हर इंसान की दिली ख्वाहिश होती है कि उसका खुद का एक सुंदर घर हो। हालांकि, मौजूदा समय में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच अपने सपनों का आशियाना तैयार करना काफी मुश्किल काम बन गया है। इसके बावजूद, यदि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ही पुख्ता योजना तैयार कर ली जाए, तो कंस्ट्रक्शन पर आने वाले खर्च को काफी हद तक घटाया जा सकता है। इतना ही नहीं, सही रणनीति अपनाने से भविष्य में भी पैसों की खासी बचत होती है।
मौसम और दिशा का रखें ध्यान
आर्किटेक्ट ईशान कुमार गर्ग का कहना है कि मकान बनवाते वक्त उसकी सही दिशा और आसपास के मौसम का खास ख्याल रखना बेहद आवश्यक होता है। अक्सर लोग घर बनाते वक्त इन बेहद अहम पहलुओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका खामियाजा बाद में भुगतना पड़ता है। आगे चलकर घर के भीतर जरूरत से ज्यादा रोशनी और गर्मी आने के कारण बिजली का भारी बिल चुकाना पड़ता है। इसलिए किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपके क्षेत्र का क्लाइमेट कैसा है और सूरज की धूप मकान के किस हिस्से पर पड़ती है।
खिड़कियों और प्राकृतिक रोशनी की प्लानिंग
मकान में कांच और खिड़कियों की सही स्थिति की योजना शुरुआत में ही बना लेनी चाहिए। इन्हें हमेशा सूर्य की किरणों की दिशा को ध्यान में रखकर ही लगवाना चाहिए ताकि घर के अंदर प्राकृतिक उजाला भरपूर मात्रा में आ सके। इस प्रकार की व्यवस्था करने से भीषण गर्मी के दिनों में एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का उपयोग स्वतः कम हो जाता है। परिणामस्वरूप, बिजली की खपत में भारी कमी आती है और हर महीने आने वाले बिजली बिल से राहत मिलती है।
रैट ट्रैप बॉन्ड तकनीक का इस्तेमाल
घर की दीवारों को मजबूत और किफायती बनाने के लिए रैट ट्रैप बॉन्ड तकनीक का उपयोग करना एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। इस विशेष तकनीक के तहत नौ इंच मोटी दीवार के भीतर एक खाली जगह या कैविटी छोड़ी जाती है। ऐसा करने से दीवार के निर्माण में लगने वाले सीमेंट और रेत के मसाले की मात्रा काफी घट जाती है। इसके अलावा, दीवार के अंदर मौजूद हवा के कारण गर्मी के मौसम में कमरे के भीतर का तापमान भी काफी हद तक नियंत्रित रहता है।
छत को ठंडा रखने के उपाय
गर्मियों के सीजन में मकान की छत सूर्य की तेज धूप के कारण बहुत ज्यादा तप जाती है, जिससे नीचे रहने वाले कमरों में भी उमस और गर्मी बढ़ जाती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए छत पर सफेद रंग की पट्टी का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसा करने से सूर्य की किरणें परावर्तित हो जाती हैं और छत ठंडी बनी रहती है, जिससे अंदर का माहौल भी सुहाना रहता है। इस छोटे से उपाय की मदद से गर्मियों से राहत पाने के लिए किए जाने वाले अन्य महंगे इंतजामों पर खर्च होने वाले पैसे बचाए जा सकते हैं।
नक्शा बनवाना है सबसे पहला कदम
किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य की नींव रखने से पहले उसका विधिवत नक्शा जरूर तैयार करवा लेना चाहिए। ब्लूप्रिंट या नक्शा होने से आपको पहले ही इस बात का स्पष्ट अंदाजा हो जाता है कि कौन-सी चीज किस जगह पर बनेगी और कुल कितना बजट लगेगा। इंजीनियर या आर्किटेक्ट द्वारा तैयार नक्शे के अनुसार काम करने से हर गतिविधि सुचारू रूप से चलती है और बेवजह के खर्चों से आसानी से बचा जा सकता है।
छोटी बातों से होती है बड़ी बचत
घर बनवाते समय यदि छोटी-छोटी बातों पर गौर किया जाए तो पैसों की भारी बचत हो सकती है। मकान की सही दिशा तय करना, खिड़कियों की उचित पोजीशन रखना, रैट ट्रैप बॉन्ड तकनीक अपनाना और छत को ठंडा रखने जैसे उपाय बजट को नियंत्रण में रखते हैं। आर्किटेक्ट ईशान कुमार गर्ग का यही मानना है कि यदि निर्माण कार्य से पहले दूरदर्शिता दिखाते हुए सही योजना बना ली जाए, तो शुरुआती लागत कम होती है और आगे भी आर्थिक लाभ मिलता रहता है।



















