बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी की फिल्मों के प्रति दर्शकों की दीवानगी हमेशा से एक अलग स्तर पर रही है। उनके प्रोजेक्ट्स के साथ हमेशा एक खास दौर और यादें जुड़ी होती हैं जो फैंस के दिलों में गहराई तक बस जाती हैं। हाल ही में सिनेमाघरों में आई फिल्म आवारापन 2 का गाना पिया घर आया होमकमिंग इन दिनों संगीत प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस गाने को बेहतरीन धुनों में पिरोने वाले संगीतकार अखिल सचदेवा ने इसके पीछे की पूरी रचनात्मक प्रक्रिया और अपनी सोच के बारे में खुलकर बात की है।
एक फैन के नजरिए से रची गई धुन
इस गाने को तैयार करते वक्त अखिल सचदेवा ने खुद को एक आम प्रशंसक के स्थान पर रखकर सोचा। उन्होंने इस बात पर विचार किया कि यदि इमरान हाशमी अचानक उनके सामने आ जाएं तो उनके दिल में किस तरह की भावनाएं उमड़ेंगी। संगीतकार ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए डेढ़ दशक पुराने उस दौर में गोता लगाया जब वह खुद फिल्मों के बड़े प्रेमी हुआ करते थे और एक संगीतकार के रूप में अपनी पहचान नहीं बना पाए थे। उनका मुख्य उद्देश्य उसी पुरानी दीवानगी और जज्बे को संगीत के माध्यम से पन्नों पर उतारना था।
संगीत और बोलों का अनूठा संगम
इस कंपोजीशन में हिंदी भाषा के साथ-साथ पंजाबी शब्दों का भी बहुत ही खूबसूरत मिश्रण देखने को मिलता है। अखिल ने बताया कि उनके भीतर से पंजाबी का आना पूरी तरह स्वाभाविक है और यह उनकी व्यक्तिगत शैली के साथ पूरी तरह मेल खाता है। उन्हें इस बात की खासी प्रसन्नता है कि फिल्म के निर्माताओं ने इस ट्रैक के मूल शब्दों में एक भी बदलाव नहीं किया। उन्होंने पूरी तरह से अपने दिल की आवाज पर भरोसा बनाए रखा और इस कलाकृति को जीवंत कर दिया।
लो नोट्स का खास इस्तेमाल और टेक्सचर
गाने के तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि इसका स्केल इस प्रकार तैयार किया गया था जिससे वह अपनी आवाज के निचले सुरों का खुलकर उपयोग कर सकें। उनका यह मानना है कि लो नोट्स किसी भी रचना को एक अलग और अनूठा टेक्सचर प्रदान करते हैं। इसी खूबी के चलते श्रोता इस आवाज की तरफ खिंचे चले आते हैं और रचना एक अलग ही वातावरण का निर्माण करती है।

















