मेष राशिफल: साझेदारी में समझदारी और सेहत पर ध्यान, जानें शुभ मुहूर्त व जरूरी सावधानियांभोजन के बाद मीठे की आदत को बनाएं सेहतमंद, सिर्फ 10 मिनट में ऐसे तैयार करें खुशबूदार पान मुखवासश्रीदेवी के अनुशासन की मुरीद थीं हेतल यादव, 'पुकार' के सेट से जुड़े संस्मरण किए साझापश्चिम बंगाल के बुनकर ने सुई से तैयार की कागज जैसी महीन साड़ी, विदेशों में भी जबरदस्त मांगघरेलू नुस्खे से पाएं मजबूत और चमकदार बाल, जानिए कैसे बनाएं गुड़हल का असरदार हेयर टोनरकरवा चौथ पर पत्नी को दें सोने-चांदी जैसी दिखने वाली ये खूबसूरत ज्वेलरी, शुरुआती कीमत सिर्फ 300 रुपयेभुवनेश्वर कुमार का 1434 दिनों का लंबा सूखा खत्म, न्यूजीलैंड के खिलाफ झटका वापसी के बाद पहला विकेटहेग्ले ओवल में चमकी भारतीय फील्डिंग, तिलक वर्मा ने तोड़ा टी20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक कैचों का विश्व कीर्तिमानप्रभास के जन्मदिन पर सामने आई फौजी की पहली झलक, जानिए कब बड़े पर्दे पर दस्तक देगी फिल्मजमशेदपुर में साठ रुपये में भरपेट छोले भटूरे खाने का मौका, सत्रह भटूरे खाने का बन चुका है अनोखा रिकॉर्ड
घर की हवा साफ रखेंगे ये तीन पौधे, दिल्ली में जहरीली धुंध के बीच नर्सरी संचालक ने बताए नामजीवनशैली
25 अक्तू॰ 2026, 9:44 am (17 मिनट पहले)· 0

घर की हवा साफ रखेंगे ये तीन पौधे, दिल्ली में जहरीली धुंध के बीच नर्सरी संचालक ने बताए नाम

दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के करीब पहुंचने और सर्दियों की आहट के बीच घरों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए तीन खास पौधे सबसे कारगर साबित हो रहे हैं।

सर्दियों के करीब आते ही राजधानी और आसपास के इलाकों में धुंध की चादर गहरी होने लगी है। सुबह और शाम के समय वायुमंडल में जमा होने वाला धुआं और धूल कण सांसों को भारी कर रहे हैं, जिससे लोग एक बार फिर सुरक्षा के लिए मास्क निकालने पर मजबूर हो गए हैं। इस समय दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स लगभग 200 के स्तर पर पहुंच गया है, जो हर साल कड़ाके की ठंड पड़ने पर 300 से 400 तक के बेहद खतरनाक स्तर को छू जाता है। सड़कों पर निकलते वक्त तो मास्क चेहरे को कुछ हद तक बचा लेता है, लेकिन घर की चारदीवारी के भीतर दाखिल होने वाली जहरीली हवा से निपटने के लिए गमलों में लगे पौधे सबसे आसान और प्राकृतिक सहारा बन रहे हैं।

हर पौधा नहीं करता हवा की सफाई

कमरे या बालकनी में रखे जाने वाले सभी पौधे एक जैसे नहीं होते और न ही हर पौधा विषैले तत्वों को छानने की क्षमता रखता है। छतरपुर स्थित दिल्ली की सबसे पुरानी नर्सरी के संचालक गया प्रसाद के अनुसार, लोग अक्सर बिना सोचे-समझे सजावटी पौधे खरीद लाते हैं, जबकि अधिकांश पौधे केवल देखने में अच्छे होते हैं। हवा से सूक्ष्म प्रदूषकों को हटाने में मुख्य रूप से तीन विशेष पौधे ही सबसे ज्यादा असरदार साबित होते हैं। जब भी शहर में प्रदूषण का स्तर बिगड़ता है, तब इन खास पौधों की मांग नर्सरियों में तेजी से बढ़ने लगती है।

ये भी पढ़ें

प्रदूषण से मुकाबले में अरालिया स्नो व्हाइट सबसे आगे

वायु शुद्धिकरण की सूची में सबसे पहला और सबसे मजबूत नाम अरालिया स्नो व्हाइट का है। यह पौधा आकार में काफी छोटा होता है, जिससे इसे किसी भी टेबल, खिड़की या कमरे के कोने में आसानी से सजाया जा सकता है। इसकी पत्तियां किनारों से सफेद रंग की होती हैं, जो न केवल देखने में बेहद आकर्षक लगती हैं बल्कि हवा में तैरने वाले बारीक प्रदूषक तत्वों और धूल के कणों को सोखने की विशेष क्षमता रखती हैं। घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ यह पौधा हवा को साफ करने का दोहरा फायदा देता है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही इस पौधे की खरीदारी बढ़ जाती है और नर्सरी में इसकी शुरुआती कीमत 400 रुपए से तय होती है।

सर्दियों में बढ़ जाती है स्नेक प्लांट और एरिका पाम की मांग

अरालिया के अलावा दो अन्य पौधे भी प्रदूषण से बचाव में दशकों से भरोसेमंद माने जाते रहे हैं, जिनमें स्नेक प्लांट और एरिका पाम शामिल हैं। सर्दियों के महीनों में घरों के अंदर शुद्ध हवा का प्रवाह बनाए रखने के लिए इन दोनों की बिक्री सबसे तेज गति से होती है। इस मौसम में भी नर्सरियों में लोग इनकी तलाश में पहुंच रहे हैं। इन पौधों की कीमत उनके आकार पर निर्भर करती है। छोटे आकार के गमले लगभग 250 रुपए में उपलब्ध हो जाते हैं, जबकि पूरी तरह विकसित और बड़े आकार के पौधे 800 रुपए तक की कीमत में बिकते हैं। इन्हें लिविंग रूम या बेडरूम में रखकर कमरे के वातावरण को काफी हद तक ताजा रखा जा सकता है।

इनडोर पौधों की देखभाल में होने वाली गलतियां

अक्सर लोग नर्सरी से पौधा लाने के बाद कुछ ही दिनों में उसके सूखने या गलने की शिकायत करते हैं। गया प्रसाद बताते हैं कि पौधे खराब होने का मुख्य कारण सही देखभाल का अभाव है। कमरे के भीतर रखे जाने वाले पौधे पूरी तरह धूप से दूर रहते हैं, फिर भी कई लोग इनमें रोजाना पानी भर देते हैं। मिट्टी हर वक्त गीली रहने के कारण पौधों की जड़ें सड़ने लगती हैं और पत्तियां पीली पड़कर गिर जाती हैं। पौधों को लंबे समय तक हरा-भरा और जीवित रखने के लिए पानी देने के नियम का सख्ती से पालन करना चाहिए।

पानी और खाद का सही संतुलन जरूरी

छाया में रहने वाले इनडोर पौधों को हफ्ते में केवल दो से तीन बार ही पानी की जरूरत होती है। पानी डालने से पहले गमले की मिट्टी को छूकर देखना चाहिए, ताकि यह पक्का हो सके कि मिट्टी वास्तव में सूखी है या नहीं। यदि मिट्टी पहले से गीली हो, तो बिल्कुल भी पानी न डालें। पौधों की मजबूती और पोषण के लिए रासायनिक तत्वों के बजाय प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित उपाय है। गमलों में नियमित अंतराल पर वर्मी कम्पोस्ट और अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद डालने से पौधों को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और वे पूरे साल स्वस्थ बने रहते हैं।

सवाल-जवाब

प्रदूषण कम करने के लिए सबसे अच्छा इनडोर पौधा कौन सा है?
अरालिया स्नो व्हाइट को सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इसकी पत्तियां हवा से प्रदूषण के कणों को सोखने में बेहद असरदार होती हैं।
अरालिया स्नो व्हाइट की शुरुआती कीमत कितनी है?
नर्सरी में अरालिया स्नो व्हाइट की कीमत 400 रुपए से शुरू होती है।
स्नेक प्लांट और एरिका पाम की कीमतें क्या हैं?
इन पौधों के छोटे आकार की कीमत करीब 250 रुपए है, जबकि बड़े आकार के पौधे 800 रुपए तक मिलते हैं।
इनडोर पौधों को हफ्ते में कितनी बार पानी देना चाहिए?
इनडोर पौधों को हफ्ते में सिर्फ दो से तीन बार पानी देना चाहिए, वह भी मिट्टी की नमी जांचने के बाद।
पौधों को स्वस्थ रखने के लिए कौन सी खाद बेहतर है?
इन पौधों के लिए वर्मी कम्पोस्ट और अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद सबसे सुरक्षित और असरदार मानी जाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp