हिमाचल प्रदेश की भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने कुल्लू में सोमवार को महिलाओं के खिलाफ चरित्र हनन के मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी. उनका कहना था कि समाज को अब गंभीरता से सोचना होगा कि महिलाओं के साथ बर्ताव किस तरह किया जा रहा है, क्योंकि उनके चरित्र को अक्सर हथियार बनाकर उन्हीं के खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय के बयान पर सवाल
कंगना से यह सवाल तब पूछा गया जब पत्रकारों ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के एक भाषण का हवाला दिया. विजय ने द्रमुक को चेताया था कि अगर कोई व्यक्तिगत हमला करता है, दोहरे अर्थ वाली फब्तियां कसता है या महिलाओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करता है, तो उसके खिलाफ फौरन सख्त कानूनी कार्रवाई होगी. यह टिप्पणी कुल्लू में दिशा नाम से जानी जाने वाली जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की एक बैठक का संचालन करने के बाद पत्रकारों से हुई बातचीत में सामने आई.
इस पर कंगना ने कहा कि यह समस्या सिर्फ भारत की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की है. उन्होंने कहा, "दुनियाभर में ऐसा होता है." उनके मुताबिक कामकाजी महिलाएं, सफल महिलाएं, अभिनेत्रियां, नेता और सत्ता में बैठी महिलाएं अक्सर इसी वजह से निशाने पर आती हैं ताकि उन्हें कमजोर दिखाया जा सके और उनका कद घटाया जा सके.
जयललिता और एक अनाम अभिनेत्री का जिक्र
थलापति विजय ने अपने भाषण में यह भी बताया कि तमिलनाडु विधानसभा के भीतर दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के साथ किस तरह का दुर्व्यवहार और अपमान हुआ था. उन्होंने बिना नाम लिए यह भी कहा कि एक बड़ी अभिनेत्री को निजी तौर पर निशाना बनाया गया था.
गौरतलब है कि कंगना रनौत साल 2021 में आई जयललिता की बायोपिक में उनका किरदार निभा चुकी हैं, इसलिए इस विषय से उनका सीधा जुड़ाव भी है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में एक बेहद मशहूर अभिनेत्री को उसके निजी रिश्तों की वजह से बदनाम किया गया, जबकि किसी भी रिश्ते में दोनों पक्षों की बराबर की भागीदारी होती है. उनका कहना था कि दुर्व्यवहार और चरित्र हनन का शिकार अक्सर सिर्फ महिला को ही बनाया जाता है, पुरुष को नहीं.
कंगना ने आगे कहा कि पूरे समाज को इस पर आत्ममंथन करने की जरूरत है कि हम महिलाओं को किस नजर से देखते हैं और क्या हम सच में उनका सम्मान करते हैं या सिर्फ दिखावे के लिए बातें करते हैं.
मंडी में अधिकारियों पर भी भड़कीं कंगना
इससे पहले मंडी में हुई दिशा समिति की बैठक में कंगना ने स्थानीय अधिकारियों के काम करने के तरीके पर भी तीखे सवाल उठाए थे. उनका आरोप था कि सांसद निधि से 11 करोड़ रुपये जारी किए जाने के बावजूद अधिकारियों ने जमीन पर कोई ठोस काम नहीं किया.



















