अस्सी और नब्बे के दशक के भारतीय सिनेमा में जब भी सबसे लोकप्रिय जोड़ियों की चर्चा होती है, तो अनिल कपूर और श्रीदेवी का नाम सबसे पहले लिया जाता है। इस सफल जोड़ी ने पर्दे पर कई यादगार और सुपरहिट फिल्में दी थीं, जिनमें मिस्टर इंडिया, लाडला, लम्हें, जाबांज और रूप की रानी चोरों का राजा जैसी क्लासिक फिल्में शामिल हैं। हालांकि, इस सफल सफर पर अचानक विराम लग गया क्योंकि दोनों कलाकारों की व्यक्तिगत जिंदगी में बदलाव आए, जिसके बाद उन्होंने एक साथ बड़े पर्दे पर काम करना बंद कर दिया।
निजी जिंदगी के बदलाव और जुदाई का सफर
साल 1996 में अनिल कपूर के बड़े भाई और फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने श्रीदेवी के साथ विवाह कर लिया। इसके बाद अनिल कपूर अपनी वास्तविक जीवन की भाभी के साथ रोमांटिक भूमिकाएं निभाने से संकोच करने लगे, और यही वह मुख्य कारण था जिसके चलते यह लोकप्रिय जोड़ी टूट गई। दोनों ने आखिरी बार फिल्म जुदाई में एक साथ अभिनय किया था, जो साल 1997 में सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई थी। अनिल कपूर इस प्रोजेक्ट के लिए भी शुरुआत में बिल्कुल तैयार नहीं थे क्योंकि उनका मानना था कि वह अपनी भाभी के साथ ऑनस्क्रीन रोमांस करने में असहज महसूस करेंगे। हालांकि, बोनी कपूर के बार-बार समझाने के बाद आखिरकार दोनों इस फिल्म में साथ काम करने के लिए राजी हो गए।
बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता और अनूठी कहानी
फिल्म जुदाई में श्रीदेवी और अनिल कपूर की जोड़ी ने आखिरी बार साथ काम किया और इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई कर निर्माता बोनी कपूर को मालामाल कर दिया। इस फिल्म का निर्देशन राज कंवर ने किया था और इसकी सबसे बड़ी यूनीक खासियत इसकी अनूठी पटकथा थी। हिंदी सिनेमा में जुदाई से पहले ऐसी कोई कहानी नहीं आई थी जिसमें एक पत्नी अपने ही पति को पैसों के लिए बेच दे और खुद अपने हाथों से उसकी दूसरी शादी संपन्न कराए।
पाकिस्तानी धुन से प्रेरित था फिल्म का लोकप्रिय गाना
फिल्म की कहानी जितनी अनोखी थी, इसके गीत भी उतने ही ज्यादा लोकप्रिय साबित हुए। इस फिल्म का एक ऐसा गीत था जिसे सुनते ही उस दौर के दर्शकों का दिल भर आता था और वह अलगाव तथा प्रेम की तड़प को बहुत खूबसूरती से बयां करता था। इस गीत को बनाने के लिए मेकर्स ने पाकिस्तानी गायक नुसरत फतेह अली खान के प्रसिद्ध गाने की तर्ज का सहारा लिया था। निर्माताओं ने उनके लोकप्रिय गीत साणू एक पल चैन ना आवे को हिंदी में रूपांतरित किया था और भारत में इस तर्ज पर बने गीत को भी श्रोताओं ने बेहद पसंद किया था।
तीन गायकों के संगम से सजा सुपरहिट गीत
जुदाई फिल्म के इस प्रसिद्ध गीत मुझे एक पल चैन ना आवे को किसी एक नहीं बल्कि तीन प्रतिष्ठित गायकों ने मिलकर खास बनाया था। इस गीत के बोल जाने-माने गीतकार समीर अनजान ने लिखे थे और संगीत की दुनिया की मशहूर जोड़ी नदीम श्रवण ने इसका संगीत तैयार किया था। इस मर्मस्पर्शी गीत को हरिहरन, अल्का याग्निक और जसपिंदर नरूला ने अपनी संयुक्त आवाज से सजाया था। इन तीनों कलाकारों की उम्दा गायकी के दम पर यह गाना पर्दे पर हमेशा के लिए अमर हो गया। फिल्म की कहानी और इसके गानों ने दर्शकों के दिलों पर ऐसा गहरा प्रभाव छोड़ा कि इसने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर डाली। मात्र 6.30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई इस फिल्म ने कुल 28 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया था।



















