दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह इन दिनों अपनी शानदार अदाकारी और फिल्मों की सफलता को लेकर चर्चा में हैं। इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' में उनकी भूमिका की चारों तरफ सराहना हो रही है। समीक्षकों की प्रशंसा के साथ-साथ इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी मजबूत कमाई दर्ज की है। इसके अतिरिक्त, वेब सीरीज 'मेड इन इंडिया' में जेआरडी टाटा के व्यक्तित्व को पर्दे पर साकार करने के लिए भी उन्हें दर्शकों और आलोचकों से काफी सराहना मिली है। अपनी इस नई पारी के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया है कि अभिनय से संन्यास लेने का उनका फिलहाल कोई इरादा नहीं है। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी साझा किया कि वे लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कारों को स्वीकार क्यों नहीं करते हैं।
लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स पर नसीरुद्दीन शाह का दोटूक रुख
अपनी हालिया बातचीत के दौरान नसीरुद्दीन शाह ने खुलासा किया कि पिछले कुछ समय में उन्हें कई लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कारों की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने उन सभी प्रस्तावों को सीधे तौर पर मना कर दिया। उन्होंने अपने इस फैसले की वजह बताते हुए कहा कि लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान देने का सीधा सा संकेत यह माना जाता है कि कलाकार का करियर और काम अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
अभिनेता ने स्पष्ट किया कि पुरस्कार लेकर घर बैठने या काम से दूरी बनाने की उनकी कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि उनका काम अभी खत्म नहीं हुआ है और वे आने वाले समय में भी अभिनय की यात्रा को निरंतर जारी रखना चाहते हैं। इसी सोच के कारण वे ऐसे सम्मानों से दूरी बनाए रखते हैं।
'मैं वापस आऊंगा' का 50 दिनों का सफर और 100 करोड़ की कमाई
शुक्रवार को मुंबई में फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' की पूरी टीम ने सिनेमाघरों में सफलतापूर्वक 50 दिन पूरे होने के अवसर पर एक भव्य सक्सेस पार्टी आयोजित की। वर्तमान दौर में किसी फिल्म का सिनेमाघरों में 50 दिनों तक टिके रहना काफी दुर्लभ माना जाता है। दिलजीत दोसांझ, शरवरी और वेदांग रैना के अभिनय से सजी यह रोमांटिक ड्रामा फिल्म कई सालों के बाद निर्देशक इम्तियाज अली के लिए बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी सफलता साबित हुई है। इस जश्न के दौरान मीडिया से संवाद करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने अपनी अभिनय यात्रा और फिल्म की सफलता पर विचार व्यक्त किए।
व्यावसायिक प्रदर्शन के मामले में इस फिल्म की शुरुआत सिनेमाघरों में थोड़ी धीमी रही थी। हालांकि, पहले वीकेंड के बाद दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और माउथ पब्लिसिटी के बल पर फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल देखा गया। अब यह फिल्म वैश्विक स्तर पर 100 करोड़ रुपये के कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के आंकड़े को पार करने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है।
विभाजन की पृष्ठभूमि और 95 वर्षीय ईशर सिंह का किरदार
'मैं वापस आऊंगा' की कहानी देश के विभाजन की संवेदनशील पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म का मुख्य कथानक 95 वर्षीय ईशर सिंह ग्रेवाल के जीवन के इर्द-गिर्द बुना गया है, जिसकी भूमिका नसीरुद्दीन शाह ने निभाई है। कहानी में ईशर सिंह अपने पुराने घर पाकिस्तान के सरगोधा जाने का प्रयास करते हैं, लेकिन उसी दौरान उन्हें स्ट्रोक का सामना करना पड़ता है।
इसके पश्चात उनका पोता निरवैर इंग्लैंड से वापस लौटता है और परिवार के वर्षों से दबे गहरे रहस्यों से पर्दा उठाता है। ईशर सिंह के रूप में नसीरुद्दीन शाह की सशक्त अदाकारी को पूरी फिल्म की मुख्य ताकत माना जा रहा है, जिसने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़े रखा है।
समानांतर सिनेमा से व्यावसायिक सफलता और राष्ट्रीय पुरस्कार
नसीरुद्दीन शाह के सिनेमाई सफर पर नजर डालें तो उन्होंने 1970 के दशक में समानांतर सिनेमा के माध्यम से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद फिल्म 'हम पांच' से उन्होंने मुख्यधारा के बॉलीवुड सिनेमा में कदम रखा। 1980 के दशक में उन्होंने 'कर्मा', 'जलवा' और 'मालामाल' जैसी सफल फिल्मों में काम करके बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
अपने लंबे और प्रभावशाली करियर में वे कई बड़े सम्मान अपने नाम कर चुके हैं। उन्हें 1979 की प्रतिष्ठित फिल्म 'स्पर्श' और 1984 की फिल्म 'पार' में उत्कृष्ट अभिनय के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड दिया गया था। इसके अलावा, 2005 की फिल्म 'इकबाल' में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है।



















