रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने लोकप्रिय चैट शो ‘कॉफी विद करण’ के हालिया एपिसोड में शिरकत की थी। इस एपिसोड के टेलिकास्ट होने और सोशल मीडिया पर क्लिप्स वायरल होने के बाद से ही रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा दोनों ही ऑनलाइन ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए। कभी अपने कथित रिलेशनशिप को लेकर तो कभी अपनी भाषा और लहजे को लेकर रश्मिका लगातार सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना कर रही हैं। इस पूरे विवाद के बीच मशहूर गीतकार जावेद अख्तर के बाद अब अभिनेत्री मधु भी रश्मिका के समर्थन में सामने आई हैं। मधु ने खुलकर रश्मिका की भाषा और लहजे का बचाव करते हुए कहा है कि वह साउथ इंडियन हैं और इस बात को गर्व से स्वीकार करती हैं, जबकि उन्होंने अपने शुरुआती फिल्मी दिनों के कड़े संघर्षों को भी याद किया है।
कॉफी विद करण में उठा था भाषा और एक्सेंट का मुद्दा
दरअसल, ‘कॉफी विद करण’ शो के दौरान रश्मिका मंदाना ने अपने उच्चारण, भाषा और ऑन-स्क्रीन परफॉर्मेंस को लेकर सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग पर खुलकर बात की थी। अभिनेत्री ने शो में स्पष्ट किया था कि वह दक्षिण भारत से ताल्लुक रखती हैं, जिसकी वजह से उनकी हिंदी में स्वाभाविक रूप से साउथ इंडियन लहजा या एक्सेंट झलकता ही है। इसी बात को लेकर ऑनलाइन यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया था, जिस पर अब अभिनेत्री मधु ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और रश्मिका के बेबाक अंदाज की जमकर तारीफ की है।
मधु ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर की तारीफ
रश्मिका मंदाना का समर्थन करते हुए अभिनेत्री मधु ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो में उन्होंने फिल्ममेकर करण जौहर के मशहूर टॉक शो ‘कॉफी विद करण’ में रश्मिका की मौजूदगी और उनके बयानों पर विस्तार से चर्चा की है। मधु ने उस तरीके की विशेष रूप से प्रशंसा की, जिससे रश्मिका ने अपने एक्सेंट पर होने वाली आलोचनाओं का सामना किया और करारा जवाब दिया। इंस्टाग्राम पर madhoo_rockstar हैंडल से यह वीडियो साझा किया गया है, जिसमें उन्होंने इंडस्ट्री के शुरुआती दिनों के अनुभवों को भी साझा किया है।
रश्मिका के जवाब देने के अंदाज की दीवानी हुईं मधु
मधु ने वीडियो में कहा कि उन्होंने हाल ही में ‘कॉफी विद करण’ देखा और उन्हें वह अंदाज बेहद पसंद आया जिससे रश्मिका ने अपने एक्सेंट की आलोचना को संभाला। मधु के अनुसार, रश्मिका लोगों की आलोचनाओं पर खुलकर हंसती हैं, गर्व से खुद को साउथ इंडियन बताती हैं और अपने लहजे को बिना किसी झिझक के स्वीकार करती हैं, जो एक सच्चे कलाकार की निशानी है। मधु का मानना है कि अपनी जड़ों को इस तरह खुले तौर पर गले लगाना हर किसी के बस की बात नहीं होती है और रश्मिका ने इसे बहुत ही शानदार तरीके से हैंडल किया है।
अपने शुरुआती दौर के संघर्षों को किया याद
अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए अजय देवगन की हीरोइन रहीं मधु ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शुरुआती दौर की कठिनाइयों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कई साल पहले जब उन्होंने हिंदी सिनेमा में बतौर अभिनेत्री कदम रखा था, तो वह साउथ इंडियन होने के कारण मिलने वाले जजमेंट से बेहद डरी रहती थीं। उन्हें हमेशा इस बात का डर सताता रहता था कि लोग उनके एक्सेंट की वजह से उन्हें आंकेंगे। इस डर से निपटने के लिए उन्होंने अतिरिक्त मेहनत की थी, यहां तक कि एक उर्दू टीचर भी रखा था और खुद को हिंदी भाषा में बेहतर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए थे, ताकि उनके लहजे की वजह से उन्हें कोई पकड़ न सके।
30 से 35 साल के लंबे सफर के बाद आया यह आत्मविश्वास
मधु ने अपने फिल्मी सफर के बारे में बात करते हुए आगे कहा कि अगर उनकी आवाज में थोड़ा सा भी साउथ इंडियन टच आ जाता था, तो वह घबरा जाती थीं। जब लोग उनसे कहते थे कि उनकी हिंदी शुद्ध हिंदी बोलने वालों से भी बेहतर है, तो उन्हें बहुत गर्व महसूस होता था और यही उनकी पूरी जर्नी रही है। आज उन्हें यह कहते हुए बेहद गर्व होता है कि वह साउथ इंडियन हैं और अगर हिंदी बोलते वक्त उनसे कोई गलती होती है या उनके एक्सेंट में दक्षिण भारतीय लहजा झलकता है, तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने और यह आत्मविश्वास हासिल करने में उन्हें 30 से 35 साल का लंबा समय लग गया है। अंत में उन्होंने रश्मिका को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह जैसी हैं, बिल्कुल वैसी ही बनी रहें क्योंकि वह सचमुच एक स्टार हैं।



















