अमेज़न की गुलाबी डॉल्फिन से जुड़े हैरान करने वाले रहस्यधनतेरस 2026: जानिए इस दिन कितने दीपक जलाना होता है सबसे फलदायी और क्या है सही समयEdifier W800BT Pro रिव्यू: बजट मूल्य में मिलने वाले दमदार एक्टिव नॉइज कैंसिलिंग वायरलेस ओवर-इयर हेडफोननिमाड़ में दिवाली की रौनक, घर पर ऐसे बनाएं पारंपरिक मावे वाली गुजियाअमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग लाने की तैयारी, मिडटर्म चुनाव में हार के बाद बढ़ीं मुश्किलेंउर्दा ट्रेन हादसे के बाद स्पेनिश रेलवे अधिकारियों पर यूरोपीय संघ की धोखाधड़ी की जांच शुरूमहज 5 हजार रुपये से शुरू किया था काम, आज इंदौर मंडी से फल मंगाकर आत्मनिर्भर बने मोहम्मद अलीभारती एयरटेल ने की वापसी, फिर से लॉन्च हुआ ₹299 वाला सस्ता प्रीपेड प्लानहार्ट को रखना है सुरक्षित, डॉ. डी एस गंभीर के बताए इन 3 जरूरी टेस्ट्स को नियमित रूप से कराते रहेंमुहूर्त ट्रेडिंग 2026: जानिए तारीख, समय और संवत 2083 के लिए जरूरी नियम
नोएडा में हवा की गुणवत्ता रेड जोन में पहुंची, जानिये गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए कितना है खतरनाकस्वास्थ्य
6 नव॰ 2026, 11:36 pm (5 घंटे पहले)· 2

नोएडा में हवा की गुणवत्ता रेड जोन में पहुंची, जानिये गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए कितना है खतरनाक

नोएडा में बढ़ते प्रदूषण के कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 से 400 के पार पहुंच गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

दिल्ली से सटे नोएडा में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर स्थिति में पहुंचता जा रहा है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 350 से 400 के बीच दर्ज किया जा रहा है, जो रेड जोन की श्रेणी में आता है। त्योहारी सीजन से पहले ही हवा की जहरीली होती चाल ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय चिकित्सकों के अनुसार, इस प्रदूषित हवा में तैरने वाले हानिकारक केमिकल और सूक्ष्म कण सांस के रास्ते शरीर के भीतर उतरकर सीधे खून में घुल जाते हैं। यह स्थिति मानवीय कोशिकाओं पर घातक असर डालने के साथ-साथ शरीर के हार्मोनल संतुलन को भी बिगाड़ सकती है। विशेष तौर पर 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा डायबिटीज, हृदय रोग, अस्थमा या कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों को अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता बताई गई है।

सावधानी और बचाव के जरूरी उपाय

बढ़ते प्रदूषण के इस दौर में लोगों को अपनी दिनचर्या में तुरंत बदलाव करने की जरूरत है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि अधिक जोखिम वाले समूहों को AQI 100 के पार जाते ही अपनी बाहरी गतिविधियों को सीमित कर देना चाहिए और 200 से अधिक होने पर घरों से बाहर निकलने से पूरी तरह बचना चाहिए। सामान्य नागरिकों को भी AQI 200 पार होने पर आउटडोर वर्कआउट या सैर कम कर देनी चाहिए तथा 300 का आंकड़ा पार होने पर बाहर जाने का विचार टाल देना चाहिए। यदि अत्यंत आवश्यक कार्यों से बाहर जाना पड़े, तो अच्छी फिटिंग वाले N95 मास्क का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। अपने शरीर को पूरी तरह हाइड्रेट रखें और प्रचुर मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें। घरों के भीतर हवा को शुद्ध करने के लिए एयर प्यूरीफायर का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा घरों के आसपास स्नेक प्लांट, मनी प्लांट और बॉटल पाम जैसे हवा साफ करने वाले पौधे लगाने की सलाह दी गई है। खानपान में हल्दी वाला दूध, ताजे टमाटर, अमरूद, आंवला, संतरा और हरी सब्जियों जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना फायदेमंद रहता है। डाइट में गुड़ को भी जरूर जगह दें।

ये भी पढ़ें

त्योहारी सीजन में खानपान और मिलावट पर नजर

दीपावली के आसपास बाजार में मिठाइयों की मांग में अचानक उछाल आने से खाद्य पदार्थों में मिलावट का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। इस दौरान बाजार की खुली मिठाइयों के सेवन से बचना चाहिए और केवल विश्वसनीय तथा अच्छी गुणवत्ता वाली दुकानों से ही खरीदारी करनी चाहिए। यदि संभव हो तो त्योहार के मौके पर घर पर बनी शुद्ध मिठाइयों को ही प्राथमिकता दें। व्यक्तिगत स्तर के साथ-साथ सामुदायिक प्रयासों से भी प्रदूषण पर लगाम लगानी होगी। इस दौरान कम से कम पटाखे जलाएं, क्योंकि ग्रीन पटाखे भी हवा की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाते हैं। अपने घरों के आसपास लगातार पानी का छिड़काव करते रहें, किसी भी स्थिति में कूड़े या कचरे में आग न लगाएं और न ही दूसरों को ऐसा करने दें। घरों के भीतर अगरबत्ती और धूपबत्ती का प्रयोग न्यूनतम रखें। जो लोग धूम्रपान के आदी हैं, वे इस अवधि में स्मोकिंग की मात्रा बेहद कम कर दें या पूरी तरह से छोड़ दें।

गर्भवती महिलाओं पर प्रदूषण का गंभीर दुष्प्रभाव

प्रदूषण का यह जहरीला स्तर गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में मौजूद खतरनाक प्रदूषक प्लेसेंटल बैरियर को भेदकर गर्भस्थ शिशु तक पहुंच जाते हैं। इस कारण गर्भवती महिलाओं को सिरदर्द, ब्रेन फॉग, याददाश्त से जुड़ी दिक्कतें, चिड़चिड़ापन, नाक बहना, लगातार खांसी, गले में खराश और सांस फूलने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस संवेदनशील समय में महिलाओं को अपना ब्लड प्रेशर नियमित अंतराल पर जांचते रहना चाहिए, क्योंकि दूषित पर्यावरण की वजह से रक्तचाप बढ़ने की आशंका काफी बढ़ जाती है।

गर्भपात और समय से पहले प्रसव का जोखिम

गर्भावस्था के शुरुआती दौर यानी पहली तिमाही में प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से ब्लीडिंग और गर्भपात का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। वहीं दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान समय से पहले डिलीवरी होने की आशंका बनी रहती है। प्रदूषण का यह स्तर रक्त कोशिकाओं और ब्लड सर्कुलेशन को सीधे प्रभावित करता है, जिसकी वजह से गर्भ में पल रहे बच्चे तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और खून नहीं पहुंच पाता है। इसका सीधा असर शिशु के शारीरिक विकास पर पड़ता है और फीटल डिस्ट्रेस का गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाता है। ऐसी स्थिति में गर्भवती महिलाओं को सलाह दी जाती है कि AQI बढ़ने पर वे पूरी तरह घर के अंदर सुरक्षित रहें, बिना किसी जरूरी काम के बाहर न निकलें और स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी असुविधा होने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

सवाल-जवाब

नोएडा में वर्तमान AQI किस श्रेणी में पहुंच गया है?
नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 से 400 के पार पहुंच गया है, जो रेड जोन की श्रेणी में आता है।
प्रदूषित हवा से सबसे ज्यादा खतरा किसे है?
साठ साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों, पांच साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है।
गर्भवती महिलाओं को प्रदूषण से क्या लक्षण हो सकते हैं?
गर्भवती महिलाओं को सिरदर्द, ब्रेन फॉग, याददाश्त की परेशानी, चिड़चिड़ापन, खांसी और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
डॉक्टर ने घर के अंदर कौन से पौधे लगाने की सलाह दी है?
हवा को शुद्ध रखने के लिए स्नेक प्लांट, मनी प्लांट और बॉटल पाम जैसे पौधे लगाने की सलाह दी गई है।
त्योहारों के दौरान खानपान को लेकर क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
बाजार की मिलावटी मिठाइयों से बचना चाहिए और घर पर बनी या अच्छी गुणवत्ता वाली दुकानों से ही मिठाई खरीदनी चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp