चित्रकूट में बच्चों ने पानी के बीच बैठकर किया अनोखा प्रदर्शन, दो साल से टूटा पड़ा है पुलउत्तराखंड के चमोली में कुप्रथा की भेंट चढ़ी बेटी, पीरियड के दौरान नदी किनारे नहाने गई सुमित्रा की पानी में डूबकर मौतमूंगफली खाने का सही तरीका क्या है, छिलके सहित या बिना छिलके खानी चाहिए?बिहार के आरा में बना अनोखा नेचुरल AC कैफेटेरिया, बिना बिजली और एसी के मिट्टी-पानी से हो रहा ठंडानितीश राणा की ताबड़तोड़ पारी भी नहीं बचा पाई टीम, रोमांचक मुकाबले में सेंट्रल दिल्ली किंग्स की जीतबख्तियारपुर में भीषण अग्निकांड: बाइक स्पेयर पार्ट्स दुकान और घर में लगी आग से छह महीने की बच्ची समेत तीन की जिंदा जलकर मौतअनुपमा के खिलाफ गौतम और परितोष की साजिश, कुकिंग कॉम्पिटिशन में आएगा बड़ा मोड़सवाई माधोपुर में डॉक्टर से 5 करोड़ की रंगदारी, रोहित गोदारा गैंग के नाम पर धमकी के बाद पुलिस सुरक्षा सख्तउत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों पर अगस्त में ही बर्फबारी, हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी में बदला मौसम का मिजाजधीमे शॉवर की धार को यूं करें तेज, बिना बेकिंग सोडा-सिरके के इस तरह साफ करें चूने की परत
गंगा जमुना: दिलीप कुमार की वह कालजयी फिल्म जिससे प्रेरित होकर बनीं बॉलीवुड की तीन यादगार फिल्मेंमनोरंजन
7 जुल॰ 2026, 11:09 pm (46 दिन पहले)· 1

गंगा जमुना: दिलीप कुमार की वह कालजयी फिल्म जिससे प्रेरित होकर बनीं बॉलीवुड की तीन यादगार फिल्में

दिलीप कुमार की फिल्म 'गंगा जमुना' ने सिनेमा में एक ऐसा बेंचमार्क सेट किया जिससे प्रेरित होकर 'दीवार', 'नाम' और 'आंदोलन' जैसी फिल्में बनीं। यह फिल्म अपनी कहानी, भाषा और निर्देशन के लिए आज भी याद की जाती है।

दिलीप कुमार का नाम भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक अभिनय गुरु के रूप में दर्ज है, जिन्हें अमिताभ बच्चन से लेकर राज कपूर तक अपना आदर्श मानते थे। वर्ष 1961 में रिलीज हुई उनकी फिल्म 'गंगा जमुना' केवल एक फिल्म नहीं थी, बल्कि यह भारतीय सिनेमा के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई। हालांकि आधिकारिक तौर पर नितिन घोष इस फिल्म के निर्देशक थे, लेकिन हकीकत यह थी कि फिल्म का पूरा निर्माण और निर्देशन का काम खुद दिलीप कुमार ने ही संभाला था। उन्होंने ही इस फिल्म की पटकथा लिखी थी और वे स्वयं ही इसके निर्माता थे। 'गंगा जमुना' ने बॉलीवुड की आने वाली पीढ़ियों के लिए कहानी कहने का एक नया और गहरा तरीका पेश किया।

फिल्म की अनूठी विशेषताएं और चुनौती

इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अवधी भाषा थी, जो उस दौर के सामान्य सिनेमा से बिल्कुल अलग थी। साउथ की मशहूर अभिनेत्री वैजयंती माला ने फिल्म में अवधी के जो संवाद बोले, वे दिलीप कुमार द्वारा खुद रिकॉर्ड करके भेजे गए थे। वैजयंती माला ने उन संवादों को बार-बार सुनकर आत्मसात किया और पर्दे पर बेहतरीन प्रदर्शन दिया। फिल्म में दिलीप कुमार के सगे भाई नासिर हुसैन ने छोटे भाई का रोल निभाया था। इसके अलावा कन्हैया लाल, अनवर खान और लीला चिटनिस ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। दिलीप कुमार और नासिर हुसैन ने 'गंगा जमुना' के अलावा 1976 की फिल्म 'बैराग' में भी साथ काम किया था। दुर्भाग्यवश 'बैराग' के रिलीज होने से पहले ही नासिर हुसैन का निधन हो गया। संगीत के मामले में फिल्म बेजोड़ थी, जिसमें नौशाद का संगीत और शकील बदायुनी के गीत शामिल थे। फिल्म का गाना 'इंसाफ की डगर पे' आज भी देश के सबसे प्रभावशाली गीतों में गिना जाता है। 'गंगा जमुना' का नेट कलेक्शन उस जमाने में 3.5 करोड़ रुपये था, जो वर्तमान की अर्थव्यवस्था के अनुसार लगभग 1000 करोड़ रुपये के बराबर होता है। सेंसर बोर्ड के साथ हुए 200 कट्स के विवाद को सुलझाने के लिए दिलीप कुमार को तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से सहायता लेनी पड़ी थी।

ये भी पढ़ें

प्रेरणा स्रोत: दीवार

सलीम-जावेद की जोड़ी ने 'गंगा जमुना' के मूल कथानक से प्रेरित होकर 'दीवार' की पटकथा लिखी। यश चोपड़ा द्वारा निर्देशित यह फिल्म 24 जनवरी 1975 को रिलीज हुई थी। अमिताभ बच्चन और शशि कपूर अभिनीत इस फिल्म में दो भाइयों की कहानी थी, जिसमें एक अपराधी और दूसरा पुलिस अधिकारी था। फिल्म का चरमोत्कर्ष, जहां एक भाई दूसरे की जान ले लेता है, आज भी हिंदी सिनेमा का सबसे आइकॉनिक दृश्य माना जाता है। 4.25 करोड़ रुपये के कलेक्शन के साथ यह फिल्म 1975 की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी।

नाम: एक और सफल कोशिश

12 सितंबर 1986 को रिलीज हुई फिल्म 'नाम' भी इसी तर्ज पर बनी थी। महेश भट्ट द्वारा निर्देशित इस फिल्म में संजय दत्त और कुमार गौरव ने भाइयों की भूमिका निभाई थी। फिल्म का बजट करीब 2 करोड़ रुपये था और इसने भारत में 4 करोड़ तथा विश्व स्तर पर 7 करोड़ रुपये की कमाई की थी। यह फिल्म सुपरहिट रही और 1986 की चौथी सबसे बड़ी कमाई करने वाली फिल्म बनी। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत इस फिल्म का मजबूत स्तंभ था, जिसमें 'चिट्ठी आई है' जैसा कालजयी गाना शामिल था।

आंदोलन: अंतिम कड़ी

1995 में रिलीज हुई फिल्म 'आंदोलन' भी भाइयों के द्वंद्व की इसी कहानी को दोहराती है। अजीज सेजवाल द्वारा निर्देशित इस फिल्म में संजय दत्त और गोविंदा लीड रोल में थे। 3.75 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने 10 करोड़ रुपये कमाए और यह बॉक्स ऑफिस पर औसत रही। फिल्म का संगीत नदीम-श्रवण ने दिया था और समीर ने इसके गीत लिखे थे।

सवाल-जवाब

गंगा जमुना फिल्म के निर्माता कौन थे?
इस फिल्म का निर्माण खुद दिलीप कुमार ने 'सिटीजन फिल्म्स' के बैनर तले किया था।
गंगा जमुना में वैजयंती माला को अभिनय के लिए मदद किसने की थी?
दिलीप कुमार ने खुद संवादों को अवधी भाषा में रिकॉर्ड करके वैजयंती माला के पास भेजा था, ताकि वे इसे सही ढंग से बोल सकें।
दीवार फिल्म का प्रेरणा स्रोत क्या था?
फिल्म 'दीवार' का मूल प्लॉट दिलीप कुमार की फिल्म 'गंगा जमुना' से प्रेरित था।
1986 में आई फिल्म नाम में संजय दत्त के भाई का किरदार किसने निभाया था?
संजय दत्त के वास्तविक जीवन के बहनोई कुमार गौरव ने फिल्म में उनके बड़े भाई की भूमिका निभाई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR