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उत्तराखंड के इस अभिनेता ने बिना गॉडफादर के तय किया सफर, जानिए दीपक डोबरियाल के संघर्ष की कहानीमनोरंजन
1 सित॰ 2026, 4:30 am (12 दिन पहले)· 0

उत्तराखंड के इस अभिनेता ने बिना गॉडफादर के तय किया सफर, जानिए दीपक डोबरियाल के संघर्ष की कहानी

दीपक डोबरियाल आज अपना 51वां जन्मदिन मना रहे हैं। दिल्ली के मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले और ताने सुनने वाले अभिनेता ने थिएटर से लेकर बॉलीवुड तक का सफर कैसे तय किया, जानिए उनकी प्रेरणादायक कहानी।

फिल्मों में अपनी खास कॉमिक टाइमिंग और दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले अभिनेता दीपक डोबरियाल का जन्म 1 सितंबर 1975 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ था। आज वे अपना 51वां जन्मदिन मना रहे हैं। 'तनु वेड्स मनु' फिल्म में उनके द्वारा निभाए गए 'पप्पी जी' के किरदार को आज भी दर्शक बेहद चाव से याद करते हैं और उनके संवादों पर हंसते हैं।

बचपन का संघर्ष और दिल्ली का सफर

उत्तराखंड की वादियों में जन्म लेने के बाद दीपक महज पांच वर्ष की आयु में ही दिल्ली आ गए थे और उनकी पूरी शिक्षा-दीक्षा राजधानी में ही हुई। बचपन के दिनों से ही उन्हें अपने दोस्तों की नकल उतारने और अभिनय करने का शौक था। एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आने के कारण उनके लिए अभिनय के क्षेत्र में उतरना आसान नहीं था। जब उन्होंने अपने घर पर एक्टिंग में करियर बनाने की इच्छा जताई, तो परिजनों ने साफ इंकार कर दिया। उस दौर में उनके साथ के तमाम युवा अच्छी नौकरियां पा चुके थे, जबकि दीपक की उम्र सरकारी नौकरी के लिए निकलती जा रही थी, जिसे लेकर परिवार हमेशा चिंतित रहता था।

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रंगमंच से अभिनय की मजबूत शुरुआत

हिंदी सिनेमा में उनकी शुरुआत बेहद कड़े संघर्ष के बीच हुई। मुख्यधारा की फिल्मों में आने से पहले उन्होंने लंबे समय तक रंगमंच पर पसीना बहाया और कई प्रसिद्ध नाटकों में अपनी कला का लोहा मनवाया। उन्होंने अपने अभिनय सफर की औपचारिक शुरुआत वर्ष 1994 में मशहूर थिएटर निर्देशक अरविंद गौड़ के साथ की थी। उनके निर्देशन में दीपक ने 'तुगलक', 'अंधा युग', 'फाइनल सॉल्यूशंस' और 'डिजायर अंडर द एल्म्स' जैसे प्रतिष्ठित नाटकों में अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया।

परिवार के ताने और मुंबई का रुख

घरवालों की उम्मीदों पर खरा न उतरने और अभिनय के प्रति जुनून के कारण दीपक को अक्सर तानों का सामना करना पड़ता था। आस-पड़ोस और परिवार के लोग उन्हें ताना मारते हुए कहते थे कि वह दाढ़ी बढ़ाकर बैजू बावरा की तरह घूम रहे हैं। इन तमाम आलोचनाओं को पीछे छोड़ते हुए वे वर्ष 2003 में मायानगरी मुंबई पहुंचे। उसी साल उन्हें 'मकबूल' फिल्म में काम करने का मौका मिला, जिसमें उन्होंने 'थापा' नाम का किरदार निभाया। इसके बाद उन्हें 'चरस' और 'ब्लू अम्ब्रेला' जैसी फिल्मों में भी प्रभावशाली भूमिकाएं निभाने का अवसर प्राप्त हुआ।

पहचान और सफलता का मुकाम

वर्ष 2006 में आई फिल्म 'ओमकारा' में निभाए गए राजन तिवारी के किरदार ने उन्हें पहली बार इंडस्ट्री और दर्शकों के बीच बड़ी पहचान दिलाई। इस बेहतरीन अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार से भी नवाजा गया। इसके बाद वर्ष 2011 में प्रदर्शित हुई फिल्म 'तनु वेड्स मनु' ने उनके करियर की दिशा पूरी तरह बदल दी। इस फिल्म के उनके संवाद सोशल मीडिया और लोगों की जुबान पर छा गए। इसके बाद उन्होंने 'दबंग 2' जैसी बड़ी फिल्म में खलनायक की भूमिका निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया और बॉलीवुड में एक अलग मुकाम हासिल किया।

सवाल-जवाब

दीपक डोबरियाल का जन्म कब और कहां हुआ था?
दीपक डोबरियाल का जन्म 1 सितंबर 1975 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ था।
दीपक डोबरियाल ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत किससे की थी?
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1994 में प्रसिद्ध थिएटर कलाकार अरविंद गौड़ के साथ रंगमंच से की थी।
दीपक डोबरियाल को किस फिल्म से पहली बड़ी पहचान मिली थी?
उन्हें वर्ष 2006 में आई फिल्म 'ओमकारा' में राजन तिवारी के किरदार से पहली बार बड़ी पहचान मिली थी।
फिल्म 'तनु वेड्स मनु' में दीपक डोबरियाल के किरदार का क्या नाम था?
इस फिल्म में उन्होंने 'पप्पी जी' का प्रसिद्ध किरदार निभाया था।
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