भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी सावन के मौसम और रूमानी गानों की बात होती है, तो साल 1982 में रिलीज हुई फिल्म ग़ज़ब का एक खास नगमा जेहन में जरूर आता है। यह गाना 'ए हवा यह बता, ए घटा यह बता' है, जो आज भी संगीत प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय बना हुआ है। इस गाने की खासियत यह है कि यह दशकों बीत जाने के बाद भी मॉनसून के दिनों में हर किसी की जुबान पर रहता है और इसके बिना सावन का अहसास अधूरा सा लगता है।
दिग्गज कलाकारों का अनूठा संगम
इस आइकॉनिक गाने के निर्माण के पीछे इंडस्ट्री के कई दिग्गज कलाकारों का योगदान रहा है। गाने का संगीत उस दौर के महान संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था, जबकि इसके खूबसूरत और दिल को छू लेने वाले बोल गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे। इस गीत की गहराई को आवाज देने का काम प्लेबैक सिंगिंग के दो बड़े दिग्गजों लता मंगेशकर और शब्बीर कुमार ने किया था, जिनकी सुरीली आवाजों ने इस रचना को अमर बना दिया।
पर्दे पर धर्मेंद्र और रेखा का जादू
गाने के ऑडियो के साथ-साथ इसका वीडियो भी दर्शकों के दिलों पर छा गया था। पर्दे पर बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा रेखा और ही-मैन के नाम से मशहूर धर्मेंद्र की बेमिसाल केमिस्ट्री देखने को मिली थी। दोनों की मौजूदगी ने हवा, घटा और सावन की रिमझिम बूंदों को प्यार का संदेश देने का एक ऐसा अनूठा जादू चलाया कि आज भी लोग इसे बड़े चाव से देखते हैं। चार दशक से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी यह नगमा मॉनसून के मौसम में लोगों के दिलों पर राज कर रहा है।



















