ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए अब गाड़ी को मेरठ के रास्ते लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच बनाने के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत यात्रा का समय महज 30 मिनट के भीतर सिमट जाएगा। इस पूरी योजना की कमान ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यानी जीएनआईडीए के हाथ में है, जिसने शहर में माल ढुलाई और आम यात्रियों दोनों की आवाजाही आसान बनाने के लिए विस्तृत खाका खींचा है।
105 मीटर चौड़ी सड़क का प्रस्ताव
जीएनआईडीए ने गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए हापुड़ बाईपास तक 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव पर लखनऊ में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक हुई, जहां प्राधिकरण के अधिकारियों ने पूरी योजना का ब्योरा रखा। अधिकारियों के मुताबिक यह नई सड़क नोएडा और ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे के बीच की दूरी तय करने में लगने वाले समय को करीब 30 से 45 मिनट तक घटा देगी। मौजूदा कनेक्टिविटी को करीब 15 किलोमीटर तक और बढ़ाया जाएगा, जिससे ग्रेटर नोएडा सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा नोएडा और ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे तक रोज या अक्सर आने-जाने वाले लोगों को मिलेगा, जिन्हें अभी तक मेरठ होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।
एयरपोर्ट तक भी बनेगी 6 लेन एलिवेटेड सड़क
प्राधिकरण ने सिर्फ गंगा एक्सप्रेसवे तक ही नहीं, बल्कि जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक भी बेहतर कनेक्टिविटी का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब यानी एमएमएलएच से लेकर जेवर एयरपोर्ट तक 6 लेन की एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी। यह सड़क खासतौर पर माल ढुलाई के लिए तैयार किए जा रहे पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर बनेगी और सीधे जेवर हवाई अड्डे से जुड़ेगी। इसके पीछे मकसद यह है कि लॉजिस्टिक्स हब में पहुंचने वाला सामान बिना किसी रुकावट के सीधे एयर कार्गो टर्मिनल तक पहुंच सके, जिससे माल की ढुलाई पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगी।
ग्रेटर नोएडा में तैयार होंगी दो बड़ी परियोजनाएं
इस पूरी योजना के तहत ग्रेटर नोएडा में दो बड़ी परियोजनाएं आकार लेंगी, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (एमएमएलएच) और मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच)। इन दोनों परियोजनाओं से न सिर्फ माल ढुलाई में सुविधा होगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स हब और हवाई अड्डे के बीच आवाजाही भी काफी बेहतर हो जाने की उम्मीद है। प्राधिकरण का कहना है कि यह पूरा प्रस्ताव दरअसल ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान 2041 में संशोधन की बड़ी योजना का ही एक हिस्सा है। इस संशोधन का मकसद शहर में माल ढुलाई वाले ट्रैफिक और आम यात्रियों की आवाजाही को आपस में अलग करना है, ताकि दोनों तरह के ट्रैफिक की वजह से लगने वाला जाम कम हो सके।
एयरपोर्ट से एक्सप्रेसवे तक जल्द शुरू होगा काम
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपने प्रस्ताव में साफ किया है कि जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी सुधारने वाले इस प्रोजेक्ट पर काम जल्द शुरू हो जाएगा। इससे न सिर्फ एयरपोर्ट से एक्सप्रेसवे तक पहुंचना आसान होगा, बल्कि ग्रेटर नोएडा, नोएडा और आसपास के दूसरे बड़े शहरों के बीच की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। सरकार की मंशा साफ है, वह चाहती है कि ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे और एनसीआर के बाकी बड़े शहरों तक का सफर 30 मिनट के भीतर पूरा हो जाए।




















