फेडरल रिजर्व की सख्ती और पश्चिम एशिया में खिंचाव के बीच अमेरिकी डॉलर दो हफ्ते के शीर्ष पर, वैश्विक बाजारों में हलचलहरी पत्तेदार सब्जी सोआ से सुधरेगा हाजमा और घटेगा वजन, जानिए दिल और त्वचा के लिए इसके फायदेखाना खाने के तुरंत बाद आराम करना खतरनाक, डॉक्टर ने दी ब्लड शुगर बढ़ने की चेतावनीकांवर यात्रा के कड़े नियम जानकर कांप जाएगी रूह, कोई छोड़ देता है अन्न-पानी तो कोई नहीं बैठता पूरी यात्रा मेंढाबा स्टाइल सोंधा आलू-बैंगन चोखा घर पर बनाने की आसान रेसिपी और सीक्रेट तरीकाकच्चे तेल में तेजी से बैंक ऑफ कनाडा पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव, दिसंबर में भी कदम उठाने की संभावनाचक्रवाती तूफान अर्नब की आहट से सहमा रेल यातायात, 6 राज्यों में दर्जनों एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें रद्दबिस्कुट और चिप्स के पैकेट पर लिखी बेस्ट बिफोर और एक्सपायरी डेट में क्या है अंतरदक्षिण कोरियाई सीमा पर उत्तर कोरिया की हलचल, तोपों की तैनाती से बढ़ा तनावरणबीर कपूर की 'रामायण' के खौफ से टली अंशुमान झा की 'लकड़बग्घा 2', जानिए अब कब आएगी फिल्म
रिजेक्शन और अंधविश्वास के दौर से निकलकर रजनीकांत के सामने विलेन बनीं विद्या बालनमनोरंजन
15 अक्तू॰ 2026, 8:56 am (13 दिन पहले)· 1

रिजेक्शन और अंधविश्वास के दौर से निकलकर रजनीकांत के सामने विलेन बनीं विद्या बालन

करियर के शुरुआती दिनों में दर्जनों फिल्मों से बाहर होने और अपशकुन का तमगा झेलने वाली विद्या बालन अब 'जेलर 2' में रजनीकांत से भिड़ती नजर आएंगी।

सिनेमा की दुनिया जितनी चकाचौंध से भरी दिखती है, कलाकारों के लिए उसका शुरुआती रास्ता अक्सर उतना ही पथरीला होता है। आज अभिनय के दम पर अपनी एक अलग पहचान कायम कर चुकीं विद्या बालन के सफर में भी एक ऐसा दौर आया था, जब उन्हें लगातार नाकामी और खारिज किए जाने की मार झेलनी पड़ी थी। करियर के उस नाजुक मोड़ पर कुछ अनचाहे हालातों के चलते उन्हें अपशकुन मान लिया गया और बिना काम देखे ही एक के बाद एक कई प्रोजेक्ट्स से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। उस कड़वे अनुभव ने उन्हें लंबे अरसे तक गैर-हिंदी सिनेमा से दूर रखा। मगर अब वक्त का पहिया ऐसा घूमा है कि वही अभिनेत्री तमिल सिनेमा के सबसे बड़े चेहरे रजनीकांत के सामने एक खूंखार और ताकतवर किरदार में ताल ठोक रही हैं।

शुरुआती दिनों का अंधविश्वास और लगातर रिजेक्शन का दर्द

अभिनय की दुनिया में कदम रखते हुए विद्या बालन ने दक्षिण भारतीय सिनेमा का रुख किया था, लेकिन वहां किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। मलयालम भाषा की फिल्म 'चक्रम' में उन्हें दिग्गज अभिनेता मोहनलाल के साथ काम करने का मौका मिला था। इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं, मगर किसी वजह से यह फिल्म निर्माण के बीच में ही बंद हो गई। फिल्म के रुकते ही फिल्म जगत के कुछ हलकों में बेबुनियाद अंधविश्वास जोर पकड़ने लगा। लोगों ने इस असफलता का ठीकरा अभिनेत्री के सिर फोड़ दिया और उन्हें फिल्मों के लिए 'पनौती' व 'मनहूस' तक कहा जाने लगा। निर्माताओं को लगने लगा कि उनके जुड़ने से फिल्में सफल नहीं हो पाएंगी।

ये भी पढ़ें

इस निराधार सोच का खामियाजा उन्हें भारी नुकसान के साथ चुकाना पड़ा। लगभग एक दर्जन से ज्यादा प्रोजेक्ट्स ऐसे रहे, जिनमें चयन होने के बावजूद उन्हें अचानक बाहर कर दिया गया। तमिल सिनेमा के गलियारों में भी उन्हें इसी तरह के कड़वे अनुभवों से गुजरना पड़ा। अभिनेता आर माधवन के साथ बनने वाली फिल्म 'रन' और श्रीकांत के साथ 'मनसेल्लम' जैसे प्रोजेक्ट्स उनके हाथ से फिसल गए। कई मौकों पर तो सेट पर शूटिंग शुरू होने से चंद रोज पहले ही निर्माताओं ने उनकी जगह दूसरी अभिनेत्रियों को साइन कर लिया। इस लगातार अपमान और रिजेक्शन ने उन्हें मानसिक तौर पर भीतर से तोड़ दिया था। इसी डर और झिझक की वजह से उन्होंने लंबे वक्त तक हिंदी सिनेमा के दायरे से बाहर कदम रखने का विचार ही छोड़ दिया था। हालांकि उम्र और अनुभव के साथ अब उनका मानना है कि वह सब केवल वक्त और विपरीत परिस्थितियों का दौर था।

'परिणीता' की सीधी-सादी ललिता से 'जेलर 2' की कांथा तक

साल 2005 में प्रदर्शित हुई फिल्म 'परिणीता' से विद्या बालन ने हिंदी सिनेमा में धमाकेदार दस्तक दी और दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों का दिल जीत लिया। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक संजीदा किरदार निभाए। अब निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार की एक्शन थ्रिलर फिल्म 'जेलर 2' के जरिए वे तमिल सिनेमा में अपनी धमाकेदार पारी खेल रही हैं। इस फिल्म में वे 'कांथा' नाम की एक खतरनाक महिला का रोल निभा रही हैं, जो कहानी में मुख्य विरोधी पक्ष का सबसे मजबूत चेहरा है। परदे पर सुपरस्टार रजनीकांत के साथ आमना-सामना होना उनके करियर का एक बेहद खास पड़ाव बन गया है।

इससे पहले भी विद्या बालन को रजनीकांत की एक फिल्म में काम करने का प्रस्ताव मिला था। उस समय उनकी किसी दूसरी फिल्म की शूटिंग की तारीखों का टकराव हो रहा था, जिसकी वजह से वे उस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बन सकी थीं। जब निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार ने 'जेलर 2' की कहानी और कांथा का किरदार उनके सामने रखा, तो उन्होंने बिना किसी देरी के इसे स्वीकार कर लिया। रजनीकांत के साथ परदा साझा करने का अवसर उनके इस प्रोजेक्ट से जुड़ने की सबसे बड़ी प्रेरणा बना।

सुपरस्टार के सामने सिगरेट का धुआं और कांपते हाथ

'जेलर 2' में विद्या बालन का सीधा मुकाबला रजनीकांत के मशहूर किरदार 'मुथुवेल पांडियन' से देखने को मिलता है। प्रचार वीडियो में वे रजनीकांत के चेहरे के ठीक सामने सिगरेट का धुआं उड़ाते हुए बेहद आक्रामक अंदाज में नजर आती हैं। लेकिन परदे पर जितने आत्मविश्वास के साथ यह दृश्य दिखता है, कैमरे के पीछे उसे फिल्माना अभिनेत्री के लिए उतना ही चुनौतीपूर्ण था। निर्देशक मिलन लुथरिया की चर्चित फिल्म 'द डर्टी पिक्चर' के करीब 15 साल बाद उन्होंने किसी फिल्म के लिए पहली बार हाथ में सिगरेट उठाई थी।

उस लम्हे को साझा करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें लगता था कि सिगरेट पीना भी साइकिल चलाने जैसा हुनर है, जिसे इंसान एक बार सीखने के बाद कभी नहीं भूलता। मगर सेट पर जैसे ही निकोटीन का असर उनके शरीर पर पड़ा, उन्हें असहजता महसूस होने लगी। पहले ही टेक के दौरान, जब सामने खुद सुपरस्टार रजनीकांत खड़े थे, घबराहट और निकोटीन के प्रभाव से उनके हाथ बुरी तरह कांपने लगे। उस स्थिति में वे बेहद असहज और शर्मिंदा महसूस कर रही थीं, लेकिन रजनीकांत ने बेहद सौम्य और सहयोगी रवैया दिखाते हुए उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद अगले दिन उन्होंने सेट के एक कोने में बैठकर संवादों की तरह सिगरेट पकड़ने और पीने का कड़ा अभ्यास किया, ताकि दृश्य के दौरान हाथ न कांपें।

सकारात्मक किरदारों की एकरसता और ग्रे शेड्स का रोमांच

विद्या बालन का साफ मानना है कि परदे पर केवल भली, सीधी और आदर्शवादी लड़की की भूमिकाएं करते रहना किसी भी कलाकार के लिए बेहद उबाऊ हो जाता है। यही कारण है कि वे अब नकारात्मक और जटिल इंसानी स्वभाव वाले ग्रे किरदारों की तरफ आकर्षित हो रही हैं। 'जेलर 2' में कांथा का क्रूर अवतार निभाने से कुछ ही महीने पहले उन्होंने अभिनेता रितेश देशमुख की मराठी ऐतिहासिक एक्शन फिल्म 'राजा शिवाजी' में 'बड़ी बेगम' का चालबाज और कुटिल किरदार निभाया था। नकारात्मक और दबंग किरदारों में उतरना उन्हें अभिनय की दृष्टि से एक नया रोमांच दे रहा है।

कुदरत के चक्र पर अटूट विश्वास और आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स

अपने जीवन और करियर के उतार-चढ़ाव को देखने के बाद विद्या बालन मानती हैं कि प्रकृति हर चीज के लिए एक सही समय तय करती है। 'जेलर 2' के बाद वे निर्देशक आर बाल्की के निर्देशन में बन रही अपनी पहली एकल मुख्य भूमिका वाली तमिल फिल्म के काम में जुटी हुई हैं। यह सहयोग साल 2009 की लोकप्रिय फिल्म 'पा' के 17 साल बाद और 'मिशन मंगल' के 7 साल बाद देखने को मिल रहा है। इसके अतिरिक्त वे हिंदी सिनेमा में भी एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने जा रही हैं, जहां वे अभिनेता अक्षय कुमार और निर्देशक अनीस बज्मी के साथ एक बिना नाम वाली कॉमेडी फिल्म में नजर आएंगी। रिजेक्शन से शुरू हुआ उनका यह सफर साबित करता है कि लगन के आगे अंधविश्वास की दीवारें कभी टिक नहीं सकतीं।

सवाल-जवाब

करियर के शुरुआती दौर में विद्या बालन को किन फिल्मों से बाहर किया गया था?
मोहनलाल के साथ मलयालम फिल्म 'चक्रम' बंद होने के बाद उन्हें आर माधवन की 'रन' और श्रीकांत की 'मनसेल्लम' सहित एक दर्जन से अधिक फिल्मों से बाहर कर दिया गया था।
फिल्म 'जेलर 2' में विद्या बालन कौन सा किरदार निभा रही हैं?
वे फिल्म में 'कांथा' नाम की एक खतरनाक और आक्रामक महिला की भूमिका निभा रही हैं, जो मुख्य विरोधी पक्ष का अहम चेहरा है।
रजनीकांत के सामने सिगरेट पीने वाले सीन के दौरान क्या हुआ था?
करीब 15 साल बाद सिगरेट पीने के कारण निकोटीन के प्रभाव से उनके हाथ कांपने लगे थे, जिसके बाद उन्होंने अगले दिन कोने में बैठकर इसका कड़ा अभ्यास किया था।
विद्या बालन ने पहले रजनीकांत के साथ फिल्म क्यों छोड़ दी थी?
पहले मिले एक प्रोजेक्ट में उनकी दूसरी फिल्म की शूटिंग की तारीखों का टकराव (डेट्स क्लेश) हो रहा था, जिसके चलते वे उसमें काम नहीं कर सकी थीं।
'जेलर 2' के बाद विद्या बालन के कौन से प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं?
वे निर्देशक आर बाल्की की सोलो लीड तमिल फिल्म और अक्षय कुमार व निर्देशक अनीस बज्मी की एक आगामी हिंदी कॉमेडी फिल्म में नजर आएंगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Li Wei@li-wei·12 दिन पहले

शुरुआती दौर में ऐसा झेलना वाकई बहुत हिम्मत का काम है। अंधविश्वास और रिजेक्शन के बाद रजनीकांत के सामने विलेन के रूप में लौटना गजब की वापसी है, बहुत प्रेरणादायक।

Tanvi Desai@tanvi-desai·12 दिन पहले

शुरुआती दौर में ऐसा रिजेक्शन झेलना बहुत भारी पड़ता है। विद्या ने जिस तरह खुद को साबित किया है, वह सच में कमाल है। अब रजनीकांत के सामने उन्हें देखना बेहद दिलचस्प होगा।

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·12 दिन पहले

तनवी जी, अंधविश्वास के नाम पर किसी को काम से हटाना बहुत गलत था। विद्या ने अपनी मेहनत से सबको गलत साबित कर दिया।

Aisha Khan@aisha-khan·12 दिन पहले

शुरुआत में इतनी ज्यादती झेलने के बाद रजनीकांत के सामने विलेन बनना वाकई गजब का कमबैक है, विद्या की हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी!

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·12 दिन पहले

आयशा, वही तो! माधवन के साथ 'रन' फिल्म से ऐसे हटाए जाना कितना बुरा रहा होगा, पर अब रजनीकांत के सामने आना कमाल है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp