सिनेमाघरों में शानदार सफलता हासिल करने वाली फिल्म 'हनुमान अंश' रिव्यू के मोर्चे पर भी काफी चर्चा में रही है। गत 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों का भारी समर्थन मिला और इसने बॉक्स ऑफिस पर बॉक्स ऑफिस के सारे अनुमानों को पार करते हुए जबरदस्त आंकड़े दर्ज किए। शुरुआत के कुछ हफ्तों में इसका प्रदर्शन काफी धीमा और कमजोर रहा था, लेकिन इसके बाद माउथ पब्लिसिटी और दर्शकों के सकारात्मक रिस्पॉन्स के दम पर इसने रफ्तार पकड़ी और एक बड़ी सफलता अपनी झोली में डाली।
शानदार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और वर्ल्डवाइड कमाई
फिल्म ने अपनी कमाई के आंकड़े से सभी को हैरान कर दिया। इसके हिंदी वर्जन ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 336.83 करोड़ रुपये का बिजनेस किया, जबकि तेलुगु वर्जन ने करीब 5.91 करोड़ रुपये की कमाई अपने नाम की। केवल देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों यानी विदेशों में भी इस फिल्म का जलवा देखने को मिला, जहां इसने लगभग 48.70 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इन सभी आंकड़ों को मिलाने के बाद फिल्म की कुल वर्ल्डवाइड कमाई 453.67 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंच गई, जो शुरुआती सुस्त दौर को देखते हुए किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।
सोनीलिव पर डिजिटल रिलीज और ओटीटी प्लेटफॉर्म
थिएटरों में अपनी सफलता का झंडा गाड़ने के बाद अब यह फिल्म अपने डिजिटल सफर की शुरुआत करने जा रही है। जो दर्शक किसी वजह से सिनेमाघरों में जाकर इस फिल्म को नहीं देख पाए थे, वे अब अपने घरों में आराम से इसे ऑनलाइन स्ट्रीम कर सकेंगे। फिल्म 'हनुमान अंश' आगामी 27 नवंबर 2026 से सोनीलिव पर दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी। इस डिजिटल रिलीज के जरिए मेकर्स एक बार फिर से इस ब्लॉकबस्टर फिल्म को एक नया दर्शक वर्ग देने की तैयारी में हैं।
नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित है कहानी
विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी यह फिल्म साल 2026 की सबसे बड़ी सरप्राइज फिल्मों में से एक बनकर उभरी है। फिल्म की मूल कहानी लक्ष्मी नारायण शर्मा नाम के एक युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार शोभिनव सत्या ने निभाया है। लक्ष्मी नारायण शर्मा का जीवन एक गंभीर निजी त्रासदी के बाद पूरी तरह से पलट जाता है। 20वीं सदी की शुरुआत के दौर पर आधारित यह कहानी उस सफर को बयां करती है, जिसमें मुख्य पात्र जीवन के तमाम जटिल सवालों के जवाब ढूंढते-ढूंढते धीरे-धीरे आध्यात्मिकता के मार्ग पर निकल पड़ता है।
आध्यात्मिक सफर और त्याग का संदेश
अपनी सांसारिक जिंदगी और मोह-माया को पीछे छोड़कर वह पूरी तरह से भक्ति और आत्म-खोज की राह अपनाता है, जहां उसे मानसिक शांति मिलती है। उसके गहरे अनुभव और समर्पण उसे भगवान हनुमान के और अधिक करीब ले जाते हैं। फिल्म में यह बहुत ही खूबसूरती से दिखाया गया है कि कैसे एक आम युवक लक्ष्मी नारायण शर्मा आगे चलकर महान आध्यात्मिक संत नीम करौली बाबा के रूप में दुनिया के सामने आते हैं, जो आज भारत के सबसे बड़े और सम्मानित आध्यात्मिक गुरुओं में गिने जाते हैं। यह पूरी सिनेमाई प्रस्तुति आस्था, करुणा, त्याग और बिना किसी स्वार्थ या उम्मीद के जरूरतमंदों की मदद करने का गहरा संदेश देती है।

















