नब्बे के दशक में अपनी अदाकारी और बोल्ड अंदाज से हिंदी सिनेमा में खास पहचान बनाने वाली पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। संन्यास धारण करने और भौतिक संसार के त्याग की घोषणा के बाद हाल ही में सामने आए उनके एक ग्लैमरस डांस वीडियो ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है। लोग उनके संन्यास के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे हैं।
सिनेमाई सफर और रातोंरात स्टारडम का दौर
ममता कुलकर्णी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत वर्ष 1991 में तमिल सिनेमा की फिल्म 'ननबर्गल' से की थी। इसके बाद उन्होंने नाना पाटेकर के साथ फिल्म 'तिरंगा' के जरिए बॉलीवुड में कदम रखा। अपनी शुरुआती फिल्मों से ही दर्शकों का ध्यान खींचने में वह सफल रहीं।
इसके बाद उन्होंने कई चर्चित फिल्मों में काम किया, जिनमें 'वक्त हमारा है', 'क्रांतिवीर', 'आशिक आवारा', 'सबसे बड़ा खिलाड़ी', 'आंदोलन', 'बाजी' और 'चाइना गेट' शामिल हैं। हालांकि, शाहरुख खान, सलमान खान, काजोल और राखी गुलजार के साथ आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'करण अर्जुन' उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई। इस फिल्म की अपार सफलता ने उन्हें रातोंरात फिल्म जगत के शीर्ष सितारों की कतार में ला खड़ा किया था।
विवाद, अंडरवर्ल्ड से नाम और देश छोड़ना
ममता कुलकर्णी का फिल्मी सफर जितना तेजी से परवान चढ़ा, उतनी ही तेजी से वह विवादों के घेरे में भी आती गईं। नब्बे के दशक में एक बोल्ड फोटोशूट को लेकर वह व्यापक स्तर पर चर्चा और आलोचना का विषय बनी थीं। इस विवाद ने उनके करियर की दिशा को प्रभावित करना शुरू कर दिया था।
वर्ष 2000 के दशक की शुरुआत होते-होते वह अचानक बड़े पर्दे से ओझल हो गईं। इसी दौर में उनका नाम विक्की गोस्वामी से जुड़ा, जिनके तार अंडरवर्ल्ड से जुड़े बताए जाते थे। अंडरवर्ल्ड कनेक्शन के आरोपों और विवादों के गहराने के बीच उन्होंने भारत छोड़ दिया और लंबे समय तक विदेश में गुमनामी की जिंदगी बिताई।
महाकुंभ में संन्यास और महामंडलेश्वर पद पर रार
सालों तक देश और चकाचौंध से दूर रहने के बाद पिछले साल उन्होंने भारत वापसी की। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के अवसर पर उन्होंने दुनिया की मोह-माया को छोड़ने का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने अपना नाम बदलकर 'श्री यमाई ममता नंदगिरी' रख लिया।
किन्नर अखाड़े ने उन्हें 'महामंडलेश्वर' की प्रतिष्ठित पदवी से विभूषित किया था। हालांकि, यह फैसला साधु-संतों के समाज को रास नहीं आया और अखाड़ा परिषद व संत समाज की तरफ से कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। संतों के भारी दबाव के चलते किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने बाद में ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर के पद से हटा दिया था।
नए डांस वीडियो से भड़के सोशल मीडिया यूजर्स
महामंडलेश्वर विवाद को लगभग डेढ़ साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन पूर्व अभिनेत्री एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में वह एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बेहद ग्लैमरस अंदाज में नजर आईं और अपने ही पुराने फिल्मी गाने पर थिरकती दिखाई दीं।
यह वीडियो इंटरनेट पर आते ही तेजी से फैल गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके संन्यास के दावों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। कई लोगों का कहना है कि जब उन्होंने सांसारिक जीवन त्यागने की बात कही थी, तो अब फिर से वही चकाचौंध क्यों अपना रही हैं। कुछ उपयोगकर्ताओं ने उन पर दिखावे का आरोप लगाया, जबकि अन्य ने टिप्पणी की कि धर्म और संन्यास की राह छोड़कर वह दोबारा अभिनय की दुनिया की ओर रुख कर रही हैं।



















