भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ संगीत रचनाएं समय की सीमाओं को लांघकर अमर हो जाती हैं। साल 1999 में सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई फिल्म हेलो ब्रदर का गीत तेरी चुनरिया इसका सबसे सटीक उदाहरण है। करीब 27 साल का लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी यह रोमांटिक और ऊर्जावान पेपी डांस नंबर हर शादी, पारिवारिक समारोह और पार्टी की प्लेलिस्ट में शीर्ष पर बना रहता है। इस ट्रैक पर सलमान खान की शोख अदाएं और रानी मुखर्जी के साथ उनकी सहज ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था, जिसने इसे रिलीज होते ही एक बहुत बड़ा चार्टबस्टर बना दिया।
संगीत रचना और गायकी का जादू
इस यादगार गीत को संगीत जगत के दो दिग्गज गायकों कुमार सानू और अलका याग्निक ने अपनी सुरीली आवाज से संवारा है। प्रसिद्ध संगीतकार हिमेश रेशमिया द्वारा तैयार की गई तेज तर्रार धुन और ढोलक की पारंपरिक थाप ने इसे सीधे श्रोताओं के दिलों तक पहुंचाया। गीतकार सुधाकर शर्मा द्वारा लिखे गए बोलों ने प्रेम की मासूमियत और उमंग को सहजता से पिरोया। अपनी रिलीज के दौर में यह ट्रैक रेडियो चैनलों और दूरदर्शन के विभिन्न संगीत कार्यक्रमों में लगातार कई हफ्तों तक शीर्ष पायदान पर टिका रहा और एक सदाबहार डांस एंथम में तब्दील हो गया।
फिल्म हेलो ब्रदर का ताना-बाना और कलाकार
इस गाने से सजी फिल्म हेलो ब्रदर की कहानी हीरो नाम के एक मस्तमौला और लापरवाह कूरियर बॉय के जीवन पर केंद्रित थी, जिसका किरदार सलमान खान ने निभाया था। कहानी में मोड़ तब आता है जब हीरो एक नशीले पदार्थों के माफिया के हाथों अपनी जान गंवा बैठता है। उसी घटना में पुलिस इंस्पेक्टर विशाल गंभीर रूप से जख्मी हो जाता है, जिसे अरबाज खान ने पर्दे पर उतारा था।
चिकित्सकों ने हीरो का दिल विशाल के शरीर में प्रत्यारोपित कर दिया, जिसके बाद हीरो की आत्मा केवल विशाल को नजर आने लगती है। फिर दोनों मिलकर मुख्य विलेन के कारनामों को उजागर करते हैं। इस फिल्म का निर्देशन सलमान खान के छोटे भाई सोहेल खान ने किया था। मुख्य कलाकारों के अलावा शक्ति कपूर, जॉनी लीवर, नीरज वोरा और रजा मुराद ने भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिकाएं अदा की थीं।
टिकट खिड़की पर निराशा के बावजूद अमर हुआ संगीत
सिनेमाई पर्दे पर गानों की भारी लोकप्रियता के बावजूद हेलो ब्रदर सिनेमाघरों में दर्शकों की भारी भीड़ जुटाने में असफल रही थी। भारत के घरेलू बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने 10.68 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जबकि इसका वैश्विक स्तर पर कुल संग्रह 17.76 करोड़ रुपये तक ही पहुंच पाया। टिकट खिड़की पर फिल्म का आधिकारिक फैसला फ्लॉप दर्ज किया गया था। बहरहाल, फिल्म के व्यावसायिक नतीजे चाहे जो रहे हों, इसका संगीत और विशेषकर तेरी चुनरिया आज भी श्रोताओं के दिलों पर राज कर रहा है।



















