बॉलीवुड में अपनी बेबाक और अलग राय के लिए चर्चित फिल्मकार राम गोपाल वर्मा ने दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी की आत्मकथा को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। प्रियंका चोपड़ा ने अभिनेत्री की बर्थ एनिवर्सरी पर उनकी बायोग्राफी ‘द एम्प्रेस’ लाने का ऐलान किया था, जिसे लेखक धीरज यू कुमार लिख रहे हैं। अब इस किताब से राम गोपाल वर्मा का नाम भी जुड़ गया है और उन्होंने इसमें एक विशेष हिस्सा लिखने की बात स्वीकार की है।
बायोग्राफी में चैप्टर लिखने पर क्या बोले राम गोपाल वर्मा
एक मीडिया संस्थान को दिए इंटरव्यू में राम गोपाल वर्मा ने कंफर्म किया कि वह श्रीदेवी की बायोग्राफी ‘द एम्प्रेस’ के लिए एक चैप्टर लिख रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें लगता है कि उनके द्वारा लिखा गया यह चैप्टर इस किताब का सबसे बेहतरीन हिस्सा होगा। हालांकि, अपनी चिरपरिचित शैली में मजाकिया अंदाज अपनाते हुए उन्होंने यह भी जोड़ा कि संभवतः किताब में लिखने वाले हर दूसरे व्यक्ति से यही कहा गया होगा कि उसका हिस्सा सबसे अच्छा है।
मरे हुए लोगों को लेकर दिया गया चौंकाने वाला बयान
जब निर्देशक से पूछा गया कि क्या वह श्रीदेवी के बारे में सोचते हैं या उनकी जयंती जैसे मौकों पर उनकी फिल्में देखते हैं, तो उनका जवाब काफी हैरान करने वाला था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह कभी भी मृत व्यक्तियों के बारे में नहीं सोचते। उनके मुताबिक, एक बार जब कोई इस दुनिया से विदा हो जाता है, तो वह उनकी जिंदगी से भी पूरी तरह बाहर हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसी मृत व्यक्ति के बारे में विचार करने के बजाय वह अपने वर्तमान और अपने काम पर ध्यान देना पसंद करते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इन दिनों वह अपनी नई फिल्म ‘पुलिस कंपनी’ की शूटिंग में व्यस्त हैं।
किताब के नाम पर जताई असहमति और बताई अपनी पसंद
वार्ता के दौरान राम गोपाल वर्मा ने इस बायोग्राफी के शीर्षक ‘द एम्प्रेस’ पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें इस नाम के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि इस शीर्षक को लेकर उनका दृष्टिकोण थोड़ा अलग था। उनका मानना था कि ‘द एम्प्रेस’ की जगह ‘स्क्रीन क्वीन’ शीर्षक ज्यादा सटीक बैठता, क्योंकि श्रीदेवी भारतीय सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार थीं और उनके बाद ही बाकी अभिनेत्रियों के लिए रास्ते खुले।
श्रीदेवी के अभिनय कौशल की जमकर की तारीफ
भले ही निर्देशक ने दिवंगत अभिनेत्री के प्रति अपनी सोच को लेकर अजीब बयान दिया हो, लेकिन उनके अभिनय कौशल की सराहना करने से वह पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा कि श्रीदेवी के निधन को कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज भी यह रहस्य बना हुआ है कि वह कैमरे के सामने ऐसा क्या जादू करती थीं। उन्होंने फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ के मशहूर चार्ली चैपलिन वाले सीक्वेंस का उदाहरण देते हुए कहा कि उस स्तर की अदाकारी के पीछे की कला को डिकोड करना लगभग असंभव है। उन्होंने यह भी माना कि अपने पूरे करियर में जितने भी कलाकारों के साथ उन्होंने काम किया, उनमें श्रीदेवी सर्वश्रेष्ठा थीं।



















