सिनेमाई पर्दे पर सौम्य किरदारों के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री रश्मिका मंदाना अब तक के सबसे उग्र और आक्रामक रूप में दर्शकों के सामने आने वाली हैं। रविवार की देर रात उनकी आने वाली बहुप्रतीक्षित फिल्म 'मैसा' की पहली आधिकारिक झलक पेश की गई। इस टीजर के सामने आते ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों के बीच जबरदस्त हलचल मच गई है। पूरी कहानी का ताना-बाना एक जुझारू आदिवासी महिला के इर्द-गिर्द बुना गया है, जो मुश्किल हालात और खतरनाक दुश्मनों के बीच अकेली दीवार बनकर खड़ी नजर आती है। टीजर में दिखाए गए दृश्यों से साफ संकेत मिलता है कि यह प्रोजेक्ट पारंपरिक एक्शन फिल्मों से काफी अलग मिजाज रखता है।
संघर्ष, आत्मबल और रोंगटे खड़े कर देने वाला वॉयसओवर
प्रस्तुत किए गए दो मिनट के इस वीडियो की शुरुआत मुख्य किरदार के गंभीर वॉयसओवर से होती है। यह शुरुआती संवाद स्क्रीन पर एक बेहद तनावपूर्ण और दर्दनाक सफर की पृष्ठभूमि तैयार करता है। वीडियो में वह निराशा के पलों को स्वीकारते हुए कहती हैं, "मैं थक गई हूं, मैं रुक गई हूं, मैं हार गई हूं"। हालांकि, निराशा भरे इन शब्दों के फौरन बाद उनका ऐसा निडर और अदम्य व्यक्तित्व उभरता है, जो किसी भी ताकत के सामने झुकने को तैयार नहीं है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उनका किरदार एक अडिग योद्धा की तरह अंतिम सांस तक मोर्चा संभाले रहता है।
हथियारों का टकराव और पानी के अंदर का जानलेवा संग्राम
फिल्म की पृष्ठभूमि गोंड आदिवासी समुदाय के परिवेश में स्थापित की गई है। कथासार एक ऐसी बेटी का पीछा करता है, जो अपने लापता पिता की खोज में जुटी है और साथ ही अपने रास्ते में आने वाले खलनायकों और क्रूर ताकतों से चुन-चुनकर प्रतिशोध ले रही है। दो मिनट की इस झलक में रश्मिका एक-एक विरोधी पर भारी पड़ती दिखाई देती हैं। कहानी के तेवर को स्पष्ट करने वाला एक चुभता हुआ संवाद भी सामने आया है, जिसके मुताबिक युद्ध हथियारों से डर सकता है, पर हथियार युद्ध से भयभीत नहीं होता। कहानी का मुख्य खलनायक उन्हें एक ऐसा जीवित अस्त्र करार देता है, जो जंग की पूरी दिशा मोड़ने का माद्दा रखता है।
लड़ाकू दृश्यों की बनावट में खास प्रयोग किए गए हैं, जिनमें गहरे पानी के भीतर शूट किए गए जटिल सीक्वेंस शामिल हैं। इन अंडरवॉटर दृश्यों में अभिनेत्री अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी शिकस्त देती नजर आ रही हैं। निर्देशक ने इस बदले की दास्तान को सिनेमाघरों तक पहुंचाने की पूरी रूपरेखा तय कर ली है। यह पीरियड एक्शन ड्रामा 27 नवंबर को बड़े पर्दे पर रिलीज होने के लिए तैयार है।
सेट पर लगी गंभीर चोट और कई दिनों का बेड रेस्ट
एक गोंड जनजाति की लड़ाकू महिला का यथार्थवादी रूप पर्दे पर उतारना शारीरिक रूप से बेहद थका देने वाला साबित हुआ। इस किरदार की मांग को पूरा करने के लिए रश्मिका को कड़े शारीरिक अभ्यास और मुश्किल स्टंट्स के दौर से गुजरना पड़ा था। शूटिंग के दौरान एक बेहद आक्रामक और कठिन डांस सीक्वेंस को फिल्माते वक्त उनके कूल्हों में गंभीर चोट आ गई थी। इस दुर्घटना के चलते उन्हें कई दिनों तक पूरी तरह बिस्तर पर आराम करना पड़ा था। उस कठिन रिकवरी अवधि के दौरान भी वह लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रशंसकों से बातचीत करती रहीं और अपना हौसला बनाए रखा।



















