गॉल में खेले जा रहे टेस्ट मुकाबले के तीसरे दिन एक बेहद अनोखी घटना घटी, जिसने मैदान पर मौजूद सभी खिलाड़ियों और दर्शकों को हैरान कर दिया। क्रिकेट के मैदान पर कई बार ऐसे अजीबोगरीब वाकये देखने को मिल जाते हैं जिन पर यकीन करना मुश्किल होता है। श्रीलंका की पारी के दौरान कुछ ऐसा ही हुआ जब बल्लेबाज केशरा नुवंता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से अपना विकेट गंवा बैठे। भारतीय पारी के दौरान जहां एक तरफ देवदत्त पडिक्कल के बल्ले से शानदार शतक निकला था, वहीं गेंदबाजी के दौरान किस्मत ने श्रीलंका के खिलाफ अजीब खेल खेला।
यशस्वी जायसवाल के शरीर से लगकर हवा में उछली गेंद
सोमवार को मैच के तीसरे दिन श्रीलंकाई पारी के दौरान सीनियर स्पिनर रवींद्र जडेजा ने ऑफ स्टंप की लाइन के बाहर एक गेंद फेंकी जिस पर केशरा नुवंता ने ड्राइव खेलने का प्रयास किया। गेंद बल्ले का किनारा लेने के बाद सिली पॉइंट पर तैनात यशस्वी जायसवाल के शरीर पर बहुत जोर से जा लगी। दर्द से कराहते हुए यशस्वी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही गेंद उनके शरीर से लगकर हवा में ऊंची उछल गई। शॉर्ट कवर्स पर मुस्तैद कप्तान शुभमन गिल ने बिना समय गंवाए ऑन साइड की तरफ भागते हुए उस कैच को सुरक्षित रूप से लपक लिया। इस पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि मैदानी अंपायर समेत किसी भी खिलाड़ी को कुछ पल के लिए समझ ही नहीं आया कि आखिर आउट होने की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई।
रवींद्र जडेजा का ऐतिहासिक मुकाम और श्रीलंका का स्कोर
इस अनूठे विकेट के साथ ही श्रीलंका ने 243 रन के स्कोर पर अपना सातवां विकेट गंवा दिया। इस सफलता के साथ ही भारतीय स्पिनर रवींद्र जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 350 विकेट पूरे करने का गौरव हासिल कर लिया। इसके साथ ही वह टेस्ट फॉर्मेट में 4000 से अधिक रन बनाने और 350 विकेट लेने वाले दुनिया के चौथे और महान कपिल देव के बाद भारत के केवल दूसरे ऑलराउंडर बन गए हैं। मैच में भारत ने अपनी पहली पारी देवदत्त पडिक्कल के शानदार शतक के दम पर 462 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में श्रीलंकाई टीम 79.4 ओवर खेलकर 284 रन पर ही ढेर हो गई। तीसरे दिन के अंतिम ओवरों में जैसे ही खेल समाप्त हुआ, मूसलाधार बारिश शुरू हो गई जिसके बाद आगे का खेल संभव नहीं हो सका। अब जब चौथे दिन भारतीय टीम अपनी दूसरी पारी का आगाज करेगी, तो उसके पास 178 रन की मजबूत बढ़त हासिल होगी।
सोनल दिनुशा और निरोशन डिकवेला की जुझारू साझेदारी
एक समय ऐसा लग रहा था कि श्रीलंकाई पारी मानव सुथार और रवींद्र जडेजा की घातक गेंदबाजी के सामने 100 से 150 रनों के भीतर ही सिमट जाएगी। भारतीय गेंदबाजों के शुरुआती दबाव के चलते लंच से पहले ही श्रीलंका ने 90 रन के स्कोर पर अपने पांच विकेट गंवा दिए थे और टीम गहरे संकट में थी। हालांकि इसके बाद सोनल दिनुशा और निरोशन डिकवेला ने मोर्चा संभाला और दोनों के बीच एक बेहतरीन साझेदारी पनपी। सोनल दिनुशा ने 168 गेंदों का सामना करते हुए शानदार 100 रन बनाए, जबकि निरोशन डिकवेला ने 115 गेंदों पर 80 रनों की बहुमूल्य पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए मिलकर 146 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी कर टीम को संकट से निकाला। दबाव से भरे हुए हालातों में सोनल दिनुशा ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ा। भारत की तरफ से गेंदबाजी में बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने 76 रन खर्च करते हुए चार विकेट चटकाए, जबकि रवींद्र जडेजा ने 57 रन देकर तीन अहम शिकार किए।


















