200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ठग सुकेश चंद्रशेखर के साथ जैकलीन फर्नांडिस और नोरा फतेही के कनेक्शन की परतें तब खुलीं, जब प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने दोनों अभिनेत्रियों को पूछताछ के लिए तलब किया। पूछताछ के दौरान नोरा फतेही ने दावा किया कि उन्हें सुकेश और उनकी पत्नी द्वारा एक कार्यक्रम में बुलाया गया था और उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस की फीस के रूप में महंगे उपहार स्वीकार किए थे।
तोहफों की जांच और नोरा फतेही का दावा
नोरा फतेही के बयानों के आधार पर जांच अधिकारियों ने उन कीमती तोहफों की गहराई से छानबीन की, जिनमें एक बीएमडब्ल्यू कार और गुच्ची ब्रांड के डिजाइनर बैग जैसी लग्जरी चीजें शामिल थीं। नोरा का यह भी कहना था कि इस ठग सिंडिकेट से उनका कोई निजी संबंध नहीं था और वह अनजाने में इस धोखाधड़ी का शिकार बन गई थीं। जैसे ही उन्हें हालात संदिग्ध लगे, उन्होंने सुकेश चंद्रशेखर के साथ अपने सभी रिश्ते तुरंत समाप्त कर लिए थे।
सुकेश चंद्रशेखर का नया और विस्फोटक दावा
इस हाई-प्रोफाइल मामले में नया मोड़ तब आया जब सुकेश चंद्रशेखर की तरफ से एक हस्तलिखित पत्र सामने आया। इस पत्र में उसने दावा किया कि उसने मोरक्को के कैसाब्लांका शहर में एक मकान खरीदने के लिए नोरा फतेही को करोड़ों रुपये दिए थे। इसी आधार पर उसने नोरा से खुद को पीड़ित बताने का नाटक बंद करने की चेतावनी दी और धमकी दी कि वह उस वक्त की चैट और बातचीत को सार्वजनिक कर देगा। सुकेश ने यह भी आरोप लगाया कि नोरा, जैकलीन फर्नांडिस के साथ उसके संबंधों से ईर्ष्या करती थीं और दिन में कई बार फोन करके जैकलीन से ताल्लुक तोड़ने की गुहार लगाती थीं।
जैकलीन फर्नांडिस और सुकेश का रिश्ता
साल 2021 के दौरान सुकेश चंद्रशेखर और जैकलीन फर्नांडिस रिलेशनशिप में थे। मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुकेश का नाम आने के बाद इन दोनों की एक अंतरंग तस्वीर भी इंटरनेट पर वायरल हुई थी। जैकलीन का पक्ष था कि उन्हें सुकेश द्वारा पूरी तरह से धोखे में रखा गया था। ठग ने अपना रसूख और भरोसा कायम करने के लिए खुद को किसी दक्षिण भारतीय राजनेता के परिवार का सदस्य और एक बड़ा मीडिया टाइकून बताया था।
करोड़ों के महंगे उपहार और जैकलीन का रुख
सुकेश ने बाद में यह खुलासा किया कि उसने जैकलीन फर्नांडिस और उनके परिजनों पर करोड़ों रुपये बरसाए थे, जिनमें बेशकीमती हीरे, गाड़ियां और गुच्ची, शनेल तथा अन्य नामी ब्रांड्स के महंगे बैग शामिल थे। दूसरी ओर, जैकलीन का यह कहना था कि जैसे ही उन्हें सुकेश के आपराधिक कृत्यों की असलियत का पता चला, उन्होंने उसके साथ सारे संपर्क हमेशा के लिए तोड़ दिए थे।
पुलिस और जांच एजेंसियों की अलग दलीलें
दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर ने एक मीडिया एजेंसी से बातचीत में स्पष्ट किया कि जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें इसलिए बढ़ गईं क्योंकि सुकेश के क्रिमिनल रिकॉर्ड की जानकारी होने के बाद भी उन्होंने उससे दूरी नहीं बनाई। इसके विपरीत, नोरा फतेही ने किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका होते ही खुद को इस पूरे घटनाक्रम से दूर कर लिया था।
अदालती कार्रवाई और कानूनी शिकंजा
शुरुआती दौर में 200 करोड़ रुपये के इस मनी लॉन्ड्रिंग केस में जैकलीन फर्नांडिस को केवल गवाह के तौर पर शामिल किया गया था, लेकिन बाद में ईडी ने उन्हें मुख्य आरोपी बना दिया। इसके बाद दिल्ली की एक अदालत ने उन पर औपचारिक रूप से आरोप तय किए। जैकलीन ने पहले खुद को पूरी तरह बेकसूर बताते हुए कानूनी मुकदमे का सामना करने का फैसला किया था।
सुकेश का पूरा सिंडिकेट और उगाही का खेल
इस पूरे मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण का मुख्य आधार यह है कि सुकेश चंद्रशेखर ने जेल के भीतर से ही रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से लगभग 200 करोड़ रुपये की अवैध उगाही की थी। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, इस ठग ने उस गैर-कानूनी तरीके से कमाए गए धन का एक बड़ा हिस्सा अपने बेहद करीबी लोगों को लग्जरी गाड़ियां, महंगे तोहफे और अन्य विलासिता की वस्तुएं भेंट करने में इस्तेमाल किया था, जिसमें बॉलीवुड अभिनेत्रियां जैकलीन फर्नांडिस और नोरा फतेही भी शामिल थीं।



















