हाल ही में मिस यूनिवर्स इंडिया पेजेंट के दौरान जज की भूमिका निभाने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला एक नए विवाद के केंद्र में आ गई हैं। इस प्रतिष्ठित इवेंट में उनके द्वारा पहना गया एक खास गाउन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है, जिसमें भारतीय तिरंगे के रंगों और प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया था। इस आउटफिट को देखने के बाद कई लोगों ने सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि यह ड्रेस देश के राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियमों के खिलाफ है।
उर्वशी रौतेला ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए आलोचकों को करारा जवाब दिया है और अपने पहनावे के पीछे की मंशा को स्पष्ट किया है। उनका साफ कहना है कि इस ड्रेस को पहनने के पीछे उनका मुख्य उद्देश्य अपने देश के प्रति सम्मान और प्रेम व्यक्त करना था, न कि किसी भी तरह से नियमों की अवहेलना करना।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उर्वशी रौतेला ने मीडिया से बातचीत में देश के साथ अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह अपने देश को केवल एक राष्ट्रीय पहचान के रूप में नहीं देखतीं, बल्कि यह उनके वजूद का एक अहम हिस्सा है। वह ऐसा कुछ पहनना चाहती थीं जो पूरी दुनिया को यह बता सके कि वह कहां से ताल्लुक रखती हैं और उनके जीवन में भारत का क्या स्थान है। इसी जज्बे और विचार के साथ इस गाउन को डिजाइन किया गया था।
इस शानदार और कलात्मक गाउन को तैयार करने में बेलारूस की मशहूर डिजाइनर दरिया चेरमाशेंत्सेवा ने अपना हुनर दिखाया है। इस पूरी पोशाक को बनाने में लगभग तीन महीने का लंबा समय लगा था। उर्वशी का यह भी कहना है कि इस ड्रेस की बनावट, रंगों के चयन और उनकी प्लेसमेंट तथा साज-सज्जा को पूरी तरह से फैशन के नजरिए से ढाला गया था। यह सिर्फ तीन रंगों को किसी कपड़े पर थोपने का मामला नहीं था, बल्कि कला के माध्यम से देशप्रेम को एक नई अभिव्यक्ति देने का प्रयास था।
हालांकि, इस गाउन को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं बंटी हुई थीं। जहां एक तरफ कुछ लोगों ने इसे देश के प्रति अनोखा प्रेम बताया, वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। आलोचकों का तर्क था कि राष्ट्रीय ध्वज के रंगों और उसके प्रतीक यानी अशोक चक्र को शरीर के निचले हिस्से के परिधान में इस्तेमाल करना और उसका जमीन पर छूना ‘इंडियन फ्लैग कोड’ के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है।
इन तमाम आलोचनाओं और कानूनी बहसों का जवाब देते हुए उर्वशी रौतेला ने स्पष्ट किया कि उनके इस गाउन और भारत के आधिकारिक राष्ट्रीय ध्वज के बीच कई स्पष्ट और बड़े अंतर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह गाउन किसी भी रूप में तिरंगे की हूबहू नकल नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय ध्वज से मिलने वाली प्रेरणा के आधार पर तैयार किया गया एक हाई-फैशन डिजाइन है।
अपने इस तर्क को विस्तार से समझाते हुए उन्होंने बताया कि यह पोशाक थिएटर और हाई-फैशन की दुनिया का एक ट्रिब्यूट है। इसमें केवल तिरंगे के तीन रंगों और चक्र के निशान से प्रेरणा ली गई है। इसके अलावा, इसमें रंगों के शेड्स को जानबूझकर अलग रखा गया है, पारंपरिक आड़ी पट्टियों को बदलकर खड़ा किया गया है और बीच के चक्र को एक आभूषण का रूप दिया गया है।
उर्वशी ने ड्रेस और झंडे के बीच के अंतर को और साफ करते हुए बताया कि इस पूरे गाउन पर भारी मात्रा में सीक्विन्स और झालरें लगाई गई हैं, ताकि मंच की तेज रोशनी में यह एक फैशन आउटफिट के रूप में नजर आए, न कि राष्ट्रीय ध्वज की तरह। उन्होंने यह भी बताया कि इस ड्रेस में इस्तेमाल किया गया नारंगी रंग असली केसरिया नहीं है, हरे रंग का शेड भी बिल्कुल अलग है और सरकारी नियमों के मापदंडों के अनुसार इसका चक्र भी मूल ध्वज से भिन्न है।



















