महाराष्ट्र सरकार ने हिंदी सिनेमा जगत के प्रसिद्ध पटकथा लेखक सलीम खान को प्रतिष्ठित स्वर्गीय राज कपूर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया है। इस विशेष उपलब्धि के बाद से ही उनके प्रशंसकों और करीबियों के बीच हर्षोल्लास का माहौल बना हुआ है। कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न हो पाने के कारण, सलीम खान की ओर से यह मानद पुरस्कार उनकी धर्मपत्नी और प्रसिद्ध अभिनेत्री हेलेन ने ग्रहण किया। पुरस्कार प्राप्त करने के पश्चात हेलेन ने मीडिया से खुलकर बातचीत की और सरकार के साथ-साथ सभी चाहने वालों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया, साथ ही बताया कि सलीम खान की सेहत और उनका मनोबल आज भी बेहद मजबूत है।
हेलेन ने साझा किया सलीम खान का भावुक संदेश
समान समारोह के बाद मीडिया के सामने आईं हेलेन ने बताया कि यह पुरस्कार उनके परिवार के लिए कितना मायने रखता है। जब उनसे यह पूछा गया कि इस सम्मान की घोषणा होने पर सलीम खान की क्या प्रतिक्रिया थी, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने उन तमाम लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया है जिन्होंने जीवनभर उनके काम को सराहा और उन्हें अपना स्नेह दिया। हेलेन ने खुद को इस बात के लिए बहुत भाग्यशाली माना कि उन्हें पति की तरफ से यह ट्रॉफी लेने का अवसर मिला। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सलीम खान के द्वारा लिखी गई प्रत्येक फिल्म उनकी व्यक्तिगत रूप से भी सर्वकालिक पसंदीदा फिल्मों की सूची में शामिल है।
अभिनय से लेखन की ओर और ऐतिहासिक साझेदारी
अपने फिल्मी सफर की शुरुआत में सलीम खान ने एक अभिनेता के रूप में अपनी किस्मत आजमाई थी और कुछ फिल्मों में छोटे-मोटे सहायक किरदार भी निभाए। हालांकि अभिनय के क्षेत्र में उन्हें वह मुकाम हासिल नहीं हुआ जिसकी उन्होंने तलाश की थी, जिसके बाद उन्होंने पूरी तरह से लेखन की दुनिया का रुख कर लिया। इसके बाद उन्होंने जावेद अख्तर के साथ मिलकर प्रसिद्ध 'सलीम-जावेद' की रचनात्मक जोड़ी बनाई। इस जोड़ी ने भारतीय सिनेमा को 'शोले', 'दीवार', 'जंजीर' और 'डॉन' जैसी सदाबहार ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं और हिंदी फिल्म उद्योग के इतिहास में अपनी एक अलग और अमिट छाप छोड़ी।
साल 1963 की पहली मुलाकात से लेकर वैवाहिक सफर तक
सलीम खान और हेलेन के निजी जीवन की बात करें तो दोनों की पहली मुलाकात वर्ष 1963 में 'काबली खान' नामक फिल्म के सेट पर हुई थी। उस समय हेलेन उस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रही थीं जबकि सलीम खान ने एक खलनायक की भूमिका अदा की थी। समय बीतने के साथ दोनों के बीच की मित्रता प्रगाढ़ हुई जो अंततः प्रेम में बदल गई और वर्ष 1981 में दोनों ने विवाह के बंधन में बंधने का निर्णय लिया। हालांकि सलीम खान पहले से ही वैवाहिक बंधन में बंधे हुए थे, लेकिन समय के साथ उनके पूरे परिवार ने इस रिश्ते को पूर्ण स्वीकृति और आत्मीयता के साथ अपना लिया।



















