भारतीय मनोरंजन उद्योग के सबसे प्रमुख कलाकारों के संगठन सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) में अंदरूनी विवाद गहरा गया है। संगठन के शीर्ष नेतृत्व की कार्यप्रणाली से नाराज होकर जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह समेत कुल 11 प्रमुख सदस्यों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंप दिया है। इस अचानक हुए घटनाक्रम ने एसोसिएशन की प्रशासनिक व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। त्यागपत्र देने वाले सदस्यों का आरोप है कि संस्था में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को दरकिनार कर तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा था, जिसके चलते अब मौजूदा कार्यकारिणी को भंग करके दोबारा चुनाव कराने की मांग तेज हो गई है।
नेतृत्व पर गंभीर आरोप और कार्यकारिणी से सामूहिक त्यागपत्र
इस बड़े विवाद के केंद्र में संस्था की शीर्ष अध्यक्ष पूनम ढिल्लों और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे की कार्यशैली है। त्यागपत्र देने वाले 11 सदस्यों में से 8 कार्यकारिणी समिति के बाकायदा चुने हुए प्रतिनिधि हैं। इस्तीफा सौंपने वाले प्रमुख चेहरों में दिग्गज अभिनेता मुकेश ऋषि, पुनीत इस्सर, विंदू दारा सिंह, हेमंत पांडे, साहिला चड्ढा, हेता परमार, विकास वर्मा और दीपक पाराशर शामिल हैं। इन सभी सदस्यों ने एक संयुक्त पत्र जारी कर संस्था के संचालन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
इस्तीफा पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि कार्यकारी समिति में फैसले अब सर्वसम्मति या विचार-विमर्श के आधार पर नहीं लिए जा रहे थे। सदस्यों का कहना है कि संस्था का पूरा काम-काज केवल दो पदाधिकारियों और उनके करीबी सहयोगियों के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गया था। नियम-कानूनों की अनदेखी किए जाने के कारण चुने हुए प्रतिनिधियों के पास पद छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर लगे विशिष्ट आरोप
संयुक्त पत्र और जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह के बयानों में अध्यक्ष पूनम ढिल्लों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि उन्होंने कार्यकारिणी की मंजूरी लिए बिना कई महत्वपूर्ण फैसले खुद ही ले लिए। इतना ही नहीं, उन्होंने संस्था की आधिकारिक ईमेल आईडी का उपयोग करके अन्य इंडस्ट्री संगठनों के साथ अपनी मर्जी से पत्राचार किया। सरकारी बैठकों के दौरान निजी वकीलों को CINTAA के आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में पेश करने का भी आरोप उन पर लगा है, जबकि इसके लिए समिति ने कोई स्वीकृति नहीं दी थी।
दूसरी ओर, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे पर व्यक्तिगत प्रचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। उपासना सिंह के अनुसार, पद्मिनी कोल्हापुरे ने संस्था के लिए 5 लाख रुपये जुटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बजाय उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस पर ही करीब 60 हजार रुपये खर्च कर दिए। आरोप है कि यह राशि संगठन के हितों के लिए नहीं, बल्कि खुद की ब्रांडिंग और पब्लिसिटी के लिए इस्तेमाल की गई थी।
अमानक कार्यशैली, पद का फेरबदल और चुनाव की मांग
इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने यह भी शिकायत की है कि संगठन के अंदर पदाधिकारियों को बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के पद से हटा दिया जाता था या उनके प्रभार बदल दिए जाते थे। कई सदस्यों ने लगातार मानसिक तनाव और प्रताड़ना की बात भी कही है। उपासना सिंह ने स्पष्ट किया कि जब संस्था के भीतर पारदर्शिता और सम्मान ही खत्म हो गया, तब सभी 11 सदस्यों ने एक साथ मिलकर पद छोड़ने का कड़ा कदम उठाया।
CINTAA में उठे इस तूफान के बाद अब पूरे बॉलीवुड और टीवी जगत की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगे क्या मोड़ आता है। इस्तीफा देने वाले समूह ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक नए सिरे से पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव नहीं कराए जाते, तब तक इस संकट का समाधान संभव नहीं है।



















