कानपुर के एक गरबा कार्यक्रम का छोटा सा वीडियो क्लिप इन दिनों डिजिटल मंचों पर जमकर चर्चा बटोर रहा है। मंच पर मौजूद सोशल मीडिया हस्ती अंजलि अरोड़ा अचानक संगीत नियंत्रक की ओर कदम बढ़ाते हुए कुछ कहती नजर आती हैं। ठीक उसी समय समारोह स्थल पर वह धुन गूंज रही थी जिसने कुछ समय पहले उन्हें पूरे देश में मशहूर कर दिया था। इस दृश्य को देखकर ऑनलाइन दर्शकों के बीच यह बहस तेज हो गई है कि क्या वह उस पुराने संगीत के चयन से असहज थीं या फिर मामला कुछ और था।
कानपुर के उत्सव में मंच पर क्या हुआ
यह पूरा वाकया 15 अक्टूबर की शाम का है, जब शहर में नगाड़ा नाइट डांडिया नामक उत्सव आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पहुंचीं अंजलि जब दर्शकों के सामने थीं, तभी कंसोल से काचा बादाम ट्रैक शुरू हो गया। सामने आई क्लिप में देखा जा सकता है कि धुन बजते ही वह रुकती हैं और सीधे ऑपरेटर की मेज के पास चली जाती हैं।
वहां पहुंचकर उन्होंने ऑपरेटर से कुछ संक्षिप्त संवाद किया। कुछ ही सेकंडों में उनके सहयोगी दल के सदस्य भी मंच के उस हिस्से में पहुंच गए। बातचीत के दौरान अंजलि के हाथों के हाव-भाव देखकर दर्शकों ने यह अनुमान लगाना शुरू कर दिया कि शायद वह उस पुराने गीत को बजाए जाने से खफा थीं। हालांकि, उत्सव के शोरगुल और तेज संगीत के कारण मंच पर हुई असली बातचीत की ध्वनि पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
इंटरनेट पर तीखी प्रतिक्रियाएं और टिप्पणियां
ध्वनि साफ न होने के बावजूद सोशल मीडिया मंचों पर इस घटना के अर्थ निकाले जाने लगे हैं। कई लोगों का तर्क है कि जिस धुन के सहारे उन्हें शोहरत हासिल हुई, उसी धुन पर इस तरह का बर्ताव अजीब लगता है। एक यूजर ने X पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि जिस गाने ने प्रसिद्धि दिलाई, उसी पर गुस्सा होना विडंबना है।
कुछ अन्य आलोचकों ने भी इस पर तंज कसे और इसे अहंकार से जोड़ते हुए अपनी पहचान से दूरी बनाने का प्रयास करार दिया। वहीं, कुछ दर्शकों का कहना है कि बिना यह जाने कि उन्होंने ऑपरेटर से क्या कहा, किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। संभव है कि वह केवल अगला ट्रैक बदलने या ध्वनि के स्तर को ठीक करने का निर्देश दे रही हों।
धार्मिक भूमिका और पूर्व में हुए विवाद
अंजलि अरोड़ा के लिए विवादों के केंद्र में आना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले वह महाकाव्य श्री रामायण कथा नामक परियोजना में माता सीता का चरित्र निभाने के चयन को लेकर भी भारी विरोध झेल चुकी हैं। उस समय परियोजना का प्रचार वीडियो जारी होते ही लोगों ने उनके पिछले नृत्य वीडियो का हवाला देकर उनकी इस नई भूमिका पर सवाल उठाए थे।
उस समय हुई आलोचनाओं का जवाब देते हुए अंजलि ने स्पष्ट कहा था कि उन्हें इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि नाचना उनका शौक है और लगभग हर कलाकार अभिनय के साथ नृत्य भी करता है। सार्वजनिक जीवन में होने के कारण लोगों के आकलन को वह स्वाभाविक मानती हैं। फिलहाल, कानपुर के इस ताजा वाकये ने एक बार फिर उनके नाम को इंटरनेट पर चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।


















