साल 1997 में सिनेमाघरों में एक ऐसी कहानी पहुंची थी, जहां एक पत्नी ने अपने ही पति को बेचकर उसकी दूसरी शादी का रास्ता साफ कर दिया था। इस अनोखी कहानी वाली फिल्म का नाम जुदाई था। राज कंवर के निर्देशन में बनी इस मूवी के गाने बॉक्स ऑफिस पर छाए रहे थे। फिल्म में अनिल कपूर और श्रीदेवी की जोड़ी ने स्क्रीन पर जबरदस्त धमाल मचाया था। दोनों की केमेस्ट्री ने इस प्रोजेक्ट को दर्शकों के बीच खास बना दिया था।
इस गाने ने दिलों पर छोड़ी गहरी छाप
अनिल कपूर और श्रीदेवी की इस मूवी के कई गाने आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं। लेकिन फिल्म का एक ऐसा गीत है जो संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया। मशहूर गायिका अलका याज्ञनिक की आवाज में सजा यह गाना मुझे एक पल चैन न आए, सजना तेरे बिना… इस फिल्म की सफलता में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। इस लोकप्रिय रोमांटिक गीत को आज भी पति अपनी पत्नियों के लिए गुनगुनाते हैं और यह लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।
तीन कलाकारों ने मिलकर तैयार किया यह गीत
श्रीदेवी और अनिल कपूर की इस सुपरहिट फिल्म के इस गाने को अलका याज्ञनिक के साथ-साथ हरिहरण और जसपिंदर नरूला ने अपनी आवाज से संवारा था। इस बेहतरीन धुन और इसके बोल पाकिस्तानी गीत सानू इक पल चैन न आवे से प्रेरित थे, जिसे महान गायक उस्ताद नुसरत फतेह अली खान ने गाया था। इस गाने को नब्बे के दशक के मशहूर संगीतकार युगल नदीम-श्रवण ने संगीतबद्ध किया था। इसके साथ ही इस गीत के शब्द गीतकार समीर ने लिखे थे और आज भी यह संगीत जगत में एक कल्ट गीत के रूप में याद किया जाता है।
जब फिल्म करने से पीछे हट रहे थे अभिनेता
सामने आई जानकारियों के अनुसार, अनिल कपूर और श्रीदेवी की इस मूवी की पटकथा काफी अलग और लीक से हटकर थी। यही वजह थी कि शुरुआती दौर में अनिल कपूर इस प्रोजेक्ट में काम करने को लेकर असमंजस में थे और आनाकानी कर रहे थे। हालांकि, पारिवारिक रिश्तों और समीकरणों के दबाव के चलते उन्होंने आखिरकार इस फिल्म में अभिनय करने का फैसला किया। अपने भाई बोनी कपूर के कहने पर उन्होंने इस मूवी के लिए हामी भरी थी। उस समय वितरकों को भी यह डर सता रहा था कि ऐसी अनूठी कहानी दर्शक स्वीकार करेंगे या नहीं और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर चल पाएगी या नहीं। लेकिन अनिल कपूर और श्रीदेवी की जोड़ी ने पर्दे पर ऐसा जादू चलाया कि इतिहास रच दिया गया।
त्रिभुज प्रेम और पछतावे की अनोखी कहानी
इस फिल्म में श्रीदेवी और अनिल कपूर के अलावा उर्मिला मातोंडकर भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आई थीं। कहानी में श्रीदेवी पैसों के लालच में अपने पति को बेच देती हैं और खुद उसकी दूसरी शादी करवा देती हैं। लेकिन वक्त बीतने के साथ जब उन्हें अपनी गलती का अहसास होता है और यह समझ आता है कि उन्होंने क्या खो दिया है, तो उन्हें गहरा पछतावा होता है। इस अनूठी और भावुक पटकथा ने दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया था। इस मूवी के गीत आज भी लोगों के जेहन में तरोताजा हैं और उन्हें खूब पसंद किए जाते हैं।



















