मशहूर टीवी सीरियल अनुपमा की कहानी में इन दिनों जबरदस्त मोड़ देखने को मिल रहे हैं। नए किरदार रणविजय यानी आरवी की एंट्री ने पूरे घटनाक्रम को बदलकर रख दिया है। हाल ही में आरवी ने वसुंधरा, प्रेम और राही से मुलाकात की। राही और प्रेम ने मिलकर आरवी के साथ एक नई व्यावसायिक डील फाइनल करने का निर्णय लिया है। हालांकि, इस बातचीत के दौरान जब राही ने आरवी को बताया कि यह कैफे वास्तव में दिग्विजय का है और सावी का नाम लिया, तो आरवी काफी बेचैन और भावुक हो गया। इसी बीच वसुंधरा ने अनुपमा और दिग्विजय के रिश्ते को कुछ इस अंदाज में पेश किया, जिससे आरवी के मन में उलझन और ज्यादा बढ़ गई।
शाह हाउस में गणपति विसर्जन और आरवी का दांव
दूसरी तरफ, शाह परिवार ने भक्तिभाव के साथ गणपति विसर्जन का पर्व मनाया। इसी माहौल के बीच आरवी ने अनुपमा के कैफे में अपनी ओर से पूंजी लगाने की इच्छा जताई। लेकिन अनुपमा ने सीधे शब्दों में इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि उन्हें या दिग्विजय को किसी नए साझेदार की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद आरवी शाह हाउस भी पहुंचा, जहां पारितोष उसे अपनी बातों से प्रभावित करने की कोशिश करता दिखा, जबकि पाखी ने उसकी शादी इशानी से कराने का विचार बनाना शुरू कर दिया। जब आरवी से उसके पिता के बारे में पूछा गया, तो उसने खुलासा किया कि उसके पिता जीवित हैं लेकिन उसके साथ नहीं रहते।
इधर, बा लीला माही के देर रात घर लौटने को लेकर बेहद चिंतित नजर आईं। अनुपमा ने माही से उसकी दिल्ली यात्रा और साथ आए व्यक्ति के बारे में पूछताछ की। माही ने स्पष्ट किया कि उसे अपनी आभूषणों की दुकान के लिए एक निवेशक मिल गया है, जो केवल उसे घर छोड़ने आया था। इसके बावजूद बा को संदेह है कि माही का फिर कोई नया अफेयर शुरू हो गया है।
अंश बना गारंटर और आरवी ने रची नई साजिश
धारावाहिक के आगामी एपिसोड्स में दर्शकों को बड़ा ड्रामा देखने को मिलने वाला है। अनुपमा जब अपने सपनों को साकार करने के लिए बैंक लोन के लिए आवेदन करेगी, तो अंश उसका गारंटर बनने की जिम्मेदारी उठाएगा। अनुपमा अंश को यह भरोसा दिलाती है कि वह दिन-रात एक करके समय पर पूरा कर्ज चुका देगी।
दूसरी तरफ, आरवी मन ही मन एक खतरनाक साजिश रच रहा है। वह कसम खाता है कि वह अनुपमा के कैफे को पूरी तरह तबाह कर देगा और अपना घर बनाने के उसके सबसे बड़े सपने को मिट्टी में मिला देगा।



















