बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल अपने अभिनय करियर के उतार-चढ़ाव और उस दौर की चुनौतियों को लेकर खुलकर सामने आए हैं। एक समय ऐसा भी था जब बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बावजूद उन्हें फिल्मों की तलाश में संघर्ष करना पड़ रहा था। उन्होंने हाल ही में अपने करियर के उस दौर को याद किया जब उनके ऊपर भारी भरकम वित्तीय संकट आ गया था और उनका करियर लगभग संकट में घिर गया था। हालांकि इसके बाद उन्होंने सिनेमाघरों में गदर 2 के जरिए धमाकेदार वापसी की और बॉक्स ऑफिस पर सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
उत्पादन और निर्देशन के दौरान हुआ आर्थिक नुकसान
एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान सनी देओल ने बताया कि किस तरह फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में उतरने के बाद उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था। साल 2001 में उनकी फिल्म गदर एक प्रेम कथा सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और आमिर खान की लगान के साथ कड़े मुकाबले के बावजूद इस फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर करीब 77 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। इसके अलावा उन्होंने उसी दौर में इंडियन नाम की फिल्म भी दी थी जिसका कुल कलेक्शन लगान और उस समय की अन्य कई फिल्मों से काफी ज्यादा था।
बदलते कॉर्पोरेट कल्चर और इंडस्ट्री के हालात
फिल्म इंडस्ट्री के कामकाज के तरीके में आए बदलावों पर बात करते हुए अभिनेता ने कहा कि अचानक से कॉर्पोरेट संस्कृति हावी होने लगी जिससे पूरी प्रणाली ही बदल गई। उन्हें यह बात समझ नहीं आ रही थी कि इतनी बड़ी और ऐतिहासिक हिट फिल्में देने के बाद भी उन्हें सही कहानियां और काबिल निर्माता क्यों नहीं मिल पा रहे थे। इसके बाद साल 2005 में राहुल रवैल के निर्देशन में बनी उनकी एक्शन कॉमेडी फिल्म जो बोले सो निहाल को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था जिसका सिख समुदाय के एक हिस्से ने कड़ा विरोध किया था।
विवादों की भेंट चढ़ी फिल्में और राजनीति
अपनी उस फिल्म के हश्र का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वह प्रोजेक्ट राजनीति का शिकार बनकर रह गया था और आगे नहीं बढ़ सका। बढ़ते विरोध के चलते उन्हें अंततः उस फिल्म को सिनेमाघरों से हटाना पड़ गया था। उनका मानना है कि आज के समय में फिल्मों पर राजनीति का जो असर देखने को मिलता है वैसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए क्योंकि वे लोग केवल मनोरंजन से जुड़े कलाकार हैं और किसी की भावनाओं को आहत नहीं करना चाहते।
56 करोड़ का कर्ज और जुहू बंगले की नीलामी
लगातार फ्लॉप फिल्मों और प्रोडक्शन में नुकसान की वजह से उन पर भारी वित्तीय दबाव बन गया था लेकिन उनका कहना है कि पैसे ने कभी भी उनके जीवन के फैसलों को नियंत्रित नहीं किया। साल 2023 में गदर 2 की भारी सफलता के तुरंत बाद एक बैंक ने मुंबई के जुहू इलाके में स्थित उनके बंगले सनी विला के लिए ई नीलामी का नोटिस जारी कर दिया था क्योंकि उन पर लगभग 55.99 करोड़ रुपये का कर्ज और ब्याज बकाया था। हालांकि बाद में उन्होंने भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने की सहमति जताई जिसके बाद बैंक ने वह नोटिस वापस ले लिया था। इस पूरे वाकये पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि जो पैसा उन्हें चुकाना था वह पूरी तरह से उनका अपना था और उन्होंने किसी से भी कोई कर्ज नहीं मांगा था। उन्होंने अपनी ही एक संपत्ति को बेचकर अपना सारा बकाया चुकाया था और उनका साफ कहना है कि जब वे भारी कर्ज में डूबे हुए थे तब भी वे मानसिक रूप से पूरी तरह शांत और खुशहाल जिंदगी जी रहे थे।



















