भारतीय सिनेमा के इतिहास में विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृतियों को बड़े पर्दे पर दर्शाने की एक समृद्ध परंपरा रही है। इसी कड़ी में बॉलीवुड के कई फिल्मकारों ने बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक वास्तुकला, मनमोहक गलियों और वहां के साहित्यिक वातावरण को अपनी फिल्मों का मुख्य केंद्र बनाया है। TrendKia के अनुसार, बॉलीवुड की ऐसी आठ बेहतरीन फिल्में हैं जिन्होंने बंगाल और कोलकाता के अनूठे रंग को दर्शकों के सामने बेहद खूबसूरती के साथ पेश किया है।
कोलकाता के माहौल को जीवंत करती थ्रिलर कहानी
साल 2012 में प्रदर्शित हुई फिल्म कहानी को दर्शक आज भी याद करते हैं। इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाली विद्या बालन के अभिनय की खूब तारीफ हुई थी। फिल्मकारों ने इसमें कोलकाता की प्रसिद्ध दुर्गा पूजा की भव्यता और वहां के स्थानीय जीवन को बेहद सजीव तरीके से दिखाया है। इस सस्पेंस थ्रिलर फिल्म में कोलकाता केवल एक पृष्ठभूमि नहीं है, बल्कि वह कहानी के एक महत्वपूर्ण पात्र के रूप में उभरकर सामने आता है।
संजय लीला भंसाली की भव्य देवदास
संजय लीला भंसाली के निर्देशन में साल 2002 में बनी फिल्म देवदास अपने समय की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक थी। शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित के दमदार अभिनय से सजी इस फिल्म का लव ट्रायंगल दर्शकों के दिलों को छू गया था। फिल्म निर्माताओं ने इसमें बंगाल के वैभव और कुलीन संस्कृति को बहुत बड़े पैमाने पर प्रदर्शित किया था। विशाल और आलीशान हवेलियां, लाल बॉर्डर वाली पारंपरिक साड़ियां और दुर्गा पूजा के भव्य दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। इसके साथ ही, माधुरी दीक्षित के शानदार नृत्य और ठुमकों ने इस फिल्म की सफलता में बड़ी भूमिका निभाई थी।
उत्तर कोलकाता की गलियों की सैर कराती पीकू
साल 2015 में रिलीज हुई फिल्म पीकू में महान अभिनेता अमिताभ बच्चन के अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। इस फिल्म में उनके साथ दीपिका पादुकोण और इरफान खान भी मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म की अधिकांश शूटिंग उत्तर कोलकाता की पुरानी ऐतिहासिक इमारतों, वहां की संकरी गलियों, पारंपरिक बंगाली मिठाइयों की दुकानों और हुगली नदी के खूबसूरत घाटों पर की गई है, जो फिल्म को एक वास्तविक बंगाली स्पर्श देते हैं।
दार्जिलिंग और कोलकाता के दो अलग रंग दिखाती बर्फी!
साल 2012 में आई रणबीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा अभिनीत फिल्म बर्फी! में बंगाल के दो बेहद खूबसूरत और अलग-अलग रूपों को पर्दे पर उतारा गया है। एक तरफ दर्शकों को दार्जिलिंग के हरे-भरे खूबसूरत चाय बागान और वहां की ऐतिहासिक टॉय ट्रेन देखने को मिलती है, तो दूसरी तरफ पुराने कोलकाता की बारिश से भीगी सड़कें और वहां का ठहराव महसूस होता है।
ग्रामीण बंगाल की खूबसूरती समेटे लुटेरा
साल 2013 में रिलीज हुई फिल्म लुटेरा में रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इस फिल्म की कहानी में ग्रामीण बंगाल की प्राकृतिक और सांस्कृतिक सुंदरता को बहुत ही सलीके से बुना गया है। पुराने जमींदारों की विशाल हवेलियां, खुले मैदान और बंगाल की समृद्ध पारंपरिक संस्कृति इस फिल्म को कलात्मक रूप से बेहद समृद्ध बनाती है।
60 के दशक के बंगाल को जीती परिणीता
साल 2005 में आई फिल्म परिणीता में विद्या बालन और सैफ अली खान की जोड़ी नजर आई थी। इस फिल्म के जरिए दर्शकों को 1960 के दशक के बंगाल का जीवंत अनुभव मिलता है। बड़े-बड़े पारंपरिक बंगाली आंगन, संयुक्त परिवारों का रहन-सहन और फिल्म में दिखाई गई खूबसूरत लोकेशंस आज भी सिनेमा प्रेमियों के जेहन में ताजा हैं।
कोलकाता का राजनैतिक और युवा चेहरा पेश करती युवा
प्रसिद्ध निर्देशक मणिरत्नम की साल 2004 में आई फिल्म युवा को दर्शक आज भी इसके खास मिजाज के लिए याद करते हैं। इस फिल्म में कोलकाता के युवाओं की जिंदगी और वहां की राजनीतिक हलचल को बेहद करीब से दिखाया गया है। फिल्म की शूटिंग के दौरान हावड़ा ब्रिज, मैदान और विक्टोरिया मेमोरियल जैसे शहर के अत्यंत प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक स्थलों को बेहद खूबसूरती के साथ कैमरे में कैद किया गया है।













