जब साल 2001 में 'गदर: एक प्रेम कथा' सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई, तो फिल्म में तारा सिंह और सकीना के बेटे 'जीते' के रूप में नजर आए छोटे से बच्चे ने सबका ध्यान खींचा था। इस किरदार को निभाने वाले उत्कर्ष शर्मा उस समय महज 7 साल के थे और उनकी मासूमियत ने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली थी। फिल्म का मशहूर गाना 'उड़ जा काले कावां' और उसमें उत्कर्ष के भाव दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुए थे। निर्देशक अनिल शर्मा के बेटे होने के नाते उन्हें बचपन में ही भारतीय सिनेमा की एक ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर फिल्म का हिस्सा बनने का शानदार अवसर मिल गया था, लेकिन मुख्य अभिनेता के रूप में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाना उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था।
जीनियस से जुड़ी उम्मीदें और बॉक्स ऑफिस पर झटका
बचपन में मिली भारी सफलता के बाद उत्कर्ष शर्मा ने अपनी शिक्षा पूरी करने का फैसला किया और अमेरिका जाकर फिल्म निर्माण तथा अभिनय की बारीकियों को गहराई से सीखा। इसके बाद साल 2018 में उनके पिता अनिल शर्मा ने उन्हें एक मुख्य अभिनेता के रूप में लॉन्च करने के लिए 'जीनियस' नाम से एक फिल्म बनाई। इस प्रोजेक्ट में मिथुन चक्रवर्ती और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे मंजे हुए और दिग्गज कलाकार भी शामिल थे। ठीक आज ही के दिन यानी 24 अगस्त 2018 को सिनेमाघरों में उतरी इस फिल्म से व्यापार विश्लेषकों को बहुत अधिक उम्मीदें थीं, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत बड़ी असफलता साबित हुई। फिल्म की पटकथा और स्क्रीनप्ले की कमजोरी के चलते दर्शकों ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया, जिससे उत्कर्ष के शुरुआती करियर को बड़ा धक्का लगा।
दो दशक का लंबा संघर्ष और सोलो हिट का सूखा
'जीनियस' के बॉक्स ऑफिस पर नाकाम रहने के बाद उत्कर्ष शर्मा का फिल्मी सफर काफी मुश्किल दौर में चला गया। आमतौर पर जहां अन्य स्टार किड्स को लगातार नए प्रोजेक्ट्स मिलते रहते हैं, वहीं उत्कर्ष को लंबे समय तक कोई भी बड़ी कामयाबी हाथ नहीं लगी। उनके कई लगातार प्रोजेक्ट्स या तो बीच में ही बंद हो गए या फिर दर्शकों के बीच अपनी कोई भी छाप छोड़ने में असफल रहे। 'गदर' जैसी सर्वकालिक ब्लॉकबस्टर फिल्म से जुड़ा होने के बावजूद यह एक अजीब स्थिति थी कि उत्कर्ष के पास एक भी एकल हिट फिल्म नहीं थी। इंडस्ट्री के जानकारों और समीक्षकों ने उनकी अभिनय क्षमता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे और उनके करियर को एक तरह से समाप्त मान लिया था। साल 2001 से लेकर 2023 तक, यानी दो दशकों से भी अधिक के लंबे समय तक वह एक बड़ी और सफल फिल्म के लिए तरसते रहे।
गदर 2 से मिला जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट
करीब 22 साल के लंबे और निराशाजनक इंतजार के बाद जब साल 2023 में अनिल शर्मा ने 'गदर 2' लेकर आने की घोषणा की, तो उत्कर्ष शर्मा एक बार फिर बड़े हुए 'जीते' के रूप में पर्दे पर लौटे। दर्शक जहां एक तरफ सनी देओल के धमाकेदार एक्शन और उनके मशहूर हथपंप वाले अंदाज को देखने के लिए बेताब थे, वहीं दूसरी तरफ यह फिल्म उत्कर्ष के डूबते करियर को बचाने का आखिरी और सबसे बड़ा मौका साबित हो सकती थी। जब 11 अगस्त 2023 को 'गदर 2' बड़े पर्दे पर रिलीज हुई, तो इसने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए और इतिहास रच डाला। इस फिल्म ने घरेलू बाजार में 500 करोड़ रुपये से ज्यादा और पूरी दुनिया में 600 करोड़ रुपये से अधिक का शानदार कारोबार किया।
रातोंरात चमकी किस्मत और वनवास का नया झटका
फिल्म में बड़े हो चुके 'जीते' के रूप में उत्कर्ष शर्मा के काम को दर्शकों द्वारा बेहद पसंद किया गया और उनकी किस्मत एक ही रात में पूरी तरह बदल गई। 'गदर 2' की इस ऐतिहासिक सफलता ने उनके ऊपर लंबे समय से लगे फ्लॉप अभिनेता के ठप्पा को हमेशा के लिए मिटा दिया। इस ब्लॉकबस्टर ने न सिर्फ अनिल शर्मा और सनी देओल की जोड़ी के जादुई असर को दोबारा साबित किया, बल्कि उत्कर्ष को मुख्यधारा के सिनेमा में एक भरोसेमंद अभिनेता के रूप में भी स्थापित कर दिया। हालांकि, इसके बाद साल 2024 में जब उनकी फिल्म 'वनवास' सिनेमाघरों में आई, तो उन्हें एक बार फिर असफलता का सामना करना पड़ा और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर गई। इस असफलता से न केवल उत्कर्ष बल्कि उनके पिता अनिल शर्मा को भी गहरा आघात लगा, क्योंकि यह फिल्म दुनिया भर में महज 6.37 करोड़ रुपये ही कमा सकी। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में उत्कर्ष अपने करियर की नैया को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।



















