कि टीम की मंशा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की बिल्कुल नहीं थी। उन्होंने बताया कि जब फिल्म पर काम चल रहा था, तब कहानी के अनुरूप कई संभावित शीर्षकों पर विचार किया गया था। टीम के पास पांच से छह अन्य विकल्प भी मौजूद थे जो विषय के अनुसार काफी दिलचस्प थे। हालांकि, पूरी टीम की सामूहिक चर्चा के बाद 'घूसखोर पंडत' नाम को सबसे ज्यादा समर्थन मिला और उसी पर अंतिम सहमति बनी। अभिनेता ने यह भी स्वीकार किया कि टीम ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इतने सारे लोग इस शीर्षक को इस तरह के अलग नजरिए से देखेंगे। जब शीर्षक को लेकर विरोध बढ़ा और अभिनेता के परिवार को भी नफरत और आलोचना का सामना करना पड़ा, तो उन्हें गहरा दुख हुआ। उन्होंने कहा कि इस अप्रत्याशित विवाद ने उन्हें कुछ देर रुककर पूरे मामले पर गंभीरता से सोचने के लिए विवश कर दिया।
विरोध की वजह और एफडब्ल्यूआईसीई की आपत्ति
फिल्म का पहला टीजर और नाम सामने आते ही विवाद तेजी से भड़क गया था। कई सामाजिक और राजनीतिक हलकों में इसका जमकर विरोध हुआ, जिसके चलते फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठने लगी और अलग-अलग जगहों पर पुलिस में शिकायतें और एफआईआर तक दर्ज कराई गईं। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि निर्माताओं को मजबूरन प्लेटफॉर्म से फिल्म का शुरुआती प्रचार सामग्री और टीजर हटाना पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन में सिने जगत की प्रमुख संस्था फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज यानी एफडब्ल्यूआईसीई ने भी आधिकारिक तौर पर कड़ा एतराज दर्ज कराया था। संगठन का स्पष्ट कहना था कि 'पंडत' शब्द सीधे तौर पर एक विशिष्ट समुदाय और उसकी पारंपरिक धार्मिक व सामाजिक भूमिका से जुड़ा हुआ है। ऐसे में उसके साथ 'घूसखोर' जैसे नकारात्मक और भ्रष्ट आचरण को दर्शाने वाले शब्द को जोड़ना न केवल अनुचित है, बल्कि समाज के एक हिस्से के लिए अपमानजनक भी है।
नए नाम के साथ नेटफ्लिक्स पर दस्तक
व्यापक असंतोष और कानूनी पचड़ों को देखते हुए फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे और निर्माण टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए फिल्म का नाम बदलने का फैसला किया। फिल्म को 'गजब रात' नया नाम देकर नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया गया है। इस फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ नुसरत भरूचा, दिव्या दत्ता, अक्षय ओबेरॉय, साकिब सलीम और कीकू शारदा जैसे कई लोकप्रिय कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। नए शीर्षक के साथ रिलीज होने के बाद अब यह फिल्म विवादों से निकलकर दर्शकों के बीच अपनी कहानी के आधार पर चर्चा बटोर रही है।


















