सिनेमा जगत में अमिताभ बच्चन का सफर संघर्ष और बेजोड़ अभिनय का एक बेहतरीन उदाहरण रहा है। खास तौर पर वर्ष 2000 के बाद के दौर में उन्होंने कई ऐसे शानदार किरदार निभाए जिन्होंने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। उनकी कई ऐसी यादगार फिल्में आज ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर आसानी से देखी जा सकती हैं, जिनमें उनके अभिनय के अलग-अलग रंग देखने को मिलते हैं।
मोहब्बतें
साल 2000 में रिलीज हुई मोहब्बतें फिल्म में अमिताभ बच्चन ने एक बिल्कुल अलग और कड़े मिजाज वाले गुरुकुल के प्रिंसिपल नारायण शंकर की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी अदाकारी की टक्कर ने कहानी को एक नई दिशा दी और उनके संवाद आज भी लोगों को याद हैं।
कभी खुशी कभी गम
साल 2001 में आई करण जौहर की कभी खुशी कभी गम आज भी पारिवारिक फिल्मों में खास स्थान रखती है। इसमें यशवर्धन रायचंद के रूप में उनका सख्त अनुशासन और परंपराओं के प्रति उनका कड़ा रुख देखने को मिला था। इस पारिवारिक ड्रामे में उनके अलावा शाहरुख खान, काजोल, ऋतिक रोशन और करीना कपूर ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं।
वीर-जारा
साल 2004 में आई वीर-जारा में उनका किरदार भले ही संक्षिप्त था लेकिन बेहद प्रभावशाली रहा था। इस प्रेम कहानी में उन्होंने चौधरी सुमेर सिंह की भूमिका अदा की थी और इसी फिल्म में हेमा मालिनी के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों का खूब प्यार मिला था।
ब्लैक
साल 2005 में आई संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म ब्लैक उनके अभिनय करियर का एक बहुत बड़ा पड़ाव साबित हुई थी। इसमें उन्होंने देबराज सहाय नामक शिक्षक का किरदार निभाया था, जो एक दृष्टिबाधित और श्रवणबाधित बच्ची की दुनिया बदलने की कोशिश करता है और रानी मुखर्जी के साथ उनकी केमिस्ट्री फिल्म की मुख्य ताकत थी।
बदला
साल 2019 में आई बदला एक बेहतरीन सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है जिसमें उन्होंने वकील बादल गुप्ता का किरदार निभाया था। तापसी पन्नू के साथ इस फिल्म की उलझी हुई कहानी और उनके शांत स्वभाव वाले वकील के रूप में अभिनय ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
गुडबाय
साल 2022 में रिलीज हुई गुडबाय में उन्होंने एक सख्त पिता हरीश भल्ला का किरदार जीवंत किया था। पत्नी के निधन के बाद परिवार के बिखरने और जुड़ने की इस भावनात्मक कहानी में रश्मिका मंदाना और नीना गुप्ता ने भी उनके साथ मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।



















