लोकप्रिय रियलिटी शो बिग बॉस २० के घर के अंदर चल रहे घटनाक्रम के बीच कंटेस्टेंट लव गिल को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। हाल ही में प्रसारित हुए वीकेंड का वार एपिसोड में लव गिल के ऊपर कई तरह के सवाल उठाए गए थे, जिसके बाद उनकी आधिकारिक प्रबंधन टीम ने एक कड़ा बयान जारी किया है। टीम ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर सरेआम चरित्र हनन किए जाने की तीखी आलोचना की है और समाज में मौजूद दोहरे रवैये पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
वीकेंड का वार में क्या हुआ था
हाल ही के एपिसोड में यूट्यूबर स्काउट ओपी की पार्टनर काशवी हिरानंदानी ने घर के भीतर कदम रखा था। शो की कमान संभाल रहे रोहित शेट्टी ने पहले ही स्काउट और लव गिल की बढ़ती नजदीकियों को लेकर बात छेड़ी थी। इसके बाद घर के अंदर पहुंचीं काशवी ने दोनों को जमकर खरी-खोटी सुनाई और इस पूरे मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान लव गिल की तरफ से उठाए गए कदमों को लेकर घर के बाहर भी बहस छिड़ गई।
लव गिल की टीम का आधिकारिक बयान
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद लव गिल की टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए एक विस्तृत बयान साझा किया है। टीम ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हर इंसान की सहनशक्ति की एक सीमा होती है और नेशनल टेलीविजन पर एक अकेली लड़की को इस तरह निशाना बनते देखना बेहद पीड़ादायक था। बयान में कहा गया कि लव गिल अपने बचाव में कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं थीं और इस स्थिति ने उनके परिवार को अंदर से तोड़कर रख दिया है।
मां के दर्द और सामाजिक दोहरेपन पर सवाल
टीम ने आगे लिखा कि घर पर बैठकर अपनी बेटी की ऐसी बदनामी देखना किसी भी मां के लिए कितना कठिन रहा होगा। सोशल मीडिया पर लाइक्स, व्यूज और टीआरपी बटोरने के लिए लोग बिना सोचे-समझे किसी की भावनाओं से खेल रहे हैं। टीम का यह भी कहना था कि शुरुआत से ही लव गिल ने अपनी सीमाएं तय कर रखी थीं और वह स्काउट को अपने भाई की तरह मानती थीं। जैसे ही सामने वाले व्यक्ति ने उन सीमाओं को तोड़ा और भावनाओं का इजहार किया, समाज ने हमेशा की तरह सारा दोष लड़की के सिर मढ़ दिया।
सम्मान और न्याय की मांग
आधिकारिक बयान के अंत में टीम ने जोर देकर कहा कि किसी भी महिला को पुरुष के फैसलों की सजा नहीं मिलनी चाहिए। शो के मंच पर लव गिल को न्याय और सहानुभूति मिलने के बजाय खुलेआम अपमान का सामना करना पड़ा है। परिवार और शुभचिंतकों का मानना है कि इस तरह का सार्वजनिक चरित्र हनन किसी भी लिहाज से स्वीकार्य नहीं है और हर प्रतियोगी सम्मान का हकदार होता है।
















