हाल ही में एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान बॉलीवुड गायिका शिल्पा राव की परफॉर्मेंस को अचानक रोके जाने की घटना ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। उस वक्त वह स्टेज पर ही मौजूद थीं, जब अचानक उनका माइक बंद कर दिया गया और स्टेज की लाइट्स भी बुझा दी गईं। इस पूरी घटना के बाद उनके पति ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गहरा दुख व्यक्त किया था और इसे बेहद शर्मनाक तथा दुखदायक करार दिया था। इस ताजा विवाद के बीच आइए जानते हैं इस लोकप्रिय गायिका के अब तक के सफर और जीवन से जुड़ी कुछ खास और दिलचस्प बातों के बारे में।
शुरुआती रिजेक्शन और अपेक्षा राव से शिल्पा बनने की कहानी
आज अपनी सुरीली और अनूठी आवाज से पूरी दुनिया को अपना दीवाना बनाने वाली शिल्पा राव को शुरुआती दिनों में काफी संघर्ष करना पड़ा था। एक समय ऐसा भी था जब उनकी आवाज के कारण उन्हें कई जगहों पर रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी। बहुत कम लोग यह बात जानते हैं कि शिल्पा राव का मूल नाम अपेक्षा राव था और उनका जन्म जमशेदपुर में हुआ था। बॉलीवुड में बतौर प्लेबैक सिंगर अपनी एक अलग पहचान बनाने से पहले उन्होंने अपना नाम अपेक्षा से बदलकर शिल्पा रख लिया था। नाम बदलने के पीछे की वजह बताते हुए उन्होंने एक बार कहा था कि 'शिल्प' शब्द से प्रेरित होकर उन्होंने यह नाम चुना था, क्योंकि यह उन्हें उनकी कला के सबसे करीब महसूस कराता था।
विज्ञापन की दुनिया से लेकर शंकर महादेवन का मार्गदर्शन
फिल्म इंडस्ट्री में अपनी खास जगह बनाने से पहले शिल्पा राव का संगीत का सफर काफी छोटे-छोटे कदमों से शुरू हुआ था। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने करीब तीन साल तक विज्ञापनों के लिए जिंगल रिकॉर्ड करने का काम किया। उस दौर में उनकी आवाज देश के तमाम घरों तक पहुंच रही थी, लेकिन इसके बावजूद बहुत कम लोग उनके चेहरे या नाम से वाकिफ थे। उन्होंने कैडबरी मंच, सनसिल्क और एंकर जेल जैसे कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों के लिए अपनी आवाज दी थी। इस दौरान उन्हें स्टूडियो में रिकॉर्डिंग की बारीकियों को बेहद करीब से समझने और अपनी वोकल स्किल्स पर काम करने का भरपूर अवसर मिला। उनके इस музыкаल सफर में मशहूर संगीतकार शंकर महादेवन का भी बेहद अहम योगदान रहा है। उनके मार्गदर्शन में काम करते हुए शिल्पा ने कभी भी छोटे स्तर से शुरुआत करने में कोई झिझक महसूस नहीं की और इस अनुभव ने उन्हें तकनीकी तौर पर काफी मजबूत बनाया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और करियर का सबसे बड़ा मोड़
शिल्पा राव का संगीत केवल हिंदी सिनेमा और बॉलीवुड फिल्मों तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फलक पर भी अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने मशहूर सितार वादक अनुष्का शंकर के प्रसिद्ध एल्बम ‘लव लेटर्स’ के लिए अपनी आवाज दी थी। इस एल्बम को वर्ष 2021 में दुनिया के प्रतिष्ठित ग्रैमी अवॉर्ड्स के लिए भी नॉमिनेशन मिला था, जिसने उनके करियर को एक ग्लोबल पहचान दिलाई। वहीं उनके फिल्मी करियर में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन्होंने शाहरुख खान की फिल्म ‘जवान’ के रोमांटिक ट्रैक ‘चलेया’ को अपनी आवाज दी। इस गाने को दर्शकों काार बेशुमार प्यार मिला और इसी गीत के लिए उन्हें 2025 में बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिला। ‘घुंघरू’, ‘बेशरम रंग’, ‘चुट्टामाले’ और ‘ऐ दिल है मुश्किल’ जैसे कई सुपरहिट गानों ने उन्हें आज इस मुकाम पर पहुंचाया है।




















