फिल्म हनुमान अंश के भजन 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' को अपनी मधुर आवाज देकर पहचान बनाने वाले मध्य प्रदेश के युवा दृष्टिहीन गायक सुनील लोधी के जीवन में रोशनी लौटने की नई उम्मीद जगी है। सुनील की आंखों का औपचारिक चिकित्सकीय उपचार और शुरुआती जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अपने जीवन के इस बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर गायक ने इंटरनेट पर भावुक संदेश, तस्वीरें और वीडियो साझा कर अपने प्रशंसकों, शुभचिंतकों और देशवासियों से प्रार्थना करने का अनुरोध किया है।
सोशल मीडिया पर साझा की अस्पताल और जांच की झलकियां
सुनील लोधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अस्पताल के दौरान की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए अपने इलाज के पहले चरण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी आंखों की विभिन्न चिकित्सकीय जांचें पूरी कर ली गई हैं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी जांच रिपोर्ट का विश्लेषण कर रही है। इन दृश्यों में सुनील अपनी चिकित्सकीय जांच करवाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनके चाहने वालों में भी उनके स्वस्थ होने की आस बंधी है।
गायक ने अपने संदेश में लिखा कि ईश्वर ने अब तक हर कठिनाई में उन्हें संबल और साहस दिया है। अब जब आंखों के इलाज की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है, तो सबके आशीर्वाद से एक नई किरण दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने उनके लिए वर्षों तक धैर्यपूर्वक इंतजार किया है। सुनील ने भगवान से प्रार्थना करते हुए लिखा कि बस एक अंतिम कृपा हो जाए और उनके नयनों में रोशनी लौट आए ताकि वह भी इस संसार को अपनी आंखों से निहार सकें।
जन्मजात दृष्टिबाधा और सागर जिले के गांव से शुरुआत
सुनील लोधी मध्य प्रदेश के सागर जिले के निवासी हैं। वह जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं और उन्होंने अपना पूरा बचपन बिना किसी दृष्टि के बिताया। जब वह छोटे थे, तब उनके माता-पिता ने अपनी सीमित आर्थिक क्षमता और संसाधनों के अनुसार उनका उपचार कराने का हरसंभव प्रयास किया था। हालांकि, उस दौर में उपलब्ध चिकित्सा और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उनकी आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी थी।
लंबे समय के बाद अब आधुनिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से दोबारा उपचार शुरू होने से उनके परिवार में खुशी और उम्मीद का माहौल है। हालांकि, चिकित्सकों का मानना है कि उपचार और संभावित शल्यक्रिया के बाद उनकी दृष्टि में कितना सुधार आ सकेगा, यह पूरी तरह से विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षणों, परीक्षण रिपोर्ट और आगे की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।
बुंदेली गायकी से लेकर फिल्म के भजन तक का सफर
दृष्टिबाधा के बावजूद सुनील ने कभी हार नहीं मानी और संगीत को अपनी साधना बनाया। वह शुरुआत में अपने गांव की चौपालों, स्थानीय मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में बुंदेली लोकगीत और पारंपरिक भजन गाया करते थे। उनकी सुरीली आवाज और गायन शैली को क्षेत्रीय स्तर पर खूब सराहा जाता था।
सुनील के जीवन में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्हें फिल्म हनुमान अंश में भजन 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' गाने का अवसर मिला। इस भक्ति गीत ने इंटरनेट पर व्यापक लोकप्रियता हासिल की और उनकी गायकी ने लाखों श्रोताओं का मन मोह लिया। उनकी अद्भुत प्रतिभा और संघर्ष को देखते हुए फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर भी उनके सहयोग के लिए आगे आईं और उनके समुचित इलाज में मदद का बीड़ा उठाया।
शासन और समाज से मिला मजबूत संबल
सुनील लोधी की प्रतिभा जब व्यापक पटल पर सामने आई, तो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी संज्ञान लिया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गायक के उपचार के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का औपचारिक आश्वासन दिया था। फिल्म निर्माता अनुप्रिया नागर के सक्रिय सहयोग और शासन के भरोसे के बाद अब विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज विधिवत शुरू हुआ है। सुनील और उनका पूरा परिवार अब इस प्रतीक्षा में है कि आने वाले दिनों में उनकी आंखों के सामने का अंधेरा छंटेगा और वह इस खूबसूरत दुनिया को प्रत्यक्ष देख पाएंगे।



















