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राजस्थान निकाय चुनाव: जयपुर नगर निगम पर कब्जा जमाने के लिए कांग्रेस का 'मिशन-100', नहीं होगा किसी से गठबंधनराजनीति
24 अग॰ 2026, 4:45 pm (1 घंटे पहले)· 3

राजस्थान निकाय चुनाव: जयपुर नगर निगम पर कब्जा जमाने के लिए कांग्रेस का 'मिशन-100', नहीं होगा किसी से गठबंधन

राजस्थान में आगामी निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस ने जयपुर नगर निगम में 150 में से 100 वार्डों पर जीत दर्ज करने के लिए बड़ा चुनावी खाका तैयार किया है। पार्टी ने किसी भी दल के साथ गठबंधन से साफ इनकार कर दिया है।

राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों का बिगुल बजने के बाद राजनीतिक दलों की सरगर्मी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ और विपक्षी दल चुनावी मैदान में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इसी क्रम में राजधानी जयपुर के नगर निगम पर अपना परचम लहराने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक आक्रामक और स्पष्ट रणनीति तैयार की है। कुल 150 वार्डों वाले जयपुर नगर निगम में दो-तिहाई बहुमत यानी 100 वार्डों पर जीत हासिल करने का बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। जयपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी की पूरी चुनावी तैयारियों का खुलकर खाका खींचा और दावा किया कि पार्टी अपने इस महत्वाकांक्षी मिशन को हर हाल में जमीन पर उतारेगी।

सभी 150 वार्डों पर उतरेगी पार्टी, मिले 1350 से ज्यादा आवेदन

प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए जयपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने स्पष्ट किया कि पार्टी जयपुर नगर निगम चुनाव के सभी 150 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसके लिए जमीनी स्तर पर जोरदार तैयारियां पहले ही शुरू की जा चुकी हैं। जिला कांग्रेस संगठन ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक सर्वे भी कराया है ताकि सही और मजबूत उम्मीदवारों का चयन किया जा सके। चुनावी समर में उतरने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थिति यह है कि अभी तक 1350 से अधिक लोग चुनाव लड़ने के लिए आवेदन कर चुके हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि सभी कार्यकर्ता पूरी तरह एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरेंगे और पार्टी की उम्मीदों के मुताबिक शानदार परिणाम लेकर आएंगे।

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बगावत रोकने के लिए कमेटियों का गठन, किसी से नहीं होगा गठबंधन

पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी या बगावत के सुरों को कुचलने के लिए विशेष एहतियात बरते गए हैं। चुनाव के दौरान भीतरघात रोकने के लिए विधायक अमीन कागजी की अध्यक्षता में एक अनुशासन समिति बनाई गई है। इसके अलावा विधायक रफीक खान की मौजूदगी में एक राजनीतिक मामलों की समिति का भी गठन किया गया है। चुनावी समीकरणों पर बात करते हुए यह भी साफ कर दिया गया है कि नगर निगम चुनाव में कांग्रेस किसी भी अन्य राजनीतिक दल के साथ किसी भी प्रकार का गठबंधन नहीं करेगी। पार्टी अपने दम पर सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

प्रमुख नेताओं को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी

जयपुर नगर निगम के इस चुनावी अभियान को धार देने के लिए पार्टी के कई कद्दावर नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के साथ-साथ पार्टी के प्रमुख नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज, अर्चना शर्मा और अभिषेक चौधरी शामिल हैं। इन तमाम दिग्गजों को चुनाव प्रबंधन और रणनीति के मोर्चे पर अहम काम सौंपे गए हैं ताकि हर वार्ड में पार्टी की स्थिति को मजबूत किया जा सके।

वार्डवार मेनिफेस्टो और शहर की पहचान पर होगा कैंपेन

कांग्रेस ने जयपुर नगर निगम चुनाव में 100 वार्ड जीतने के लक्ष्य के साथ ही जनता के बीच जाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है। पार्टी जयपुर शहर के हर एक वार्ड के लिए अलग-अलग स्थानीय घोषणा पत्र तैयार कर रही है। इन स्थानीय चुनावों में जयपुर शहर की मूल पहचान को केंद्र में रखकर एक बहुत बड़ा चुनावी अभियान चलाया जाएगा। सुनील शर्मा ने तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि केवल जयपुर ही नहीं बल्कि पूरे राज्य की जनता मौजूदा समय में सत्ताधारी दल से पूरी तरह परेशान हो चुकी है और इस व्यवस्था से निजात पाना चाहती है। जनता की नब्ज और उनकी भावनाओं को समझकर ही पार्टी आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में टिकट के दावेदारों के आवेदनों की स्क्रूटनी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद पार्टी अपने घोषणा पत्र में शहर के तमाम बड़े और बुनियादी मुद्दों को प्रमुखता से शामिल करेगी।

सवाल-जवाब

जयपुर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने कितने वार्ड जीतने का लक्ष्य रखा है?
कांग्रेस ने जयपुर नगर निगम के 150 में से 100 वार्डों पर कब्जा जमाने का लक्ष्य रखा है।
क्या कांग्रेस जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए किसी पार्टी से गठबंधन करेगी?
नहीं, कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह नगर निगम चुनाव में किसी भी अन्य पार्टी से किसी भी प्रकार का गठबंधन नहीं करेगी।
जयपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कौन हैं?
सुनील शर्मा जयपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष हैं।
पार्टी में बगावत रोकने के लिए कौन सी समिति बनाई गई है?
बगावत रोकने के लिए विधायक अमीन कागजी की अध्यक्षता में एक अनुशासन समिति का गठन किया गया है।
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टिप्पणियाँ 2

Ravikash Gupta@ravikash·25 मिनट पहले

जयपुर नगर निगम चुनावों में कांग्रेस का 'मिशन-100' और किसी भी गठबंधन से इनकार करना उसकी जमीनी ताकत को परखने का एक बड़ा दांव है। 150 वार्डों के लिए 1350 से अधिक आवेदन मिलना यह दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर राजनीतिक महत्वकांक्षाएं चरम पर हैं, जिससे बगावत का खतरा स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। हालांकि पार्टी ने अनुशासन और राजनीतिक मामलों की कमेटियों का गठन किया है, लेकिन चुनावी प्रबंधन और वार्डवार मेनिफेस्टो की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे असंतुष्ट नेताओं को कितनी प्रभावी ढंग से संभाल पाते हैं। अकेले दम पर उतरने का यह फैसला राजधानी के शहरी मतदाताओं के बीच पार्टी के संगठनात्मक अनुशासन और वित्तीय प्रबंधन की कड़ी परीक्षा लेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·25 मिनट पहले

अपराध और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से ऐसे उच्च-दांव वाले स्थानीय चुनावों में अत्यधिक राजनीतिक महत्वाकांक्षा और बगावत का खतरा अक्सर धड़ेबंदी, स्थानीय टकराव और तनाव को जन्म देता है। जब 150 वार्डों के लिए 1350 से अधिक दावेदार मैदान में हों, तो टिकट वितरण के बाद असंतोष का हिंसक या तनावपूर्ण रूप लेना कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बन जाता है। अनुशासन समितियों के सामने यह बड़ी परीक्षा होगी कि वे चुनाव के दौरान शांति और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखते हुए बगावत के जोखिम को कैसे रोकती हैं।

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