बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर और अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे ने अपने अभिनय से सिनेमा प्रेमियों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। दोनों कलाकारों ने साल 1982 में आई फिल्म प्रेम रोग में एक साथ काम किया था। यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद बॉक्स ऑफिस पर बेहद सफल साबित हुई थी और इसे दर्शकों की तरफ से भी काफी सराहना मिली थी। इस मूवी के हर एक गाने ने उस दौर में सफलता के नए कीर्तिमान रचे थे, लेकिन फिल्म का एक विशेष दर्द भरा गाना आज भी लोगों की जुबान पर रहता है।
फिल्म का सबसे भावुक क्षण और संगीत
इस मेलोडी गाने में फिल्म की कहानी का एक बहुत ही मार्मिक मोड़ देखने को मिलता है। इस दृश्य में ऋषि कपूर का किरदार खुद पद्मिनी कोल्हापुरे के लिए डोली लेकर उनके पास पहुंचता है। पद्मिनी कोल्हापुरे इस सीन में लाल जोड़े में नजर आती हैं और उनकी आंखों में आंसू साफ झलकत हैं, जबकि ऋषि कपूर के चेहरे पर एक गहरी तड़पन और दर्द दिखाई देता है। यह पूरा दृश्य फिल्म के सबसे भावुक कर देने वाले पलों में गिना जाता है, जिसने पर्दे पर देखने वाले हर दर्शक को झकझोर कर रख दिया था।
दिग्गज कलाकारों का योगदान
इस लोकप्रिय गाने के संगीत पक्ष की बात करें तो इसे मशहूर संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने अपने संगीत से सजाया था। गाने की शैली की बात करें तो यह एक मुजरा और राग पर आधारित रचना थी, जो अपनी शास्त्रीय बारीकियों के लिए जानी जाती है। वहीं, इस गीत में अपनी जादुई आवाज देने वाले गायक सुधा मल्होत्रा और अनवर थे, जिन्होंने अपनी गायकी से इस दर्द और बेबसी को जीवंत कर दिया था। सिनेमा जगत में कई ऐसे गीत बनते हैं जो समय के साथ धूमिल हो जाते हैं, लेकिन कुछ कलाकृतियां दशकों बाद भी अपनी छाप छोड़े रखती हैं।



















