रायपुर में डिजिटल बिजली मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा अब सड़क से निकलकर विधानसभा तक जा पहुंचा है। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र भेजकर स्मार्ट मीटरों की वजह से आ रहे भारी-भरकम बिजली बिलों और रीडिंग में गड़बड़ी की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
महंत के पत्र में क्या मांग
महंत ने पत्र में मुख्यमंत्री साय का ध्यान इस तरफ खींचा कि जब से नए स्मार्ट मीटर लगे हैं, तभी से उपभोक्ता बिजली खपत में अचानक बढ़ोतरी और मोटे बिलों से परेशान हो गए हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि जनहित से जुड़ी इन शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया जाए। साथ ही उन्होंने मांग रखी कि सभी विवादित मीटरों की तकनीकी जांच कराई जाए और जो मीटर खराब निकलें, उन्हें बिना देर किए बदला जाए।
मेन स्विच बंद फिर भी दौड़ती रीडिंग की शिकायत
वहीं दूसरी तरफ राज्य के कई इलाकों से लोग यह शिकायत कर रहे हैं कि घर की मुख्य बिजली सप्लाई बंद करने के बाद भी उनके मीटर की रीडिंग आगे खिसकती दिख रही है। इस पर तकनीकी जानकारों ने सफाई दी है कि मीटर की स्क्रीन का जलते रहना या उसका डिजिटल सिग्नल भेजते रहना एक सामान्य प्रक्रिया है, इसे बिजली की असल खपत नहीं समझा जाना चाहिए। दरअसल स्मार्ट मीटर हर 30 मिनट के अंतराल पर अपने आप रीयल-टाइम डेटा दर्ज करते रहते हैं, इसी वजह से स्क्रीन पर हलचल दिखती रहती है।
घर बैठे 5 मिनट में ऐसे परखें अपना मीटर
उपभोक्ताओं की उलझन दूर करने के लिए बिजली विभाग ने एक आसान और 5 मिनट में पूरा होने वाला तरीका बताया है, जिससे कोई भी खुद अपने मीटर की सच्चाई जांच सकता है। इसके लिए पहले घर के सभी बिजली उपकरण, जैसे कूलर, पंखा, टीवी, फ्रिज, एसी और मोटर बंद कर दें। इसके बाद मीटर की स्क्रीन पर दिख रही kWh रीडिंग की एक साफ फोटो खींच लें और उस वक्त का सही समय नोट कर लें। इसके ठीक बाद घर का मुख्य स्विच भी बंद कर दें। ठीक 5 मिनट बाद दोबारा मीटर की kWh रीडिंग की फोटो लें। अगर मेन स्विच बंद रहने के बावजूद इस दौरान रीडिंग में कोई फर्क या बढ़ोतरी दिखे, तो उपभोक्ता इन दोनों फोटो को सबूत बनाकर नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
बिजली कंपनी बोली, मीटर पूरी तरह सटीक
लगातार उठ रहे सवालों के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने अपनी सफाई में स्मार्ट मीटरों को पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बताया है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 4,800 से ज्यादा उपभोक्ताओं के घरों में मुख्य स्मार्ट मीटर के साथ एक अतिरिक्त चेक मीटर लगाकर दोनों की रीडिंग का मिलान किया गया, और इसमें दोनों के बीच रीडिंग का अंतर शून्य पाया गया। इसके अलावा भिलाई की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त NABL लैब में खुद उपभोक्ताओं की मौजूदगी में 74 स्मार्ट मीटरों की गहराई से फॉरेंसिक जांच भी कराई गई, जिसमें सभी मीटर तय मानकों पर पूरी तरह खरे उतरे।



















