भारतीय सिनेमा के इतिहास में नब्बे का दशक एक ऐसा दौर था, जिसे गोविंदा और करिश्मा कपूर की सदाबहार ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। इस जादुई जोड़ी ने न केवल अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि अपने अनोखे डांस स्टेप्स से एक नया ट्रेंड भी सेट किया। साल 1995 में आई डेविड धवन की सुपरहिट कॉमेडी फिल्म 'कुली नंबर 1' का कल्ट क्लासिक गाना 'हुस्न है सुहाना' इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। रिलीज होने के बाद यह गाना रातों-रात पूरे देश का पसंदीदा डांस एंथम बन गया था। आज भी शादियों, पार्टियों और त्योहारों के मौकों पर इस गाने की धुन बजते ही लोग थिरकने पर मजबूर हो जाते हैं। गोविंदा के बेफिक्र और ऊर्जावान अंदाज और करिश्मा कपूर की जबरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस ने इस गाने को भारतीय पॉप संस्कृति का एक अमूल्य हिस्सा बना दिया है।
सुरों और धुन की अनोखी जुगलबंदी
इस शानदार गाने की सफलता के पीछे केवल बेहतरीन विजुअल्स ही नहीं, बल्कि इसके पीछे काम करने वाले दिग्गज कलाकारों की मेहनत भी थी। इस सदाबहार ट्रैक को मशहूर गायक अभिजीत भट्टाचार्य और चंदना दीक्षित ने अपनी शानदार आवाजों से सजाया था। गाने का थिरकने पर मजबूर कर देने वाला संगीत प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी आनंद-मिलिंद ने तैयार किया था, जबकि इसके बोल जाने-माने गीतकार समीर के पेन से निकले थे। आनंद-मिलिंद ने इस गाने में एक ऐसी जादुई धुन पिरोई थी, जिसका जादू तीन दशक बीत जाने के बाद भी दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। अभिजीत भट्टाचार्य की चुलबुली आवाज ने पर्दे पर गोविंदा के नटखट अंदाज को बखूबी उभारा, वहीं चंदना दीक्षित की वोकल्स ने करिश्मा कपूर की चंचलता और अभिनय क्षमता के साथ बेहतरीन तालमेल बिठाया।
बदले और धोखे से बुनी गई 'कुली नंबर 1' की कहानी
डेविड धवन के निर्देशन में बनी इस ब्लॉकबस्टर फिल्म की कहानी बेहद दिलचस्प और मनोरंजक है। फिल्म का प्लॉट मुख्य रूप से शादी कराने वाले पंडित शादीराम घरजोड़े के इर्द-गिर्द घूमता है, जिनका किरदार सदाशिव अमरापुरकर ने निभाया था। जब एक बेहद अमीर और बेहद घमंडी बिजनेसमैन चौधरी होशियार चंद, जिनका किरदार कादर खान ने निभाया था, पंडित शादीराम का अपमान करता है, तो पंडित उसे सबक सिखाने की ठान लेता है। वह होशियार चंद का घमंड तोड़ने के लिए एक साधारण रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले राजू कुली को एक बहुत बड़े अमीर राजकुमार के रूप में पेश करता है। राजू के अमीर होने के झांसे में आकर होशियार चंद अपनी लाडली बेटी मालती की शादी उससे करवा देता है। इसके बाद फिल्म में जो झूठ, ड्रामा और गजब की सिचुएशनल कॉमेडी पैदा होती है, उसने दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया।
बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई का सफर
स्टार-स्टडेड स्टार कास्ट वाली इस फिल्म में गोविंदा और करिश्मा कपूर के साथ-साथ शक्ति कपूर, सदाशिव अमरापुरकर, हरीश कुमार और कंचन जैसे मंझे हुए कलाकारों ने अपनी शानदार अदाकारी से जान फूंक दी थी। यह फिल्म 30 जून 1995 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और रिलीज होते ही इसने कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे। उस दौर में यह फिल्म महज 3.50 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनकर तैयार हुई थी। इसके बावजूद फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 12.56 करोड़ रुपये का नेट डोमेस्टिक कलेक्शन किया था। वहीं अगर इसके वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें, तो इस फिल्म ने दुनिया भर से कुल 21.22 करोड़ रुपये की बंपर कमाई की थी।
लागत से छह गुना अधिक मुनाफे का कीर्तिमान
अपनी मूल बजट लागत से छह गुना से भी अधिक की कमाई करके 'कुली नंबर 1' बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इस फिल्म की अपार सफलता में इसके गानों और म्यूजिक एल्बम का बहुत बड़ा योगदान रहा था। रिलीज के वर्ष यह एल्बम साल का सबसे ज्यादा बिकने वाला आधिकारिक म्यूजिक एल्बम बना था। संगीत विश्लेषकों का मानना है कि फिल्म को इतनी बड़ी ऐतिहासिक सफलता दिलाने में 'हुस्न है सुहाना' गाने की लोकप्रियता ने सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी भूमिका निभाई थी। आज 31 साल बाद भी इस गाने का आकर्षण और जादू पूरी तरह से बरकरार है और यह नई पीढ़ी के संगीत प्रेमियों को भी उतना ही पसंद आता है।



















