सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जहां मरीज का ऑपरेशन करने के लिए जा रहे एक डॉक्टर की मौत हो गई और दो अन्य डॉक्टर गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। यह दुर्घटना तब हुई जब तीनों डॉक्टर एक ही कार में सवार होकर किसी गंभीर मरीज की सर्जरी के सिलसिले में जा रहे थे। रास्ते में कार अनियंत्रित हो गई और एक पुल की रेलिंग से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार चला रहे डॉक्टर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उनके साथ सफर कर रहे दोनों साथियों को गंभीर चोटें आईं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने मृतक डॉक्टर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, वहीं घायलों का इलाज जारी है।
अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर हुआ भीषण हादसा
पुलिस ने इस दुर्घटना के बारे में मंगलवार को पूरी जानकारी साझा की। अधिकारियों के मुताबिक, यह खौफनाक हादसा सोमवार देर रात अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर स्थित दरियापुर रेलवे ओवरब्रिज के पास हुआ। कार में सवार 35 वर्षीय डॉक्टर और उनके साथी किसी मरीज की जान बचाने के लिए जल्दी में थे। वे सभी अमाहट के एक निजी नर्सिंग होम में पहले ही एक सफल ऑपरेशन कर चुके थे और अब दरियापुर के एक दूसरे अस्पताल में एक और गंभीर रूप से बीमार मरीज की सर्जरी करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश में तेज रफ्तार कार बेकाबू हो गई। कार सीधे पुल की रेलिंग से जा भिड़ी। इस भीषण टक्कर में गभड़िया के रहने वाले डॉ. अख्तर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जो खुद गाड़ी चला रहे थे।
दो अन्य घायल डॉक्टर लखनऊ रेफर
इस हादसे में कार के भीतर मौजूद दो अन्य डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए जिनकी पहचान सर्जन डॉ. शैलेंद्र जायसवाल और डॉ. राशिद के रूप में हुई है। दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को फौरन सरकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। हालांकि, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस दुखद घटना के संबंध में सर्कल ऑफिसर राघवेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि मृतक डॉक्टर के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि ओवरटेकिंग के दौरान कार किस वजह से पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई थी।


















